आचार्य चाणक्य कहते हैं कि जुए की लत खाई के समान है
Image Source : Freepik जो मनुष्य जुए में लिप्त रहता है उसके काम पूरे नहीं होते हैं
Image Source : Freepik जो मनुष्य जुए की लत में पड़ जाता है, वह अपना सब कुछ बर्बाद कर देता है
Image Source : Freepik जुए की चपेट में आकर व्यक्ति अपना वर्तमान और भविष्य दांव पर लगा देता है
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