महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों अटकलें तेज हैं कि दोनों चचेरे भाई उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे साथ आ सकते हैं। दोनों भाइयों को मिलाने के लिए परिवार के करीबी रिश्तेदारों ने प्रयास शुरू कर दिए हैं।
सुप्रिया सुले ने कहा कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे अगर साथ आने का फैसला लेते हैं तो मैं इस फैसले का स्वागत करती हूं। वे एक परिवार हैं और बालासाहेब की विशाल विरासत का हिस्सा हैं।
उद्धव ठाकरे ने गठबंधन की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर कहा कि महाराष्ट्र की जनता जो चाहेगी वही होगा, हम कोई संदेश नहीं देंगे सीधे खबर देंगे।
अमित ठाकरे से पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण के नेता प्रकाश महाजन ने कहा था कि अगर साथ आना है तो आदित्य को राज ठाकरे से मिलना चाहिए। अब अमित ने कहा है कि उद्धव और राज ठाकरे को आपस में बात करनी चाहिए।
बीते कुछ समय से राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे के बयानों से अटकलें लगाई जा रही हैं कि करीब दो दशक बाद दोनों नेता मतभेदों को दरकिनार कर फिर से साथ आ सकते हैं।
महाराष्ट्र में आगामी स्थानीय चुनाव को लेकर उद्धव ठाकरे और औवैसी की पार्टी के साथ आने की अटकलें लगाई जा रही हैं। AIMIM की महाराष्ट्र यूनिट ने इस बारे में बड़ा संकेत दिया है।
संजय राउत ने कहा कि कोई क्या बोलता है, उससे फर्क नहीं पड़ता। फर्क इससे पड़ता है कि ठाकरे क्या बोलते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मराठियों के हक के लिए सभी को साथ आना होगा।
महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) और मनसे के बीच निकाय चुनाव को लेकर गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही हैं। अब राज ठाकरे की पार्टी मनसे ने इस बारे में जवाब दिया है।
उद्धव ठाकरे 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के समय देश में मौजूद नहीं थे। इसके बाद सर्वदलीय बैठक में भी वह उपस्थित नहीं हुए। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि पहलगाम हमले के बाद उन्हें वापस आ जाना चाहिए था।
शिवसेना यूबीटी के नेता विनायक राउत ने कहा है कि अगर एनसीपी के प्रमुख अजित पवार को CM बनना है तो उन्हें वापस MVA में आ जाना चाहिए।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने इंडिया टीवी से खास बातचीत की। वहीं उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के साथ आने की अटकलों पर उन्होंने कहा कि यह उनका आंतरिक मामला है। इस मुद्दे पर वह अभी कुछ नहीं कह सकते हैं। उन्होंने कहा कि सही समय आने पर जवाब दूंगा
महाराष्ट्र की राजनीति एक नए मोड़ की तरफ मुड़ती दिख रही है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे के बीच की बढ़ती नजदीकियां क्या ठाकरे ब्रदर्स के लिए आज जरूरी है या उनकी मजबूरी है, जानिए इस खास खबर में....
महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार एक बार फिर चर्चा में हैं। मनसे प्रमुख राज ठाकरे के हालिया बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में कयासों का बाजार गर्म कर दिया है। राज ठाकरे के बयान के बाद संजय राउत ने कहा कि हम सालों से एक साथ हैं।
एक पोडकॉस्ट में राज ठाकरे ने जवाब देते हुए कहा कि वह मराठी और महाराष्ट्र के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे के साथ आने को तैयार हैं, अगर उनकी भी यही इच्छा है तो। इसके जवाब में अब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह खुशी की बात है कि अगर वे साथ आते हैं।
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उनकी पार्टी, सरकार को राज्य में हिंदी को थोपने नहीं देगी।
महाराष्ट्र की राजनीति में ठाकरे परिवार का रोल काफी अहम होता है। उद्धव ठाकरे राज्य के सीएम रह चुके हैं। राज ठाकरे मराठी मानुष का मुद्दा लोगों के बीच उठाते रहते हैं। अब मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने राजनीतिक रूप से उद्धव के साथ आने पर अपनी चुप्पी तोड़ी है।
नासिक में शिवसेना की एक रैली में बाल ठाकरे जैसी जोरदार आवाज में करीब 13 मिनट के मराठी भाषा के भाषण की शुरुआत ‘मेरे हिंदू भाइयो, बहनो ओर माताओं’ के उद्बोधन के साथ हुई। पार्टी के अनुसार बाल ठाकरे आज होते तो ऐसा भाषण देते।
उद्धव ठाकरे ने नासिक में कहा कि उन्होंने हिंदुत्व नहीं छोड़ा, बल्कि बीजेपी के ‘सड़े हुए’ हिंदुत्व को अस्वीकार किया है। उन्होंने वक्फ विधेयक, मुस्लिम समर्थन, शिवाजी स्मारक और चुनावी प्रक्रिया सहित कई मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार की आलोचना की।
लोकसभा चुनाव के बाद INDIA गठबंधन की कोई चर्चा नहीं हो रही है। हाल ही में कांग्रेस ने अहमदाबाद में पार्टी की बड़ी बैठक भी की। इस दौरान भी INDIA गठबंधन के भविष्य पर कोई चर्चा नहीं की गई। शिवसेना (यूबीटी) ने कांग्रेस पर ये सारे आरोप लगाए हैं।
एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर करारा कटाक्ष किया है। शिंदे ने खुद को 'फेवरेट ब्रदर' बताय। वहीं, उद्धव ठाकरे को लेकर उन्होंने कहा कि वे 'फोकट बाबूराव' हैं।
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