इजरायल-हमास युद्ध के बीच लाल सागर में यमन के हमलों ने तीसरे विश्वयुद्ध की चिंगारी भड़का दी है। अमेरिका, फ्रांस और जापान जैसे देश अब आतंकी हमलों का जवाब देने के लिए अपने युद्धपोतों को जवाबी कार्रवाई के लिए एक्टिव कर चुके हैं। इससे लाल सागर में उथल-पुथल मच गई है। भारत हर हालात पर निगरानी रख रहा है।
जापानी सैनिकों द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध में मौज-मस्ती और शारीरिक भूख मिटाने के लिए 2 लाख से अधिक विदेशी युवतियों को सेक्स गुलाम यानि यौन गुलाम बनाया गया था। इसमें से ज्यादातर लड़कियां दक्षिण कोरिया की थीं। अब करीब 80 वर्ष बाद कोर्ट ने इस पर बड़ा फैसला देते हुए जापान सरकार को पीड़ितों को मुआवजे के लिए आदेशित किया है।
मिडिल ईस्ट में चल रहा वॉर दिनों दिन दुनिया को दो गुटों में बांटता दिख रहा है...अब तक फिलिस्तीन के हक की बात का हवाला देकर इजराइल विरोधी देश हमास के हमले को जस्टिफाई कर रहे थे...
इजरायल की सेना हमास आतंकियों का सफाया करने का खतरनाक अभियान चला चुकी है। उसके सैकड़ों टैंक गाजा के करीब हैं और ताबड़तोड़ आग के गोले बरसा रहे हैं। गाजा की गगनचुंबी इमारतें ताश के पत्तों की तरह बिखर रही हैं।
Muqabla: हमास हमास का नारा...आतंकी क्यों इतना प्यारा ?
रूस-यूक्रेन युद्ध में परमाणु हमले के इस्तेमाल की आशंका बढ़ने के बाद अब अमेरिका ने भी परमाणु परीक्षण करने का खुला ऐलान कर दिया है। इससे पूरी दुनिया में दहशत फैल गई है। क्या माना जाए कि तीसरे विश्वयुद्ध की घड़ी अब बेहद नजदीक आने वाली है, आखिर अमेरिका को क्यों अचानक परमाणु परीक्षणों की जरूरत पड़ गई।
’ अमेरिका द्वारा छह अगस्त, 1945 को हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम ने शहर को पूरी तरह से तबाह कर दिया था और उसमें 1,40,000 लोग मारे गए थे। इसके तीन दिन बाद नागासाकी पर गिराए गए दूसरे बम में 70,000 लोग मारे गए थे। जापान ने 15 अगस्त, 1945 को आत्मसमर्पण कर दिया, जिससे द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त हो गया।
रूस-यूक्रेन के बाद अब नाइजर और अफ्रीकी देशों के बीच भी युद्ध की चिंगारी भड़क उठी है। नाइजर के सेना जनरल ने अपने सैनिकों और देशवासियों को अफ्रीकी देशों के खिलाफ जंग के लिए तैयार रहने को कहा है। इससे तीसरे विश्वयुद्ध की आशंका बढ़ गई है। अफ्रीकी देशों ने नाइजर सैन्य शासन को अपदस्थ राष्ट्रपति को बहाल करने की चेतावनी दी थी।
दूसरे विश्व युद्ध के दौरान जापान ने अमेरिका के द्वारा परमाणु बम गिराए जाने के बाद सरेंडर कर दिया था, जिसके बाद मंचूरिया तथा ताईवान चीन को वापस सौंप दिए गए थे, जिसे जापान ने प्रथम विश्व युद्ध में उससे लिया था।
अमेरिका ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा से एक बड़ी मदद मांगकर सबको हैरान कर दिया है। यह मामला विश्व युद्ध से जुड़ा है। वर्ष 1939 से 1945 के दौरान हुए युद्ध में अमेरिका विजयी हुआ था। हालांकि इस दौरान उसे भारी नुकसान भी उठाना पड़ा था।
यह जहाज 1 जुलाई 1942 को पापुआ न्यू गिनी से चीन के हेनान जाते समय समुद्र में डूब गया था। इस जापानी जहाज पर हमले के समय अमेरिका की सबमरीन को यह अहसास नहीं था कि इससे युद्ध बंदियों को लेकर जाया जा रहा है।
प्रथम विश्व युद्ध से जुड़ी भारतीय सैनिकों की बहादुरी की यादों को ब्रिटेन हमेशा के लिए संजोये रखना चाहता है। आपको बता दें कि प्रथम विश्वयुद्ध में करीब 15 लाख भारतीय सैनिक ब्रिटिश सेना का हिस्सा बनकर युद्ध लड़ने के लिए फ्रांस भेजे गए थे। भारतीय सैनिकों ने गजब की बहादुरी दिखाई थी।
रूस यूक्रेन युद्ध का 1 वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई अंत होता दिखाई नहीं दे रहा है। ऐसे में दुनिया पहले से ही तीसरे विश्व युद्ध की आशंका से घबरा रही है। मगर अब विश्व के 1 बड़े नेता ने यह भविष्यवाणी कर दी है कि दुनिया को वर्ष 2024 के पहले ही तीसरा विश्व युद्ध झेलना पड़ सकता है।
सीरिया के राष्ट्रपति बसर अल असद ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि अमेरिका सीरिया में आतंकी कैंप चला रहा है। रूस सीरिया संबंधों के बारे में पूछे जाने पर बसर अल असद ने कहा कि पिछले कुछ साल में राष्ट्रपति पुतिन के साथ बैठकें हमेशा महत्वपूर्ण मुद्दों पर हुई हैं।
यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों के खुले समर्थन ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को वैश्विक स्तर पर अपना समर्थन मजबूत करने को मजबूर किया है। तेजी से बदलते वैश्विक हालात के बीच पुतिन ने शी जिनपिंग का साथ मांगा है।
अमेरिका ने चीन के जासूसी गुब्बारे को जबसे फोड़ा है, तब से दोनों देशों के बीच रिश्तों का अंदरूनी गुब्बारा भी फूट गया है। ताइवान पर तनाव के बीच दोनों देश रिश्ते को सामान्य करने की कोशिश में जुटे थे।
रूस-यूक्रेन युद्ध के आरंभ होने के बाद से ही तीसरे विश्वयुद्ध की आशंकाओं ने पूरी दुनिया को घेर रखा है। यूक्रेन पर रूस की ओर से परमाणु हमला किए जाने को लेकर अमेरिका समेत पूरा यूरोप चिंतित है।
अमेरिका, जर्मनी और ब्रिटेन के बाद अब पोलैंड और बेल्जियम भी सीधे यूक्रेन युद्ध में कूद गए हैं। इससे जंग लगातार भीषण से भीषणतम की ओर बढ़ती जा रही है। जबकि इस महीने रूस लगभग यूक्रेन पर हावी हो चुका था। रूसी आक्रमण के आगे यूक्रेनी सेनाएं पस्त हो रही थीं।
5 Cannons found in Hooghly River Used in First World War: प्रथम विश्वयुद्ध को समाप्त हुए करीब 104 वर्षों का समय हो चुका है। मगर आपको जानकर हैरानी होगी कि इस विश्वयुद्ध में इस्तेमाल की गई 5 तोपें भारत के कोलकाता स्थित हुगली नदी से बरामद की गई हैं।
Russia-Ukraine War: पश्चिमी देशों के नेताओं को डर है कि व्लादिमीर पुतिन यूक्रेन बर्बाद करने के लिए फिर से कोई बड़ी योजना बना रहे हैं। डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन और अमेरिकी जासूसों के मुताबिक इस बात की 'विश्वसनीय खुफिया' सूचना है
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