रूस के राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन की नई दिल्ली की यात्रा के दौरान रूस और भारत के बीच बृहस्पतिवार को बड़ी रक्षा बैठक होने जा रही है। इससे भारत को हथियारों की आपूर्ति तेज होगी। दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूती मिलेगी।
जयशंकर का यह दौरा न केवल एससीओ जैसे क्षेत्रीय मंचों को मजबूत करेगा, बल्कि पुतिन की यात्रा के लिए जमीन तैयार करेगा। विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, जयशंकर रूस के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी भेंट करेंगे और रूस-भारत मंच 2025 जैसे कार्यक्रमों पर चर्चा करेंगे।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने बेहद डरावना दावा करके सबको हैरान कर दिया है। उनका कहना है कि रूस ने राष्ट्रपति पुतिन के निर्देशों पर परमाणु परीक्षण को लेकर काम शुरू कर चुका है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने भारत-रूस के संबंधों को किसी भी अन्य देश के संबंधों से परे और ऊंचा बताया है। उन्होंने कहा कि भारत-रूस के संबंध, नई दिल्ली-वाशिंगटन के बीच संबंधों का मानक नहीं हो सकते।
रूस की राजधानी मॉस्को में विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव की बैठक में भारत-रूस संबंधों को और मजबूत करने पर सहमति बनी। दोनों के बीच व्यापार संतुलन, तेल सहयोग, भारतीयों की रिहाई, आतंकवाद, और यूक्रेन संकट जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने रूस के साथ द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने की दिशा में अपने समकक्ष सर्गेई लावरोव से बृहस्पतिवार को मॉस्को में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने संवाददातओं के एक सवाल के जवाब में कहा-भारत रूस का बड़ा तेल खरीदार नहीं है।
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस के दौरे पर जाने वाले हैं। इस दौरान 21 अगस्त को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोई भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात करेंगे।
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर रूस की यात्रा पर जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच विदेश मंत्री की रूस यात्रा काफी अहम मानी जा रही है।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने उत्तर कोरिया के शासक किम जोंग उन से मुलाकात की है। मॉस्को टाइम्स के अनुसार सर्गेई की यह यात्रा सामरिक दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है।
मॉस्को में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शशि थरूर ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की। उनकी किताब में ब्रिटिश शासन से भारत पर पड़े असर और उसकी दमनकारी नीतियों के बारें में बताया गया है।
शशि थरूर ने मॉस्को में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मुलाकात की है। थरूर ने कहा कि पुराने मित्र रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से मिलकर अच्छा लगा।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने एक बार फिर भारत-रूस और चीन के संबंधों पर बड़ा बयान दिया है। लावरोव ने कहा है कि रूस-भारत-चीन त्रिपक्षीय वार्ता जल्द शुरू होगी। इससे पहले लावरोव ने पश्चिमी देशों पर बड़ा बयान दिया था।
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने दुनिया के ताकतवर 3 देशों यानि भारत-रूस और चीन की तिकड़ी को एक्टिव करने का जिक्र छेड़कर कई राष्ट्रों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। सर्गेई के इस बयान को तेजी से बदलते वर्ल्ड ऑर्डर के परिप्रेक्ष्य में देखा जा रहा है।
रूस और यूक्रेन के बीच दूसरे दौर की वार्ता भी फाइनल हो गई है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इस बात का खुलासा किया है। रशियन टुडे के अनुसार रूस और यूक्रेन के प्रतिनिधि इस्तांबुल में दूसरे की दौर की वार्ता में शामिल होंगे।
रूस ने अमेरिका को सख्त लहजे में चेतावनी दे दी है। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा है कि यूक्रेन के मुद्दे पर अमेरिका को हद नहीं पार करनी चाहिए। आइए जानते हैं उन्होंने और क्या कुछ कहा है।
रूस की यात्रा पर चल रहे उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन रूसी बमवर्षकों को देखने के बाद प्रशांत बेड़े में पहुंच गए। वहां रूसी युद्ध पोतों पर उनका दिल आ गया। उन्होंने रूसी फैक्ट्री में किंझल मिसाइल भी देखी, जिसे तबाही का दूसरा नाम भी कहा जाता है।
रूस-यूक्रेन युद्ध विराम को लेकर जी-20 सम्मेलन के इतर पूछे गए एक सवाल के जवाब में रक्षामंत्री सर्गेई ने बड़ा बयान दिया है। सर्गेई लावरोव ने युद्ध मां शांति की बात करते हुए कहा कि हर कोई युद्ध में शांति चाहता है। हमने शांति के लिए 18 महीने पहले एक समझौते पर हस्ताक्षर किया था। मगर जेलेंस्की को इस पर हस्ताक्षर नहीं किया।
नई दिल्ली में 7 से 10 सितंबर तक चलने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन को लेकर रूस ने अभी से इसके सदस्य देशों को कड़ी चेतावनी दी है। रूस का कहना है कि वह जी-20 के ऐसे घोषणापत्र को जारी नहीं होने देगा, जिसमें रूस का पक्ष और विचार शामिल नहीं किया गया हो। हालांकि रूस ने कहा ऐसी स्थिति में वह अपने दोस्त भारत को छूट दे सकता है।
रूसी राष्ट्रपति पुतिन के लिए सिर्फ वैगनर चीफ येवगिन प्रिगोझिन ही मुसीबत नहीं हैं, बल्कि उनके कई अपने अंदर ही अंदर बगावत का बिगुल बजा चुके हैं। इसलिए पुतिन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पुतिन के खिलाफ साजिशों की फेहरिस्त लंबी है। रूसी रक्षामंत्री सर्गेई पर भी शक की सुइयां घूम रही हैं।
Russia NATO India: लावरोव ने कहा कि हम जानते हैं कि चीन इस तरह के उकसावे को कितनी गंभीरता से लेता है। नाटो देश दक्षिण चीन सागर और ताइवान में तनाव बढ़ाकर आग से खेल रहे हैं।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़