
बैंकॉक: म्यांमा के हालात लगातार नाजुक बने हुए हैं। यहां तख्तापलट के बाद से ही आर्मी का शासन चल रहा है। मगर इस दौरान म्यांमा के लोकतंत्र समर्थक मुख्य प्रतिरोध समूह ने बृहस्पतिवार को राजधानी के कई ठिकानों पर हमला कर दिया है। हमले का मकसद मौजूदा सैन्य शासन के सामने अपनी ताकत का एहसास कराना था। कहा कि उसकी सशस्त्र इकाई ने हवाई अड्डे और राजधानी नेपीता में एक सैन्य मुख्यालय पर ड्रोन हमले किए, लेकिन देश की सत्तारूढ़ सेना ने कहा कि उसने हमला करने वाले ड्रोन को नष्ट कर दिया।
विपक्षी राष्ट्रीय एकता सरकार के “रक्षा मंत्रालय” ने एक बयान में कहा कि ‘पीपुल्स डिफेंस फोर्स’ की विशेष इकाइयों ने लक्ष्यों पर एक साथ हमला करने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया। एनयूजी के संक्षिप्त नाम से जाने जाने वाला समूह खुद को देश की वैध सरकार कहता है, जबकि पीपुल्स डिफेंस फोर्स काफी हद तक स्वायत्तता वाले कई स्थानीय प्रतिरोध समूहों से बनी है। एनयूजी ने कहा कि हताहतों को लेकर खबरें हैं। देश की सेना ने कहा कि उसने सात ड्रोन मार गिराए और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है।
फरवरी 2021 से जारी है उथल-पुथल
म्यांमा में हमले के अधिकांश विवरणों को स्वतंत्र रूप से सत्यापित करना संभव नहीं था। फरवरी 2021 में सेना द्वारा आंग सान सू ची की निर्वाचित असैन्य सरकार से सत्ता छीनने के बाद से म्यांमा में उथल-पुथल मची हुई है। इस घटनाक्रम के बाद से राष्ट्रव्यापी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया, जिसे सुरक्षा बलों ने बलपूर्वक दबा दिया, जिसके परिणामस्वरूप सशस्त्र प्रतिरोध हुआ जो गृह युद्ध के समान था। (एपी)
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