बिहार में मुस्लिम वोटर 18 प्रतिशत से ज्यादा हैं। 243 विधानसभा सीटों में से 47 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम वोटर हार-जीत तय करता है। नीतीश कुमार के लिए महादलित और मुस्लिम कॉम्बिनेशन कई चुनावों से काम करता रहा है।
मुझे लगता है कि त्योहार के मौके पर गरीबों को जो भी सौगात मिले, उसका स्वागत होना चाहिए। हर बात में सियासत घुसाने की कोई जरूरत नहीं है।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डी. के. शिवकुमार ने कहा था कि समय के साथ सब कुछ बदलता है, एक वक़्त आएगा, जब संविधान भी बदलेगा। उनसे सवाल किया गया था कि कर्नाटक सरकार ने सरकारी ठेकों में मुसलमानों को चार परसेंट आरक्षण देने का जो फैसला किया है, क्या वो संविधान के ख़िलाफ़ नहीं है?
अगर इस मामले के सच को छुपाया गया, दबाया गया तो तूफान खड़ा हो जाएगा। हमारी judiciary को और ज़्यादा चोट लगेगी। इसका मतलब ये लगाया जाएगा कि जज कुछ भी कर लें, उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
क्या बिहार में इतनी आसानी से हथियार मिल रहे हैं और किसी वारदात के बाद इतनी आसानी से हथियार गायब हो जाते हैं? क्या ये पुलिस की नाकामी नहीं है? हकीकत यही है कि बिहार में कानून व्यवस्था खराब हुई है।
मीटिंग खत्म होने के बाद अचानक पंजाब पुलिस का एक्शन शुरू हो गया। अकाली दल नेता हरसिमरत कौर बादल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधा और कहा कि ये वही लोग हैं, जिन्होंने चुनाव के समय किसानों के पैर छूकर वोट मांगे थे।
वापसी से एक दिन पहले पीएम मोदी ने सुनीता विलियम्स को एक चिट्ठी लिखी जिसमें उन्होने कहा कि ‘भले ही आप हजारों मील दूर हों, लेकिन आप हमारे दिलों के करीब हैं’। गुजरात के महेसाणा जिले के झूलासन गांव में लोगों ने नगाड़े बजा कर और पटाखे चला कर सुनीता की वापसी पर जश्न मनाया।
जंतर मंतर पर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के प्रदर्शन में सब ने एक सुर में कहा कि जो पार्टियां वक्फ बिल का समर्थन कर रही हैं, वे मुस्लिम विरोधी हैं, बीजेपी के साथ हैं, इसलिए मुसलमानों को ऐसी पार्टियों का बॉयकॉट करना चाहिए। कांग्रेस की तरफ से सलमान खुर्शीद, गौरव गोगोई और इमरान मसूद इस धरने में पहुंचे।
जयपुर डेल्टा ने कैरीसिल जिंदल को 13-7 के स्कोर से हराकर चैंपियनशिप जीत ली। रजत शर्मा और रितु धवन ने विजेता टीम को पुरस्कार और ट्रॉफी प्रदान किया।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजीजू, दिल्ली के डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा, दिल्ली बीजेपी के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा, पूर्व केंद्रीय मंत्री शहनवाज हुसैन समेत कई जानी-मानी हस्तियां इस इफ्तार पार्टी में शरीक हुईं।
पूरे उत्तर प्रदेश में आज रमज़ान के जुमे की नमाज होनी थी, साथ में होली भी। दस जिलों में मस्जिदें तिरपाल से ढकी हुई थी, ताकि कोई उपद्रवी रंग न फेंक सके। योगी ने खास तरह से होली मनाने वालों से अपील की कि वो दूसरों पर रंग डालते समय संयम बरतें। योगी की अपील काम आई।
बलूच लोग अपने लिए अलग मुल्क की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि बलूचिस्तान में सबसे ज्यादा प्रकृतिक संसाधन हैं, और पाकिस्तानी हुकूमत बलूचिस्तान के संसाधन लूट रही है।
महू में क्रिकेट फैन्स ने तिरंगा लेकर विजय जुलूस निकाला था, आतिशबाजी की थी, ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम’ के नारे लगा कर सड़कों पर निकले थे। लेकिन जामा मस्जिद रोड पर अचानक माहौल बदला। मस्जिद में तरावीह नमाज़ का वक्त था। कुछ लोग मस्जिद से निकले और जुलूस को वापस लौटने को कहा।
हकीकत ये है कि जो कुछ लोग अब तक वक्फ की अरबों की प्रॉपर्टी पर कब्जा करके बैठे हैं, उसके जरिए करोड़ों रुपये कमाते हैं, उनका खेल खत्म हो जाएगा। इसीलिए वे परेशान हैं और यही लोग मुस्लिम भाइयों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने जो कहा हर भारतवासी की इच्छा है, हमारा कश्मीर हमें जल्दी वापस मिले। ये मांग, ये ललक आज की नहीं, बरसों पहले की है।
अबू आजमी का समर्थन करके अखिलेश यादव ने योगी के सामने फुल टॉस फेंक दी, योगी ने बिना देर किए बाउंड्री के पार भेज दिया। योगी अब तक समाजवादी पार्टी को महाकुंभ के बारे में दुष्प्रचार के मुद्दे पर घेर रहे थे, सनातन विरोधी बता रहे थे, लेकिन उन्हें फिर मौका मिल गया।
योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के नेताओं ने महाकुंभ को बदनाम करने की सुनियोजित साजिश की, झूठा प्रचार किया लेकिन कामयाब नहीं हुए क्योंकि जमीनी हकीकत लोग खुद देख रहे थे।
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के आयोजन को लेकर विधानसभा में विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने अपने भाषण में इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर इन चीफ रजत शर्मा के कमेंट का भी जिक्र किया।
योगी ने महाकुंभ को लेकर वो तमाम बातें बताई जिसके बारे में लोगों को कुछ नहीं पता है। महाकुंभ में मौनी अमावस्या के दिन 29 जनवरी को हुई भगदड़ में तीस श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी। इसको लेकर योगी की सरकार पर सवाल उठे। विरोधियों ने हमले किए। योगी ने जो बताया, वो कई लोगों की आंखें खोल देगा।
महाकुंभ मूल रूप से गरीबों और मध्यम वर्ग के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बन गया। देश के कोने-कोने से आए करोड़ों लोगों की श्रद्धा की अभिव्यक्ति का मंच बन गया। इतनी बड़ी संख्या में लोग आए कि उसकी गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दी।
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