
भारत के पड़ोसी देश म्यांमार में बीते शुक्रवार को आए 7.7 तीव्रता के भूकंप ने तबाही ला दी है। देशभर में हजारों की संख्या में लोगों की मौत हुई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हैं। भारत समेत विभिन्न देश म्यांमार की मदद कर रहे हैं और वहां रेस्क्यू ऑपरेशन भी चला रहे हैं। इन सब के बीच अब भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO ने म्यांमार में आए भूकंप से हुए व्यापक नुकसान की सैटेलाइट तस्वीरें जारी की हैं।
इसरो ने कार्टोसैट-3 से ली तस्वीरें
इसरो ने अपने सबसे बेहतर अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट कार्टोसैट-3 का उपयोग करते हुए धरती से 500 किलोमीटर की ऊँचाई से म्यांमार में तबाही की तस्वीरें ली हैं। बता दें कि इसरो का कार्टोसैट-3 50 सेंटीमीटर से कम रिज़ॉल्यूशन पर तस्वीरें लेने में मदद कर सकता है। अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, कार्टोसैट-3 को 2019 में लॉन्च किया गया था। ये तीसरी पीढ़ी का उन्नत अर्थ इमेजिंग सैटेलाइट है।
2,000 से अधिक लोगों की मौत
म्यांमार में आए 7.7 तीव्रता के भूकंप के कारण अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो गयी और 3,900 अन्य घायल हुए हैं। मस्जिदों में नमाज अदा कर रहे सैकड़ों मुसलमानों की भूकंप में मौत हो गई और एक मठ के ढहने से 270 बौद्ध भिक्षुओं की भी मौत हो गई। एक प्री-स्कूल कक्षा के ढह जाने से पचास बच्चों की मौत हो गई। संयुक्त राष्ट्र मानवीय सहायता एजेंसी के मुताबिक, मध्य और उत्तर-पश्चिमी म्यांमा में 10,000 से ज़्यादा इमारतें ढह गई हैं या बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हैं।
बुनियादी ढांचे, सड़कें और आवासीय इमारतें ढह गईं
भूकंप ने म्यांमार की राजधानी नेपीडॉ और अन्य क्षेत्रों को भी हिलाकर रख दिया, जिसके परिणामस्वरूप बुनियादी ढांचे, सड़कें और आवासीय इमारतें ढह गईं। भूकंप के झटके न केवल म्यांमार में बल्कि पड़ोसी देशों और चियांग माई और थाईलैंड के उत्तरी हिस्सों में भी महसूस किए गए, जहाँ कुछ स्थानों पर नुकसान की सूचना मिली। शहर के पास इरावदी नदी पर ऐतिहासिक अवा (इनवा) पुल ढह गया।
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