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व्यास तहखाने में पूजा का पहला वीडियो आया सामने, कोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुआ पूजन-अर्चन

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जिला मजिस्ट्रेट सेटलमेंट प्लॉट नं.-9130 स्थित भवन के दक्षिण में स्थित तहखाने में पुजारी से मूर्तियों की पूजा व राग-भोग कराएं। रिसीवर को सात दिन में लोहे की बाड़ का उचित प्रबंध कराने के भी निर्देश दिए गई हैं। वहीं मुकदमे की अगली सुनवाई आठ फरवरी को होगी।

Written By: Sudhanshu Gaur @SudhanshuGaur24
Published : Feb 01, 2024 02:56 pm IST, Updated : Feb 01, 2024 04:28 pm IST
Uttar Pradesh- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV व्यास तहखाने में पूजा

वाराणसी: वाराणसी की जिला अदालत के ज्ञानवापी मस्जिद के व्यासजी तहखाने में पूजा के अधिकार दे दिए हैं। आदेश के कुछ घंटे बाद ही बुधवार को तहखाने में पूजा शुरू हो गई। इस पूजन-अर्चन का पहला वीडियो सामने आया है। वीडियो में दिख रहा है कि एक पुजारी तहखाने में स्थित मंदिर में पूजा कर रहे हैं। बता दें कि आज गुरुवार तड़के मंगला आरती भी हुई। बता दें कि जिला न्यायाधीश डॉ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने बुधवार को ही व्यास परिवार और काशी विश्वनाथ ट्रस्ट बोर्ड के पुजारी से तहखाने में स्थित मूर्तियों की पूजा व राग-भोग कराने का आदेश दिया था।

25 सितंबर को दाखिल हुई थी याचिका 

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि जिला मजिस्ट्रेट सेटलमेंट प्लॉट नं.-9130 स्थित भवन के दक्षिण में स्थित तहखाने में पुजारी से मूर्तियों की पूजा व राग-भोग कराएं। रिसीवर को सात दिन में लोहे की बाड़ का उचित प्रबंध कराने के भी निर्देश दिए गई हैं। वहीं मुकदमे की अगली सुनवाई आठ फरवरी को होगी। इस बीच, वादी व प्रतिवादी पक्ष आपत्तियां प्रस्तुत कर सकते हैं। बता दें कि व्यासजी का तहखाना जिलाधिकारी को सुपुर्द करने की मांग और दिसंबर, 1993 से पहले की तरह पूजा-पाठ की अनुमति के लिए बीते साल 25 सितंबर को शैलेंद्र कुमार पाठक व्यास ने अदालत में वाद दायर किया था।

साल 1993 में लगी थी रोक 

दिसंबर 1993 के बाद ज्ञानवापी के प्रांगण में बेरिकेट वाले क्षेत्र में प्रवेश करने पर रोक लगा दी गई थी जिसके बाद से व्यास जी के तहखाने में पूजा नहीं हो रही थी। राग-भोग संस्कार भी रुक गए थे। हिंदू पक्ष ने कोर्ट में इस बात का भी दावा किया कि ब्रिटिश शासन काल में भी यहां पूजा होती थी। हिंदू धर्म की पूजा से संबंधित सामग्री और बहुत सी प्राचीन मूर्तियां और धार्मिक महत्व की अन्य सामग्री उक्त तहखाने में मौजूद है।

काशी विश्वनाथ ट्रस्ट कराएगा पूजा का कार्य

जिला जज अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत ने तहखाने में पूजा पाठ करने का अधिकार व्यास जी के नाती शैलेन्द्र पाठक को दे दिया है। जिला जज ने अपने आदेश में जिलाधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा है कि वादी शैलेन्द्र व्यास तथा काशी विश्वनाथ ट्रस्ट द्वारा तय किये गए पुजारी से व्यास जी के तहखाने में स्थित मूर्तियों की पूजा और राग भोग कराए जाने की व्यवस्था सात दिन के भीतर कराएं। पूजा कराने का कार्य काशी विश्वनाथ ट्रस्ट करेगा। ज्ञानवापी मस्जिद के वजूखाने के समक्ष बैठे नंदी महाराज के सामने लगी बैरीकेडिंग को हटाकर रास्ता खोला जाएगा। 

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