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मॉस्को में व्लादिमीर पुतिन से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर, किन मुद्दों पर चर्चा हुई?

 Written By: Subhash Kumar
 Published : Aug 24, 2026 05:31 pm IST,  Updated : Aug 24, 2026 07:05 pm IST

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है। जयशंकर ने जानकारी दी है कि पीएम मोदी ने पुतिन के लिए एक निजी संदेश भी भेजा है।

S Jaishankar meets Russian President Vladimir Putin - India TV Hindi
राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मिले विदेश मंत्री एस जयशंकर। Image Source : ANI

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस की दो दिवसीय यात्रा के लिए रूस की राजधानी मॉस्को पहुंच गए हैं। सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की है। इसके बाद जयशंकर ने व्लादिमीर पुतिन समेत रूस के अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में हिस्सा लिया।आपको बता दें कि एस जयशंकर द्विपक्षीय व्यापार एवं निवेश संबंधों समेत विभिन्न मुद्दों पर वार्ता के लिए दो दिनों के लिए मॉस्को की यात्रा पर पहुंचे हैं।

पुतिन से क्या बोले एस जयशंकर?

व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा- "मैं अपनी बात की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की शुभकामनाओं के साथ करना चाहता हूं। पीएम मोदी ने मुझे एक निजी संदेश दिया है जिसे मैं आपको सौंपना चाहता हूं। हमारी इंटरगवर्नमेंटल कमीशन की बैठक हुई। मुझे लगता है कि कुल मिलाकर हमारे पास आपको देने के लिए एक अच्छी रिपोर्ट है। मुझे लगता है कि हमारे आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु और अन्य क्षेत्रों में भी काफी प्रगति हुई है और मुझे इनके बारे में विस्तार से बात करने में खुशी होगी। कुल मिलाकर, मुझे लगता है कि हमारा आर्थिक सहयोग काफी बढ़ा है।"

SCO और BRICS समिट की भी चर्चा

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से कहा- "प्रधानमंत्री मोदी SCO समिट में आपसे मिलने, फिर BRICS समिट के लिए भारत में आपका स्वागत करने और समय आने पर, आपकी आपसी सुविधा के अनुसार, सालाना समिट करने के लिए उत्सुक हैं। इसलिए हमारे पास पेश करने के लिए सहयोग की एक बहुत मजबूत तस्वीर है।" आपको बता दें कि भारत की राजधानी नई दिल्ली में इस साल 12–13 सितंबर को BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जाना निर्धारित है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी इस बैठक में भाग लेने के लिए भारत की यात्रा पर आएंगे।

व्लादिमीर पुतिन ने क्या कहा?

एस जयशंकर के साथ बैठक के दौरान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा- "आपकी यात्रा रूस और भारत के बीच दशकों से बने संबंधों के लेवल को दर्शाती है। भारत और रूस करीब सभी सेक्टर में साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें सरकारी संबंध, संसदीय संबंध और आर्थिक सहयोग भी शामिल हैं। मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस साल हमारे व्यापार में बढ़ोतरी हुई है। पिछले साल इसमें थोड़ी कमी आई थी, लेकिन इस साल यह बढ़ रहा है, और इसका क्रेडिट आंशिक रूप से, और शायद मुख्य रूप से, प्रधानमंत्री मोदी को जाता है, जो रूस-भारत संबंधों को बेहतर बनाने पर पर्सनली ध्यान दे रहे हैं। बातचीत की शुरुआत में, मैं आपसे अनुरोध करना चाहता हूं कि आप पीएम मोदी तक मेरी शुभकामनाएं पहुंचाएं। मुझे उम्मीद है कि शंघाई सहयोग संगठन के तहत योजना के मुताबिक, मैं जल्द ही उनसे मुलाकात कर सकूंगा। हमारा कार्यक्रम ऐसा है कि हम शायद इस साल फिर से मिल पाएंगे। मुझे पता है कि आपने और आपके रूसी समकक्ष, रूसी उप-प्रधानमंत्री मंतुरोवने पहले ही कड़ी मेहनत की है और सबसे जरूरी मुद्दों पर चर्चा की है। ऐसे कई मुद्दे हैं। इनमें से एक मुद्दा सिर्फ़ ऊर्जा का नहीं है-बल्कि निश्चित रूप से, फर्टिलाइजर की सप्लाई का भी है। हम भारतीय किसानों और कृषि के लिए इस मुद्दे को हल करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। हम फर्टिलाइजर की सप्लाई को बढ़ा रहे हैं और आगे भी ऐसा करने के लिए तैयार हैं। परमाणु ऊर्जा, हाई-टेक क्षेत्रों में सहयोग और अन्य क्षेत्रों से संबंधित सभी अन्य मुद्दे, ये सभी एजेंडे में शामिल हैं, और इनमें काफी अच्छी गति से प्रगति हो रही है।"

सर्गेई लावरोव से भी मिलेंगे एस जयशंकर

सामने आई जानकारी के अनुसार, विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस की यात्रा के दौरान यहां के प्रथम उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के साथ मिलकर व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग पर भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक की सह-अध्यक्षता की। मंतुरोव के साथ एक कार्यक्रम में एस जयशंकर ने कहा, "भारत और रूस की साझेदारी ने निरंतर मजबूती और परिस्थितियों के अनुसार ढलने की क्षमता दिखाई है। दुनिया में जारी जटिल माहौल के बाद भी हमारे संबंध लगातार गहरे हुए हैं। ये हमारी द्विपक्षीय साझेदारी को परिभाषित करने वाले आपसी हितों और भरोसे को दर्शाता है।"  एक आधिकारिक बयान में जानकारी दी गई है कि एस जयशंकर अपने समकक्ष और रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों नेता क्षेत्रीय एवं वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।

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