अमेरिका में तीन नवंबर को मिडटर्म चुनाव होने वाले हैं और चुनाव से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक अनोखा ऐलान किया है। ट्रंप ने अपने ट्रूथ सोशल मीडिया हैंडल से पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने कहा है कि जो भी व्यक्ति पिछले चुनावों या आगामी 2026 मिडटर्म चुनाव में वोटर फ्रॉड से जुड़ी ऐसी जानकारी देगा, जिसके आधार पर दोषियों की गिरफ्तारी और सजा होगी, उसे 10 लाख अमेरिकी डॉलर का इनाम दिया जाएगा। ट्रंप का ये बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राजनीति में चुनावी पारदर्शिता, प्रशासनिक प्रदर्शन और संसद के नियंत्रण को लेकर बहस तेज है।
ट्रंप ने क्या ऐलान किया है?
पिछले चुनावों या आने वाले 2026 के मध्यावधि चुनावों में, अगर कोई मतदाता धोखाधड़ी (वोटर फ्रॉड) की रिपोर्ट करता है, तो धोखाधड़ी करने वालों की गिरफ्तारी और उन्हें दोषी ठहराए जाने पर उस व्यक्ति को 1,000,000 डॉलर दिए जाएंगे! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद। राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प

क्यों कराए जाते हैं मिड-टर्म चुनाव?
अमेरिकी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल का होता है, जबकि कांग्रेस (संसद) के दोनों सदनों के सदस्यों का कार्यकाल अलग-अलग तय होता है। प्रतिनिधि सभा के सभी 435 सदस्यों का चुनाव हर दो साल पर होता है। यानी राष्ट्रपति के चुनाव के साथ भी और ठीक दो साल बाद मिड-टर्म में भी। सीनेट, जिसमें 100 सीटें होती हैं और सीनेटर्स का कार्यकाल 6 साल का होता है। हर दो साल पर एक-तिहाई यानी लगभग 33 से 35 सीटों पर चुनाव होते हैं।
अमेरिकी इतिहास का कड़वा सच
अमेरिकी इतिहास का यह एक ऐसा कड़वा सच है जिसे 'मिड-टर्म का अभिशाप' कहा जाता है। अमूमन देखा गया है कि जो पार्टी व्हाइट हाउस में होती है यानी राष्ट्रपति की पार्टी, उसे मिड-टर्म चुनावों में हार का सामना करना ही पड़ता है। इतिहास की बात तो हो गई, अब कुछ उदाहरण भी देखते हैं। देखिए समय था 2010 का... जब अमेरिका के राष्ट्रपति थे बराक ओबामा। उस समय भी जब अमेरिका में मिड-टर्म चुनाव हुआ, तब डेमोक्रेटिक पार्टी को भारी तबाही झेलनी पड़ी थी और ओबामा के शब्दों में यह उनकी पार्टी के लिए एक 'शेलैकिंग' यानी बड़ी हार थी, जहां उनकी पार्टी को हाउस में 63 सीटें गंवानी पड़ी थीं।
ये भी पढ़ें:
'8 युद्ध रुकवाया, फिर भी नोबेल प्राइज नहीं मिला', ट्रंप का छलका दर्द, भारत-पाकिस्तान संघर्ष का किया जिक्र