गाजाः इजरायल की वायुसेना (आईएएफ) ने गाजा में हमास के 1200 से अधिक आतंकवादी ठिकानों पर बड़ा हमला किया है। इनमें हमास आतंकियों की कई सुरंगे भी शामिल हैं। ये हमले 350 से अधिक लड़ाकू विमानों और एयरक्राफ्ट द्वारा किया गया। इजरायली सेना के अनुसार इस हमले में हमास के 15 बड़े आतंकी मारे गए हैं। जबकि 100 से अधिक ने सरेंडर कर दिया है। ये सभी इजरायल पर 7 अक्तूबर 2023 को हमला करने के दोषी थे।
इजरायली सेना ने बताया कि हमास के साथ गाजा युद्ध विराम टूटने के बाद यह हमला 18 मार्च से शुरू किया गया। इसमें अब तक 100 आतंकी ठिकाने पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। इसके साथ ही गाजा में आतंकवादी संगठनों के सैकड़ों आतंकवादियों और सैन्य कमांडरों को निष्प्रभावी किया गया है। मारे गए आतंकियों में 7 अक्टूबर को इजरायली क्षेत्र में घुसपैठ करने वाले 15 कंपनी कमांडर और अन्य आतंकवादी शामिल हैं। आईडीएफ ने कहा, जहां भी आवश्यक होगा हमास के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेंगे।
गाजा में डटी रहेगी इजरायली सेना
इजरायल के रक्षा मंत्री ने बुधवार को कहा कि सैनिक गाजा पट्टी में तथाकथित सुरक्षा क्षेत्रों, लेबनान और सीरिया में अनिश्चितकाल तक बने रहेंगे। ‘इजरायल कैट्ज’ ने एक बयान में कहा, ‘‘पूर्व की तरह (इजरायली सेना) उन क्षेत्रों से नहीं हटने जा रही है जिन्हें खाली करा दिया गया है और कब्जा कर लिया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सेना लेबनान और सीरिया की तरह गाजा में किसी भी अस्थायी या स्थायी स्थिति में दुश्मन और (इजरायली) समुदायों के बीच सुरक्षा प्रदान करने के लिए ढाल के रूप में सुरक्षा क्षेत्रों में बनी रहेगी।’’
गाजा पर इजरायली सेना का कब्जा
पिछले महीने इजरायल द्वारा युद्ध विराम समाप्त करने के बाद हमास पर बंधकों को रिहा करने के लिए दबाव बनाने के वास्ते इजराइली बलों ने हाल के हफ्तों में गाजा के बड़े क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया है। इजराइल ने पिछले साल हिज्बुल्ला समूह के साथ युद्ध विराम के बाद लेबनान के कुछ क्षेत्रों से हटने से भी इनकार कर दिया है और राष्ट्रपति बशर असद को उखाड़ फेंकने के बाद उसने दक्षिणी सीरिया में एक ‘बफर जोन’ (संवेदनशील इलाकों को बाहरी दबावों से बचाने के लिए बनाया गया तटस्थ क्षेत्र) पर कब्जा कर लिया है। इजराइल का कहना है कि वह हमास के सात अक्टूबर, 2023 के हमले की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए ऐसे क्षेत्रों पर नियंत्रण बनाए रखेगा। इस हमले में हजारों आतंकवादी गाजा से दक्षिणी इजरायल में घुस आए थे।