इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार ने रावलपिंडी में स्थित कृष्ण मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं इसके विस्तार के लिए 2 करोड़ रुपये की रकम जारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदू संगठनों ने इसकी मांग करते हुए कहा था कि धार्मिक आयोजनों के समय इस मंदिर में भीड़ को व्यवस्थित रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। गौरतलब है कि रावलपिंडी और इस्लामाबाद शहरों में केवल कृष्ण मंदिर ही ऐसा एकमात्र मंदिर है जो श्रद्धालुओं के लिए खुला है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मंदिर में हर दिन सुबह और शाम 2 बार आरती की जाती है जिसमें 6 से 7 लोग उपस्थित रहते हैं। पाकिस्तानी अखबार डॉन ने इवैक्यूई ट्रस्ट प्रॉपर्टी बोर्ड (ETPB) उप प्रशासक मोहम्मद आसिफ के हवाले से बताया है कि प्रांतीय एसेंबली के एक सदस्य के आग्रह पर सरकार ने 2 करोड़ रूपये जारी किए हैं। अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक, आसिफ ने बताया कि मंदिर का सौंदर्यीकरण कार्य शीघ्र शुरू होगा। एक टीम ने स्थल का दौरा किया है और कार्य शुरू करने की योजना बताई। जहां पर प्रतिमाएं रखी गयी हैं, उस मुख्य कक्ष को सौंदर्यीकरण की समाप्ति तक बंद रखा जाएगा।
आसिफ के हवाले से अखबार ने बताया है,‘एक बार सौंदर्यीकरण का काम पूरा हो जाएगा तो यहां और लोगों के एकत्र होने के लिए जगह हो जाएगी।’ अधिकारी ने बताया कि मंदिर में जगह होने से आसपास के दोनों शहरों और नजदीकी इलाकों के श्रद्धालुओं को सुविधा हो जाएगी। कांजी मल और उजागर मल राचपाल ने 1897 में इस मंदिर का निर्माण करवाया था। भारत के बंटवारे के बाद सदर की एक गली में स्थित मंदिर ही हिंदुओं की पूजा-अर्चना के लिए एकमात्र स्थान बचा था। हालांकि 1949 में कृष्ण मंदिर को दोबारा खोल दिया गया।