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लखनऊ वन विभाग की खास पहल, 37 लाख पौधे लगाने की तैयारी, बंदरों के लिए होगी खाने की व्यवस्था

लखनऊ वन विभाग की टीम अब लखनऊ को हरा भरा बनाने में जुट चुकी है। दरअसल वन विभाग की टीम 37 लाख पौधे लगाने वाली है। इसके तहत चार उद्यान बनाए जाएंगे, जिसमें 37 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसमें एक वानर वाटिका बनाया जाएगा, जिसमें बंदरों के खाने की व्यवस्था होगी।

Written By: Avinash Rai @RaisahabUp61
Published : Jun 30, 2024 04:46 pm IST, Updated : Jun 30, 2024 04:46 pm IST
Lucknow Forest Department Special initiative preparation to plant 37 lakh saplings food will be arra- India TV Hindi
Image Source : ANI लखनऊ वन विभाग

वन विभाग लखनऊ को अब हरा-भरा बनाए जाने की कवायद तेज हो गई है। दरअसल इसके लिए वन विभाग की टीम द्वारा 37 लाख पौधे लगाए जाएंगे। इसके तहत चार उद्यान बनाए जाएंगे, जिनमें हेरिटेज टी वाटिका, वानर वाटिका, शक्ति वाटिका और आय़ुष वाटिका शामिल है। वानर वाटिका में ऐसे पौधे लगाए जाएंगे जो बंदरों के लिए भोजन उपलब्ध कराएंगे। बता दें कि बीते दिनों खबर आई थी कि पेड़ों की कटाई के कारण कम हो रहे जंगलों को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की टीम जौनपुर, गाजीपुर और वाराणसी में भी 5 वन वाटिका बनाने की तैयारी में लगी हुई है।

यूपी में बनाए जा रहे वन वाटिका

इन वन वाटिकाओं में उन वृक्षों को सहेज कर रखा जाएगा, जो धीरे-धीरे गायब हो रहे हैं। ये वृक्ष फलदार और छायादार रहेंगे, ताकि लोगों को हरियाली और साफ हवा मिल सके। इसके तहत गाजीपुर जिले के जमानिया इलाके में वन विभाग की टीम 0.5 हेक्टेयर भूमि पर 35 हजार पौधे लगाने वाली है। वहीं इसमें बिहार वन और वाराणसी मंडल के वन विभाग एकसाथ मिलकर काम करेंगे। बता दें कि इसमें बिहार के वन विभाग को 17 हजार और वाराणसी मंडल के वन विभाग को 17 हजार पौधे लगाने हैं। इन वृक्षों में पाकड़, पीपल, शीशम, अमरूद, नीम, गुड़हल, लेमन ग्रास, खास घास इत्यादि पौधे लगाए जाएंगे।

मियावाकी पद्धति का होगा इस्तेमाल

इन वनों को अलग-अलग पद्धति से तैयार किया जाएगा। गाजीपुर में मियावाकी पद्धति से वन को तैयार किया जाएगा। यहां देसी पौधों से घने जंगल तैयार किए जाएंगे। गाजीपुर के वन में वो पेड़ पौधे लगाए जाएंगे जो आम जीवन के लिए लाभकारी होंगे। इस  विधि के जरिए कम से कम समय में घने, देसी और जैव विविधता से भरे हुए जंगल बनाए जा सकते हैं। इससे वन्य जीवों को भी लाभ मिलेगा और लोगों को हरियाली के साथ मौसम में भी लाभ देखने को मिल सकेंगे। इसमें वन विभाग की टीम द्वारा करीब 17 हजार से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। मियावाकी पद्धति से पेड़ 10 गुना तेजी से बढ़ते हैं। 

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