फिल्मों में आने के बाद उनसे मुंह फेरना बहुत मुश्किल होता है, लेकिन ऐसा कर दिखाया है खूबसूरत अदाकारा ने, जिन्होंने अपनी खूबसूरती से लोगों का दिल जीता लेकिन अब वो संन्यासी वाला जीवन बिता रही हैं। आज ये हसीना एक बौद्ध भिक्षु बन गई है।
धार्मिक नगरी उज्जैन में साधु के पवित्र वेश का दुरुपयोग कर लूटपाट की वारदात को अंजाम देने वाले एक अंतर-राज्यीय गिरोह को पुलिस ने घटना के मात्र 30 मिनट में गिरफ्तार कर लिया।
देव आनंद और दिलीप कुमार के साथ काम करने वाली बला की खूबसूरत हीरोइन ने न सिर्फ अपनी खूबसूरती बल्कि अपनी कला से लोगों का दिल जीता था, लेकिन करियर की पीक पर पहुंच कर उनका एक्टिंग से मोह भंग हो गया और वो धर्म की राह पर चल पड़ीं।
जयपुर के हथिनी कुंड में युवकों की एक टोली ने अश्लील हरकतें और हो-हल्ला कर संत की समाधि में विघ्न डाल दिया। जिसके बाद बाबा ने फटकारा तो एक ने लाठी उठा ली, फिर जटाधारी बाबा ने अपने युद्धकौशल से उस युवक को दिन में ही तारे दिखा दिए।
महाकुंभ में वायरल हुए अभय सिंह इन दिनों सुर्खियों में हैं। IIT से पढ़ाई करने और कनाडा में 36 लाख की जॉब करने के बाद उन्होंने कम उम्र में अध्यात्म का रास्ता चुना। हालांकि वे अकेले IITian नहीं हैं, जिन्होंन IIT से पढ़ने के बाद संन्यासी जीवन अपना लिया।
Maha Kumbh 2025: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले में आए रूस के एक संत की तस्वीरें सोशल मीडिया पर इन दिनों वायरल हो रही हैं। ये बाबा 'मस्कुलर बाबा' के नाम से मशहूर हैं।
सोशल मीडिया पर एक बाबा का वीडियो इस वक्त काफी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक संन्यासी को अपने सिर पर कबूतर लेकर चलते हुए देखा जा सकता है। इन बाबा जी को लोग "कबूतर वाले बाबा" के नाम से जानते हैं।
फिल्मी दुनिया को छोड़ आध्यात्म की ओर बढ़ पाना आसान नहीं, लेकिन एक ऐसी हसीना हैं, जिन्होंने पूरी तरह से ग्लैमर इंडस्ट्री को छोड़ दिया और धर्म की राह चुन ली। एक्ट्रेस ने शंकराचार्य से दीक्षा ली और अब साध्वी का रूप धारण कर लिया है।
बॉलीवुड में पहचान बनाने का सपना लेकर दाखिल होने वाले कलाकार लग्जरी लाइफस्टाइल की भी ख्वाहिश रखते हैं। ये वो लाइफस्टाइल है, जिसे छोड़ पाना आसान नहीं होता। लेकिन, एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री में कुछ ऐसे कलाकार हैं, जिन्होंने इस लाइफस्टाइल को छोड़ संन्यास की राह पकड़ ली।
30 की उम्र में संन्यास लेकर महिलाओं की बेहतरी और बच्चों की शिक्षा पर काम कर रहीं साध्वी भगवती सरस्वती महाकुंभ में शामिल होने के लिए प्रयागराज पहुंची हुईं हैं। इस दौरान उन्होंने इंडिया टीवी से खास बातचीत की और सनातन धर्म को लेकर अपनी बात रखी।
बॉलीवुड में स्टारडम हासिल करने के बाद सब छोड़कर अलग दुनिया बसा लेने जरा भी आसान नहीं है, लेकिन हम एक ऐसी एक्ट्रेस के बारे में बात करेंगे, जिन्होंने शहरी शोरगुल को त्याग कर संन्यासी वाला जीवन अपना लिया। अब ये एक्ट्रेस कौन हैं चलिए आपको बताते हैं।
आरोपी एक संत बन गया था और देशभर के मंदिरों में जाता था और विभिन्न धर्मशालाओं में रहता था। 2023 में उसकी लोकेशन कन्याकुमारी थी, लेकिन पुलिस को वहां से कुछ हाथ नहीं लगा। फिर उसकी एक लोकेशन उत्तराखंड के ऋषिकेश में पाई गई।
मकर संक्रांति के लिए साधुओं का समूह गंगा सागर स्नान के लिए जा रहा था जिसे टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने निर्वस्त्र कर पीटा है। 30 सेकंड के वायरल वीडियो में साधुओं के समूह को भीड़ द्वारा पीटा जा रहा है और लोग बचाने के बजाए तमाशबीन बने हुए हैं।
अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण पूर्ण होने को है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जनवरी को श्रीराम मंदिर का अयोध्या में उद्घाटन करेंगे। इसके लिए देश भर के संतों, महंतों और प्रतिष्ठित विभूतियों को निमंत्रण भेजा गया है। मगर शिवयोगी बालब्रह्मचारी अभयचैतन्य संत मौनी महाराज निमंत्रण नहीं मिलने से हताश हैं।
सकुशल बरामद संत मौन धारण किए हुए हैं, जिस कारण अचानक गायब होने का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। उनके शिष्यों ने 9 दिसंबर को कनखल थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी जिसके बाद पुलिस ने लापता संत की खोजबीन शुरू कर दी थी।
संत स्वामी पवित्र दास 5 दिसंबर को किसी काम की बात कहकर अखाड़े से चले गए। जाते-जाते उन्होंने कहा था कि वह 9 दिसंबर तक वापस पहुंच जाएंगे। इसके बाद कथा की तैयारी लगातार चलती रही। लेकिन, वह वापस नहीं लौटे।
वरुण गांधी ने कार्यकर्ताओं को समझाते हुए कहा कि समय की गति को समझा करो। फिर साधु को पास बुलाकर कहा, क्यों महाराज जी लगता है कि अब समय अच्छा आ रहा है। इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें दिख रहा है कि वरुण की बात सुनकर मंच पर खड़े लोग हंसने लगते हैं।
हनुमान चालीसा पढ़ने वाले कुछ पंक्तियों को गलत पढ़ते हैं। ऐसा कहना है एक संत का। जिन्होंने उन पंक्तियों की गलतियां निकाल उनके सही मायने बताएं।
संत जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि बिहार के शिक्षा मंत्री ने जिस तरह से रामचरित मानस को नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बताया है, उससे पूरा देश आहत है, यह सभी सनातनियों का अपमान है और मैं इस बयान पर कानूनी कार्रवाई की मांग करता हूं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जननयोगाश्रम के संत सिद्धेश्वर स्वामी के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि उन्हें समाज की असाधारण ढंग से सेवा करने के लिए याद किया जाएगा।
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