भारत ने पाकिस्तानी आतंकी साजिद मीर को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के प्रस्ताव पर अड़ंगा लगाने के लिए चीन को जमकर धोया है। भारत ने चीन का नाम लिए बगैर उसे तुच्छ तक कह डाला है। भारत ने कहा कि जहां सारे सुबूत और तथ्य मौजूद हों, उसे बिना कारण खारिज करना क्या दर्शाता है। यह तुच्छ भू-राजनीतिक हितों के कारण है।
वास्तविक नियंत्रण रेखा से लगे लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक चीन अपनी नापाक हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। चीन अरुणाचल को दक्षिण तिब्बत होने का दावा करता रहा है। जबकि यह भारत का अभिन्न अंग है। अमेरिकी सीनेट अरुणाचल प्रदेश को भारत के अभिन्न अंग के रूप में मान्यता देने पर विचार कर रही है। ऐसा हुआ तो चीन के लिए बड़ा झटका।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को रात करीब साढ़े नौ बजे अमेरिका पहुंच गए हैं। बुधवार को सुबह 8 बजे वह संयुक्त राष्ट्र के योग सत्र का नेतृत्व करेंगे। इस दौरान संयुक्त राष्ट्र के प्रमुख समेत अन्य गणमान्य मौजूद रहेंगे। भारत के लिए यह गौरव का क्षण होगा। पीएम मोदी की यह ऐतिहासिक अमेरिका यात्रा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका दौरे के दौरान दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क समेत अन्य उद्यमियों से प्रस्तावित मुलाकात ने चीन की हवा खराब कर दी है। अभी कुछ दिन पहले ही अमेरिका की कई कंपनियों ने चीन के साथ संबंध बिगड़ने पर भारत जैसे देश में निवेश का विकल्प तलाशने की बात कही थी। ऐसे में चीन चिंतित है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के चलते अब देश ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में शहीदों को उच्च सम्मान प्राप्त होगा। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में शहीदों को सम्मान देने के लिए एक प्रस्ताव पेश किया था, जो स्वीकार हो गया है। अब शहीदों के लिए यूएन में स्मारक दीवार बनेगी। भारतीय जवान भी यूएन मिशन में शहीद हुए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने कार्यकाल के दौरान मिस्र के साथ संबंधों को काफी गहरा कर दिया है। जबकि पहले चीन का इस देश में दबदबा रहा करता था। अब भारत की एंट्री से चीन परेशान हो उठा है। मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल सीसी को पीएम मोदी ने 26 जनवरी को विशेष अतिथि भी बनाया था। अब वह अमेरिका के साथ मिस्र की भी यात्रा।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जून को अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे। अमेरिकी सीनेट के प्रस्ताव को पीएम मोदी ने स्वीकार लिया है। उन्होंने अमेरिकी संसद को दूसरी बार संबोधित करने के मौके को लेकर गर्व और उत्सुकता जताई है। वह देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री होंगे जो दूसरी बार अमेरिकी संसद को संबोधित करेंगे।
2016 में भी पीएम मोदी ने अमेरिकी संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया था और अमेरिका एवं भारत के बीच संबंधों को काफी प्रगाढ़ किया। अमेरिका ने कहा है कि ‘‘एक बार फिर, अमेरिका और भारत के बीच चिरस्थायी मित्रता को आगे बढ़ाने के लिए कांग्रेस (अमेरिकी संसद) की संयुक्त बैठक में हमारे साथ आपके शामिल होने से हमें गर्व होगा।
नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड और पीएम मोदी के बीच दिल्ली के हैदराबाद हाउस में कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। साथ ही कई प्रोजेक्ट को लांच किया गया।
पीएम मोदी ने अब देश के युवाओं को सशक्त बनाने का प्रण लिया है। इसलिए 4 जुलाई से देश में होने जा रहे शिखर सम्मेलन में पहली बार युवा सशक्तिकरण और स्टार्टअप पर फोकस किया गया है।
नेपाल में अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं ने भी इस मुद्दे को उठाया है। पूर्व प्रधानमंत्री बाबूराम भट्टराई ने कहा, "भारत के हाल ही में उद्घाटन किए गए नए संसद भवन में 'अखंड भारत' के विवादास्पद भित्तिचित्र नेपाल सहित पड़ोस में अनावश्यक और हानिकारक राजनयिक विवाद को भड़का सकते हैं।"
भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंध नए मुकाम पर पहुंचने वाले हैं। नए भारत की ताकत देखकर अमेरिका भी गहरी दोस्ती को आतुर है। भारत के साथ राष्ट्रपति जो बाइडन संबंधों का नया इतिहास रचना चाहते हैं। इसलिए पीएम मोदी की जून में अमेरिका यात्रा से पहले अपने रक्षामंत्री को दिल्ली भेज रहे हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 22 जून को अमेरिका के राजकीय यात्रा पर जाएंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और ह्वाइट हाउस को पीएम मोदी की मेहमानवाजी का बेसब्री से इंतजार है। इसी बहाने भारत और अमेरिका संबंधों की नई इबारत लिखेंगे।
पीएम मोदी ने उनकी यात्रा और भारत के बारे में लोगों के विचारों को साझा करते हुए कहा कि आज भारत में पूर्ण बहुमत की सरकार है इसलिए दुनिया भारत की सुनती है। भारतीय विरासत को पूरी दुनिया सम्मान देती है व पूजती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आस्ट्रेलिया यात्रा से पहले तिरंगे की रोशनी में नहाए सिडनी हार्बर और ओपेरा हाउस की तस्वीरें वायरल हो रही हैं। तस्वीरें दर्शाती हैं कि भारत और आस्ट्रेलिया के रिश्ते लगातार गहराते जा रहे हैं। दोनों देशों के मजबूत होते द्विपक्षीय संबंधों से दुश्मन देश हैरान हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति लोगों की दीवानगी और क्रेज को देखकर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइजन एक बार फिर हैरान रह गए हैं। पीएम मोदी की लोकप्रियता से प्रभावित होकर अभी पिछले हफ्ते ही जो बाइडन ने कहा था कि ..मुझे तो आपका ऑटोग्राफ लेना चाहिए...
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऑस्ट्रेलिया में अराजकों द्वारा मंदिरों पर किए जाने वाले लक्षित हमलों के मामले को गंभीरता से लिया है। पीएम मोदी ने अपने ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष एंथनी अल्बनीज के साथ बुधवार को बातचीत में ऑस्ट्रेलिया में मंदिरों पर हमलों की हालिया घटनाओं और खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियों से अवगत कराया।
ऑस्ट्रेलिया में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "लोकप्रियता के मेगा शो" ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। आज पीएम मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक हो रही है। इससे पहले ऑस्ट्रेलियाई अखबारों ने भी आज प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में उन्हें पहले पेज पर जगह दी है।
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