पॉल्यूशन कंट्रोल करने को लेकर सरकार से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक स्ट्रिक्ट एक्शन ले रही है..हालात देखते हुए तो लगता है कि ग्रीन लॉकडाउन लगाने की ज़रूरत है लेकिन ये इतना आसान भी नहीं है..जो हमारे हाथ में है..वो तो कम कर ही सकते हैं..प्राणायाम से फेफड़ों की कपैसिटी बढ़ा सकते हैं और योग से इम्यूनिटी मज़बूत
Yoga : जहरीली हवा से ज्वाइंट पेन..हड्डियों में अकड़न-सूजन Swami Ramdev
YOGA TIPS: दुनिया में इस समय ब्रेन स्ट्रोक के मामले 1.5 करोड़ के करीब हैं.. जिनमें से 50 लाख लोगों की मौत हो जाती है और 50 लाख लोग विकलांगता का शिकार हो जाते हैं.. अकेले भारत में हर साल 18 लाख से ज्यादा लोग इससे पीड़ित होते हैं आघात। ..और जो लोग ठीक हो रहे हैं अगर उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया त
जब आप किसी काम में इतने डूब जाते हैं..कि ना तो वक्त का ख्याल रहता है..और ना ही आस-पास की मौजूदगी का एहसास...साइकोलॉजी की भाषा में इसे 'फ्लो स्टेट' कहते हैं...जो दिल-दिमाग के लिए टॉनिक की तरह है...समझ लीजिए..अगर आप ये फॉलो करते हैं तो..हैप्पीनेस के साथ उम्र भी 8 साल बढ़ जाएगी..बाकि योगगुरु स्वामी राम
506, 473, 472, 471...ये है दिल्ली की हवा में घुले प्रदूषण के ज़हर का हाल..आखिर इतनी ज़हरीली हवा में लोग कैसे ले पा रहे हैं सांस...राजधानी के 14 इलाकों में AQI साढ़े चार सौ के पार है...जहांगीरपुरी का तो AQI कल सुबह 500 क्रॉस कर गया था..कोई इसके लिए पराली के धुएं को जिम्मेदार बताता है.
पॉल्यूशन की वजह से, शरीर के तमाम फंक्शंस और वाइटल ऑर्गन पहले से ही खतरे में है...उस पर डेंगू का डंक और डरा रहा है...ताजा रिपोर्ट के मुताबिक--डेंगू वायरस म्यूटेंट होने से जानलेवा हो गया है...मल्टी ऑर्गेन फेलियर और फिर मौत की वजह बन रहा है...
सूरज की रोशनी...सेहत के लिए ये सब बेहद जरूरी हैं...वैसे सूर्य की उपासना के पीछे तो पूरा का पूरा साइंस है....जिसे योगगुरु स्वामी रामदेव भी कई बार समझा चुके हैं
पूरे उत्तर भारत की ही हवा खराब हो गई है...आदमी जाए तो जाए कहां...पॉल्यूशन से शरीर में तमाम दिक्कतें हो रही हैं---सांस की परेशानी..आई ईरिटेशन..एलर्जी..कफ..अस्थमेटिक अटैक बढ़ रहे हैं....किडनी-लिवर-पैंक्रियाज के फंक्शन डिस्टर्ब हो रहे हैं
सेहत और कामयाबी सिर्फ लक्ष्य तय कर लेने से नहीं मिलती...इसके लिए आपकी रोजमर्रा की आदतों का ठीक होना भी जरूरी है...(montage in)और ये तब और जरूरी हो जाता है..जब शहर की आबोहवा जहरीली हो गई हो..मौसम सेहत बिगाड़ने पर आमादा हो...लाइफ स्टाइल की छोटी सी गलती बीमार करने की गारंटी दे रही हो
एक बीमारी है आर्थराइटिस..गठिया का ये रोग पहले 60 साल से उपर के लोगों में देखा जाता है..बुजुर्गों को उठने-बैठने में दिक्कत होते देख..कमर पर हाथ लगाकर झुककर चलते देख..लोग कहते थे कि उम्र हो गई है...लेकिन आजकल तो छोटे-छोटे बच्चे ज्वाइंट्स पेन की शिकायत करते हैं
योग की ज्योति से एनर्जी का फ्लो बढ़ेगा...खराब दिनचर्या से लंग्स-लिवर पर खतरा हार्ट अटैक..स्ट्रेस..हाई BP..शुगर..मोटापा...शुभ दीपावली पर कीजिए योग-प्राणायाम सेहत की सिद्धि से जीवन बनेगा खुशहाल...
छोटी दिवाली के शुभ मौके पर...योगगुरु स्वामी रामदेव के साथ मिलकर योग की ज्योति जलाएं...और अपनी सेहत को जगमग करें...लाइफ स्टाइल की बीमारियों को हर किसी की जिंदगी से मिटाएं....
Yoga LIVE: खामोश बीमारी का हमला..कैसे बचेंगी हड्डियां?...दीमक की तरह कैसे जोड़ों को कर रही खोखला?...डैमेज कर रही सेल्स..यंग एज में बोन्स की डेथ
हर तरफ डांडिया-गरबा की धूम है...बड़े-बड़े पंडाल सजे हैं...हर उम्र के लोग म्यूजिक पर ताल से ताल मिला रहे हैं...एंज्वायमेंट का कोई भी मौका मिस करना नहीं चाहते...नवरात्रि पर हाई एनर्जी का एहसास कराने वाला पूरा माहौल..भला कौन मिस करना चाहेगा...जब आप फ्लोर पर जाएं..तो कुछ बातों का ख्याल भी जरूर रखें जैसे
तरक्की के साथ सुविधाओं में जैसे-जैसे इजाफा हुआ..उलझन भी उसी रफ्तार से बढ़ी है...सेहत के लिहाज से क्या सही है..क्या गलत है--ये जानकर भी..कई बार सहूलियत के चक्कर में,लोग सही फैसला नहीं ले पाते..जान के साथ खिलवाड़ करते रहते हैं...तो चलिए आज फिर से दादी-नानी के जमाने वाली चीजों को जिंदगी में शामिल करते
महिला हो यां पुरुष अगर योग को साथी बना लिया...मेडिटेशन की आदत डाल ली..तो मेंटली इतने स्ट्रॉन्ग हो जाएंगे कि ज़िंदगी की कोई भी मुश्किल आसानी से पार क जाएंगे..और ये सब होगा कैसे..ये स्वामी रामदेव बताएंगे..जो हरिद्वार से हमारे साथ जुड़ गए हैं...स्वामी जी आप हरिद्वार में हैं औऱ मैं यहा चंडीगढ़ में..इसलि
जिंदगी की संभावनाओं को लेकर पूरी दुनिया में तमाम रिसर्च चल रहे हैं...कभी घूमने के शौकीन के लिए ये खबर आती है कि--सफर में रहने से बुढ़ापा नहीं आएगा...तो कभी ये पता चलता है कि--हरियाली के बीच सैर करने..कम्युनिटी गार्डनिंग-प्लांटेशन करने से खुशियां बढ़ती है..चिंता घटती है...
डाइट में न्यूट्रिशंस कम होने और लैक्टोज़ इनटोलरेंस से बदहज़मी.. सिरदर्द की वजह भी बनती है...ब्लोटिंग से नर्वस सिस्टम पर प्रेशर बढ़ता है और माइग्रेन ट्रिगर हो जाता है..यानि खानपान का रिश्ता पेट से लेकर दिल और दिमाग तक है...मामूली गड़बड़ी आपको तमाम बीमारियों के साथ सिरदर्द भी दे सकती है...इसलिए तो कहत
अलर्ट होने की जरूरत इसलिए भी है क्योंकि 'न्यूरोलॉजी क्लिनिकल प्रैक्टिस जर्नल' की रिपोर्ट के मुताबिक--पिछले 20 साल में युवाओं की याद्दाश्त काफी कमजोर हुई है...और इसकी सबसे बड़ी वजह हैं---तनाव और बिगड़ा लाइफस्टाइल अब ऐसे में तो अलर्ट होने की जरूरत है..ताकि फ्यूचर सेफ रहे..
लोगों ने अपनी जिंदगी में इतने goals बना लिए हैं..उनकी ख्वाहिशें इतनी ज्यादा हो गई हैं कि..उन्हें पूरा करने की धुन में हंसी कहीं खो जाती है..जिंदगी में छोटी सी भी हार उन्हें बर्दाश्त नहीं होती...और कब डिप्रेशन की गिरफ्त में आ जाते हैं..पता ही नहीं चलता...आपको आपसे बेहतर जज कोई और नहीं कर सकता है..सेल
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़