
वॉशिंगटन: भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस ने 2020 में अमेरिका में होने वाले राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपनी प्रचार मुहिम शुरू कर दी है। चुनाव प्रचार के दौरान लोगों को संबोधित करते हुए हैरिस ने रविवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों की भरसक आलोचना की और आरोप लगाया कि अमेरिकी लोकतंत्र पर पहले कभी इस तरह हमला नहीं हुआ। कमला हैरिस ने पढ़ाई के लिए तमिलनाडु से अमेरिका आई अपनी मां श्यामला गोपालन के लड़ने के जज्बे को याद करते हुए कहा कि ट्रंप के खिलाफ चुनाव लड़ना आसान नहीं होगा।
उन्होंने अपने गृहनगर ओकलैंड में 30 मिनट के अपने प्रभावशाली भाषण में कहा, ‘मेरा मां कहा करती थीं कि हाथ पर हाथ रखकर बैठने और शिकायत करने से काम नहीं चलेगा। कुछ करो।’ 54 वर्षीय हैरिस ने करीब 20,000 लोगों की भीड़ के सामने कहा, ‘अपनी मां से मिले लड़ने के जज्बे के साथ, मैं आज आपके सामने खड़े होकर अमेरिका के राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनने के लिए अपनी दावेदारी की घोषणा करती हूं। मैं इस चुनाव में इसलिए लड़ रही हूं, क्योंकि मैं अपने देश से प्रेम करती हूं।’
हैरिस ने राष्ट्रपति पद के चुनाव में डेमोक्रिट पार्टी का उम्मीदवार बनने की अपनी दावेदारी की घोषणा मार्टिन लूथर किंग जूनियर दिवस पर पिछले सोमवार की थी। हैरिस ने राष्ट्रपति पद के पूर्व उम्मीदवार रॉबर्ट केनेडी का हवाला देते हुए कहा कि ट्रंप को चुनौती देना आसान नहीं होगा। हैरिस ने राष्ट्रपति चुने जाने पर शिक्षा और स्वास्थ्यसेवा क्षेत्र में काम करने का वादा किया। हैरिस ने अमेरिका के साथ लगती मेक्सिको की सीमा पर दीवार बनाने की योजना को लेकर ट्रंप को आड़े हाथों लिया।
उन्होंने कहा, ‘हम इस समय दुनिया के इतिहास में एक नए मोड़ पर हैं। हम हमारे देश के इतिहास में एक नए मोड़ पर हैं। हम यहां इसलिए हैं क्योंकि अमेरिकी सपने और अमेरिकी लोकतंत्र पर इस तरह पहले कभी हमला नहीं हुआ। हम इस समय इस मोड़ पर इसलिए हैं क्योंकि हमें एक मौलिक प्रश्न का उत्तर देना होगा कि हम कौन हैं? अमेरिकियों के तौर पर हम कौन हैं? तो आइए दुनिया और एक दूसरे को अभी और इसी वक्त इस प्रश्न का उत्तर दें। हमारा अमेरिका वह नहीं है, जहां हमारे नेता स्वतंत्र प्रेस और हमारी लोकतांत्रिक संस्थाओं पर हमला करते हैं।’ हैरिस ने ट्रंप की विदेश नीति को लेकर भी उनकी आलोचना की।