बघेल ने कहा-'पहले ही चुनाव प्रचार के दौरान मैंने कहा था कि जैसे ही बीजेपी की सरकार सत्ता में आएगी, पेट्रोल-डीजल-LPG की कीमतें बढ़ जाएंगी।'
आज एक बार फिर तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में प्रति लीटर 80 पैसे की बढ़ोत्तरी की है। LPG भी 50 रुपए प्रति सिलेंडर महंगी हो गई है। अब कांग्रेस सांसदों ने लगातार बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है।
राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 97.01 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 88.27 रुपये प्रति लीटर हो गई है।
021 के बीच पेट्रोलियम पदार्थों के आयात पर 37,653.14 करोड़ रुपये का सीमा शुल्क वसूला गया।
ऊर्जा मंत्री गामिनी लोकुगे ने कहा, हमने पेट्रोल पंपों पर सैन्य कर्मियों को तैनात करने का निर्णय लिया है।
4 नवम्बर 2021 के बाद कीमतों में पहली बार फेरबदल हुआ है। बढ़ी हुई कीमतें आज सुबह से लागू हो गई हैं।
सूत्रों के बताया कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 40 प्रतिशत की वृद्धि के बाद थोक में डीजल खरीदने वाले उपभोक्ताओं के लिए डीजल की कीमत में 25 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है।
सरकार ने 120 दिनों से कीमत बढ़ने नहीं दी। आज भी पेट्रोल पंप पर कीमत वही है जो क्रूड के 80 रुपए प्रति डॉलर पर आधारित थी। सरकारी कंपनियां चुपचाप घाटा सह रही हैं। निजी क्षेत्र की कंपनियों में हड़कंप
पेट्रोल की बिक्री एक से 15 मार्च के बीच 12.3 लाख टन रही, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 18 प्रतिशत और 2019 की तुलना में 24.4 प्रतिशत अधिक है
मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सात मार्च को विधानसभा में कहा था कि राज्य ट्रैक्टरों को प्रतिबंध से छूट देने वाला कानून लाएगा
पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला है कि पेट्रोल पंप पर तेल डलवाने वाले लोग जब भुगतान करने के लिए सेल्समैन को अपना एटीएम कार्ड देते तो आरोपी अपने पास रखी स्कैनर मशीन से एटीएम कार्ड को स्कैन कर लेते और उसकी सहायता से एटीएम का क्लोन बना लेते थे।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 130 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है। अब ईंधन की कीमत में बढ़ोतरी के कयास लगाए जा रहे हैं।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच देश में कच्चे तेल की कमी नहीं होने देने का भरोसा दिलाते हुए मंगलवार को कहा कि पेट्रोलियम कंपनियां ही ईंधन कीमतों पर कोई निर्णय करेंगी।
रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध का असर घरेलू बाजार में अब ईंधन की कीमतों पर दिखाई देना शुरू हो गया है। क्रूड ऑयल और बहुमूल्य धातुओं की कीमत में तेजी के बाद अब सीएनजी की कीमत में इजाफा हो गया है।
पांच राज्यों में चुनाव के चलते देश में 4 नवंबर 2021 के बाद से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव नहीं हुआ है। वहीं, ब्रेंट क्रूड इस दौरान 81 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 130 डॉलर के पार पहुंच गया है।
आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि बीते दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम बढ़ने से सरकारी स्वामित्व वाले खुदरा तेल विक्रेताओं को लागत वसूली के लिए 16 मार्च 2022 या उससे पहले ईंधन के दामों में 12.1 प्रति लीटर की वृद्धि करनी होगी।
कमोडिटी एक्सपर्ट और केडिया कमोडिटी के डायरेक्टर अजय केडिया ने इंडिया टीवी को बताया कि बीते 90 दिन में कच्चा तेल 90% महंगा हो गया है।
आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 25 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, कच्चा तेल 1 डॉलर प्रति बैरल महंगा होने पर देश में पेट्रोल-डीजल के दाम औसतन 55-60 पैसे प्रति लीटर बढ़ जाते हैं।
ऐसी संभावना जताई जा रही है कि उत्तर प्रदेश, पंजाब और उत्तराखंड समेत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव खत्म होने के साथ ही पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में तीव्र वृद्धि हो सकती है
पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के अनुसार 2022-23 में ईंधन खपत बढ़कर 21.45 करोड़ टन हो जाने का अनुमान है।
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