UPI यूजर्स को साइबर एक्सपर्ट्स ने एक नई ठगी के बारे में अलर्ट किया है। स्कैमर्स इन दिनों PhonePe, Paytm, Google Pay जैसे दिखने वाले नकली ऐप्स बनाए हैं, जिसका इस्तेमाल करके लोगों के साथ ठगी किया जा रहा है।
UPI भारत में सबसे ज्यादा यूज की जाने वाली पेमेंट सर्विस है। कई बार सर्विस ठप होने या अन्य कारणों से आप यूपीआई पेमेंट नहीं कर पाते हैं। ऐसे में आप यूपीआई करने से पहले इन 6 तरीकों को आजमा सकते हैं।
HMD ने भारत में UPI फीचर वाले दो फोन लॉन्च किए हैं। एचएमडी ग्लोबल ने इन फोन को फरवरी में आयोजित हुए मोबाइल वर्ल्ड कांग्रेस में शोकेस किया था। HMD के इन फोन में 36 दिनों तक का बैटरी बैकअप मिलेगा।
बीते वर्ष की दूसरी छमाही (जुलाई-दिसंबर) में यूपीआई लेनदेन की मात्रा सालाना आधार पर 42 प्रतिशत बढ़कर 93.23 अरब हो गई। एक साल पहले इसी अवधि में यह 65.77 अरब थी।
रिकॉर्ड तोड़ने वाला यूपीआई लेनदेन, पिछले साल की तुलना में मूल्य में 25 प्रतिशत की वृद्धि और मात्रा में 36 प्रतिशत की प्रभावशाली वृद्धि को दर्शाता है, जो भारत की डिजिटल भुगतान क्रांति की अजेय गति को दर्शाता है।
आज यानी 1 अप्रैल से UPI पेमेंट करने के लिए नियम बदल गए है। NPCI की गाइडलाइंस के मुताबिक, जिन बैंक अकाउंट में इनएक्टिव मोबाइल नंबर लिंक है, उन पर UPI से लेन-देन करने में दिक्कत आ सकती है।
संशोधित आयकर नियम 1 अप्रैल से लागू हो जाएगा। नए आयकर नियमों के तहत, सालाना ₹12 लाख तक कमाने वाले व्यक्तियों को आयकर का भुगतान करने की आवश्यकता नहीं होगी।
जब से डिजिटल पेमेंट का दौर बढ़ा है तब से कहीं न कहीं स्कैम और फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। स्कैमर्स अब ऑनलाइन पेमेंट करने वालें यूजर्स को ठगी का शिकार बनाने के लिए नए-नए तरीके तलाश रहे हैं। इस बीच NPCI और UPI ने X पर पोस्ट करके करोड़ों यूजर्स को एक नए तरह के फ्रॉड से अलर्ट किया है।
बुधवार की शाम को अचानक UPI सर्विस ठप हो गईं। देशभर के हजारों GPay, PhonePe, Paytm और Bhim UPI यूजर्स को ऑनलाइन पेमेंट में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कुछ दे बाद यूपीआई सर्विस एक बार फिर से काम करने लगीं। NPCI की तरफ से ट्वीट करके आउटेज का कारण बताया गया।
GPay, PhonePe, Paytm और Bhim UPI इस्तेमाल करने वालो के लिए बड़ी खबर है। देश के कई हिस्सों में ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा डाउन हो गई है। यूपीआई के कई यूजर्स की तरफ से ऑनलाइन पेमेंट के फेल होने की शिकायत की है।
सुमिता डावरा ने कहा कि ईपीएफओ के मेंबर्स जल्द ही इस साल मई या जून के अंत तक यूपीआई और एटीएम के जरिए अपने पीएफ खाते से पैसे निकाल सकेंगे। उन्होंने कहा, "मई के अंत या जून तक, सदस्यों को अपने भविष्य निधि तक पहुंचने में एक परिवर्तनकारी बदलाव देखने को मिलेगा।
BHIM 3.0 के साथ आप डैशबोर्ड पर जाकर अपने मासिक खर्च को ट्रैक कर सकते हैं, जिससे ये पता लगाने में काफी आसानी होगी कि आप कहां, कितना खर्च कर रहे हैं। भीम का अपग्रेडेड वर्जन आपके द्वारा किए गए सभी खर्चों को अलग-अलग कैटेगरी में बांट देगा।
देश में बढ़ रहे फाइनेंशियल फ्रॉड पर लगाम कसने के लिए NPCI 1 अप्रैल, 2025 से यूपीआई के नियम में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। जिस बैंक खाते से आप यूपीआई चला रहे हैं, उस बैंक खाते से लिंक्ड मोबाइल नंबर अगर लंबे समय से इनएक्टिव है तो ऐसी यूपीआई आईडी 1 अप्रैल से बंद कर दी जाएगी और आपका यूपीआई नहीं चलेगा।
NPCI के अनुसार, UPI आईडी से जुड़े इनएक्टिव मोबाइल नंबर सुरक्षा के लिए खतरा हैं। जो यूजर्स अपने मोबाइल नंबर बदलते या निष्क्रिय करते हैं, वे अक्सर यूपीआई आईडी को डिलीट नहीं करते हैं, जिससे वे संभावित जोखिम बन जाते हैं।
1 अप्रैल से Google Pay, PhonePe, Paytm आदि से UPI पेमेंट करने में दिक्कत आ सकती है। NPCI ने बैंकों और यूपाई ऐप्स को इनएक्टिव मोबाइल नंबर को सिस्टम से हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, हर सप्ताह ऐसे नंबरो की लिस्ट जारी करने के लिए भी कहा है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आज वित्त वर्ष 2024-25 के लिए 2000 रुपये से कम के यूपीआई ट्रांजैक्शन को बढ़ावा देने के लिए 1500 करोड़ रुपये की इंसेंटिव स्कीम को मंजूरी दे दी। इस स्कीम के तहत सरकार किसी व्यक्ति द्वारा दुकानदार को किए गए 2000 रुपये से कम के भुगतान पर एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) व्यय वहन करेगी।
एक कमाल का वीडियो अभी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। आप देखेंगे तो हैरान होना तय ही है। आइए आपको वायरल वीडियो के बारे में बताते हैं।
अगर आप रोजमर्रा के छोटे खर्चों (चाय, नाश्ता, ट्रैवल टिकट आदि) के लिए सुरक्षित डिजिटल भुगतान चाहते हैं, तो UPI लाइट एक बेहतरीन विकल्प हो है। NPCI ने प्रमुख बैंकों के साथ मिलकर इसे लागू किया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, गूगल पे ने यूजर्स से बिजली का बिल, गैस का बिल जैसी पेमेंट के लिए कन्वीनियंस फीस वसूला है। हालांकि, ये वसूली तब की गई है जब यूजर ने क्रेडिट कार्ड से इन बिल का पेमेंट किया है। क्रेडिट या डेबिट कार्ड से बिजली और गैस का बिल भरने वाले यूजर्स से अब फीस लिया जा रहा है।
यूपीआई के जरिए मोबाइल रिचार्ज करने के लिए ये कंपनियां पहले से ही अलग-अलग नाम से फीस वसूल रही हैं। लेकिन अब वसूली का ये सिलसिला सिर्फ मोबाइल रिचार्ज तक ही सीमित नहीं रहने वाला है और इसका विस्तार होने वाला है। गूगल पे ने तो इसकी शुरुआत भी कर दी है।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़