चीन का अमेरिका को निर्यात लगातार 6 महीनों से घट रहा है। अगस्त में इसमें 33 प्रतिशत की गिरावट आई थी।
इस साल अप्रैल में दोनों पक्षों की ओर से नए टैरिफ कुछ समय के लिए 100 प्रतिशत से ऊपर चले गए थे।
डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ जो टैरिफ वाला चक्रव्यूह रचा उसमें अब अमेरिका के किसान ही फंस गए हैं। चीन के पलटवार से अमेरिकी किसानों को अरबों डॉलर का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
चीन के खिलाफ 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने को लेकर ट्रंप ने यह बयान तब दिया है, जब रूस के ड्रोन ने हाल ही में नाटो सदस्य पोलैंड की हवाई सीमा का उल्लंघन किया, जिससे तनाव और बढ़ गया है।
ट्रंप सरकार ने अदालत में यह भी दलील दी है कि विभिन्न देशों पर लगाए गए शुल्कों को यदि अवैध ठहराया गया, तो वसूले गए करों को वापस लौटाना पड़ सकता है, जिससे अमेरिकी राजकोष पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ेगा।
अमेरिका से छिड़े टैरिफ वार के बीच भारतीय विदेश मंत्री जयशंकर के एक तीखे बयान ने अमेरिका में तहलका मचा दिया है। इसकी चर्चा अमेरिका के टेलीविजन चैनलों पर खूब हो रही है। जयशंकर के इस बयान के बाद अमेरिका का रुख नरम पड़ता दिख रहा है।
अमेरिका के अर्थशास्त्री पीटर नवारो इन दिनों अपने भारत विरोधी बयानबाजी को लेकर चर्चा में हैं। आइये जानते हैं कि इससे पहले वह क्या थे और अचानक अब दोबारा कैसे ट्रंप के खास बन गए।
अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप की ओर से ब्रिक्स देशों पर लगाए गए भारी-भरकम टैरिफ के बाद डॉलर की साख को खतरा पैदा हो गया है। अब ब्रिक्स देश ट्रंप के टैरिफ का जवाब अपनी मुद्रा में व्यापार करके देने की राह पर आगे बढ़ रहे हैं।
भारत के खिलाफ डोनाल्ड ट्रंप के रुख का विरोध अब अमेरिका में ही शुरू हो गया है। ट्रंप ने भारत पर भारी भरकम टैरिफ लगाया है जिसे लेकर अमेरिकी सांसद ग्रेगरी मीक्स ने प्रतिक्रिया दी है। मीक्स ने ट्रंप को हिदायत भी दी है।
डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति एशियाई देशों के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। ट्रंप की इस नीति से कई देशों को आर्थिक झटका लग सकता है। चलिए आपको बताते हैं कि ट्रंप एशिया के किन देशों पर कितना टैरिफ लगाया है।
भारत ने अमेरिका द्वारा रूस से तेल आयात पर लगाए गए 50% टैरिफ को 'अनुचित और अन्यायपूर्ण' बताया है। भारत ने राष्ट्रीय हितों की रक्षा का संकल्प लिया और ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता देने की बात दोहराई है।
ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर दोनों देशों के बीच जारी बातचीत में कुछ गतिरोध के संकेतों के बीच भारत पर 25% शुल्क लगाने की घोषणा की है।
निर्यातकों के अनुसार, भारत में ब्याज दरें आठ से 12% या उससे भी अधिक होती हैं। प्रतिस्पर्धी देशों में, ब्याज दर बहुत कम है। चीन में केंद्रीय बैंक की दर 3.1% , मलेशिया में तीन प्रतिशत, थाईलैंड में दो प्रतिशत और वियतनाम में 4.5% है।
जिन देशों का नाम इस सूची में नहीं है, उन पर 10 प्रतिशत की डिफॉल्ट टैरिफ दर लागू होगी। सबसे अधिक टैरिफ दरें पाने वाले देशों में सीरिया (41%), स्विट्जरलैंड (39%), लाओस और म्यांमार (40%), इराक और सर्बिया (35%), और लीबिया तथा अल्जीरिया (30%) शामिल हैं।
अमेरिका द्वारा कनाडा पर 35 फीसदी टैरिफ लगाए जाने के बाद कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा है कि हम अपने व्यापार की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक साथ 14 देश पर टैरिफ बढ़ाने का ऐलान किया है। इस आदेश के बाद इन देशों को अमेरिका में एक्सपोर्ट करने के लिए ज्यादा शुल्क देना होगा।
डोनाल्ड ट्रंप के फैसले से अमेरिका में मंदी आ सकती है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ट्रेड वॉर के बीच अमेरिकी अर्थव्यवस्था में जनवरी-मार्च की पहली तिमाही में 0.2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
ट्रंप ने शुक्रवार को चीन पर लगे ऊंचे सीमा शुल्क को घटाकर 80 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा। इसे दोनों देशों के बीच छिड़े व्यापार युद्ध को शांत करने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है।
इंपोर्ट पर भारी-भरकम टैरिफ लगाने के ट्रंप के फैसले के बाद चीन ने भी जवाबी कदम उठाए, जिसके बाद दोनों देशों के बीच ट्रेड वॉर जैसी स्थिति बन गई।
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