भारत के सशस्त्र बलों ने 'अभ्यास त्रिशूल' शुरू किया है जो कि अंतरिक्ष, साइबर और ड्रोन शक्ति से लैस है। सेना के इस अभ्यास का Video भी सामने आया है।
यूक्रेन के साथ 3 साल के युद्ध में बड़े पैमाने पर सैनिकों के शहीद होने और अपने फाइटर जेटों को खोने के बाद रूस ने युद्ध का तरीका अब बदल दिया है। यूक्रेन पर हमले कि लिए रूस अब शाहेद ड्रोनों का ही इस्तेमाल करेगा।
स्कूल में बच्चों को सिखाया गया है कि हमला होने पर किस तरह से खुद को बचाना है और दूसरे लोगों की भी मदद करनी है। मॉक ड्रिल के वीडियो में बच्चों के जमीन पर लेटे देखा जा सकता है।
भारतीय नौसेना पाकिस्तान के ठीक सामने बड़ा युद्धाभ्यास करने जा रही है। पाकिस्तान को डर सता रहा है कि कहीं इस युद्धाभ्यास की आड़ में कराची पर 1971 के ऑपरेशन ट्राइडेंट जैसा हमला न हो जाए।
किस देश के खिलाफ जंग की तैयारी में जुटा है चीन, जो अपनी क्षमताओं पर बढ़ाने पर फोकस कर रहा है। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अचानक अपनी पीएलए की मिसाइल और रॉकेट ब्रिग्रेड का निरीक्षण करके क्षमताओं को बढ़ाने का आदेश दिया है।
अगर डोनाल्ड ट्रंप दोबारा अमेरिका के राष्ट्रपति बनते हैं तो रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म हो जाएगा। यह दावा ट्रंप काफी पहले से करते रहे हैं। अब ट्रंप से जेलेंस्की की मुलाकात के बाद बदले सुरों से भी यह संकेत मिलने लगे हैं। जेलेंस्की ने कहा कि हमारे और पुतिन के विचार समान हैं कि युद्ध खत्म होना चाहिए।
ताइवान के इर्द-गिर्द चीन ने युद्ध का अभ्यास किया। दो दिनों तक चला युद्धाभ्यास अब समाप्त हो चुका है। इस बाबत ताइवन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि एक समय में 62 लड़ाकू विमानों और 27 युद्धपोतों ने आकाश और समुद्र में हमले का अभ्यास किया।
चीन ने ताइवान का तनाव बढ़ाने के लिए उसके जलडमरूमध्य में दंड अभ्यास शुरू कर दिया है। इससे ताइवान में खलबली मच गई है। चीन ने यह अभ्यास ऐसे वक्त शुरू किया है। जब लाई चिंग-ते ताइवान के नए राष्ट्रपति बने हैं।
उत्तर कोरिया ने एक बार फिर बैलिस्टिक मिसाइल की लांचिंग से अपने पड़ोसी दक्षिण कोरिया की नींद हराम कर दी है। इससे पहले किम जोंग उन अपने इसी अंदाज में तरह-तरह के मिसाइल परीक्षण करते रहते हैं।
उत्तर कोरिया तानाशाह किम जोंग ने जंगी अभ्यास में 'खतरनाक' टैंक दौड़ाकर अमरिका, जापान और दक्षिण कोरिया के होश उड़ा दिए हैं। हाल ही में दक्षिण कोरिया और अमेरिका के जंगी अभ्यास का उत्तर कोरिया ने जंगी अभ्यास में टैंक दौड़ाकर करारा जवाब दिया है।
जर्मनी संग भारत हिंद-प्रशांत में भारी सैनिकों की तैनाती करेगा। भारत और जर्मनी व अन्य यूरोपीय देशों के इस साझा काम से चीन के होश उड़ जाएंगे। इससे भारत और जर्मनी के बीच द्विपक्षीय संबंध भी और मजबूत होंगे।
इजराइल और हमास, रूस और यूक्रेन की जंग के बीच पूर्वी एशिया में एक और जंग का खतरा मंडरा रहा है। खुद उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग को यह डर सता रहा है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया से जंग के खतरे के बीच किम जोंग ने जंग की क्षमता बढ़ाने की बात कही।
भारत और जापान ने आम सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने को लेकर सहयोग बढ़ाने के लिए रविवार को राजस्थान के ‘महाजन फील्ड फायरिंग रेंज’ में दो सप्ताह का सैन्य अभ्यास शुरू किया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
ताइवान में चीन विरोधी राष्ट्रपति चुने जाने के बाद से ड्रैगन बौखला गया है। चीन लगातार ताइवान के आसपास सैन्य गतिविधियों को अंजाम देने में जुटा है। ताइवान के रक्षा मंत्रालय के अनुसार उसने राष्ट्रपति चुनावों के बाद पहली बार सीमा क्षेत्र में इतनी बड़ी चीनी सैन्य गतिविधियां देखी हैं।
उत्तर कोरिया के ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षणों और तोप गोले दागने के जवाब में दक्षिण कोरिया ने भी जंगी अभ्यास शुरू कर दिया है। किम जोंग को ताकत दिखाने के लिए उत्तर कोरिया से लगी सीमा पर दक्षिण कोरिया ने अमेरिका और जापान के साथ मिलकर बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू किया है।
भारत और पड़ोसी देश नेपाल मिलकर जंगी अभ्यास कर रहे हैं। यह अभ्यास चीन की नींद उड़ा देगा। इस युद्धाभ्यास का नाम 'सूर्यकिरण' है, जो 7 दिसंबर को समाप्त होगा।
इजरायल और हमास के बीच चल रहा युद्ध 23वें दिन भी जारी है। अबतक इस युद्ध में नौ हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कड़ी चेतावनी दी है और कहा है कि अब एक भी दुश्मन बच नहीं पाएगा। हम एक-एक को चुन-चुनकर मारेंगे। जानें युद्ध से जुड़े अपडेट्स-
चीन के खतरनाक इरादों को भांप कर अब अमेरिका भी युद्ध की तैयारी में जुट गया है। अमेरिका को लगता है कि चीन उसके खिलाफ हमले की तैयारी कर रहा है। इसलिए अब अमेरिका ने भी चीन के खिलाफ युद्ध की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए अमेरिका हजारों रोबोट लड़ाके तैयार करवा रहा है। इससे चीनी सेना का सर्वनाश हो जाएगा।
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन आखिर क्या करने वाले हैं, क्या वह किसी देश पर हमला करने जा रहे हैं...अगर नहीं तो फिर उन्होंने अपने सैनिकों को युद्ध में तैयार रहने को क्यों कहा। सैनिकों को युद्ध की तैयारी का निर्देश क्यों दिया। किम जोंग ने अचानक बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री और परमाणु बम के जखीरों का निरीक्षण क्यों किया।
चीन पहले वह केवल दक्षिण चीन सागर में अपनी दादागिरी करता था, लेकिन अब समूचे हिंद प्रशांत क्षेत्र में उसके जहाज जासूसी करते दिखाई दे जाते हैं। ऐसे में यह बड़ा जंगी अभ्यास उसकी अकड़ निकाल देगा।
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