पाकिस्तानी सेना के आर्मी चीफ असीम मुनीर ने भारत को एक बार फिर गीदड़भभकी दी है। मुनीर ने कहा कि मैं भारतीय सेना को चेतावनी देता हूं कि अगर अबकी बार हमला किया तो हमारे हथियार भारत का भूगोल बदल देंगे।
इस रक्षा समझौते से पहले 1982 में दोनों देशों ने एक द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके तहत पाकिस्तानी सेना ने सऊदी अरब को प्रशिक्षण, सलाह और तैनाती जैसी सेवाएं दी थीं।
ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका क्यों लगातार उसके विरोध में है। अमेरिका क्यों चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाए, आखिर क्यों सभी देश नहीं रख सकते हैं परमाणु बम, ईरान की कोशिश पर अमेरिका और इजरायल ने कैसे फेरा पानी?...आइये सबकुछ आपको बताते हैं।
ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। ईरान ने उन्नत सेंट्रीफ्यूज का निर्माण तो शुरू कर ही दिया है साथ ही वह यूरेनियम के भंडार को भी तेजी से बढ़ा रहा है।
इजरायल और अमेरिका का कट्टर दुश्मन ईरान अब परमाणु हथियार बनाने के और भी करीब पहुंच गया है। वह भी ऐसी स्थिति में जब इजरायली सेना ने हाल ही में ईरान के गुप्त ठिकानों पर हमला किया था।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई परमाणु नीति पर हस्ताक्षर किए हैं। रूस ने इस बदलाव में कन्वेंशनल मिसाइल के हमले के साथ-साथ ड्रोन या दूसरे एयरक्राफ्ट के अटैक को भी शामिल किया है। तो चलिए ऐसे में जानते हैं कि रूस की परमाणु ताकत कितनी है।
‘‘हमने वादा किया है कि हम परमाणु हथियार रहित देशों या परमाणु हथियार मुक्त क्षेत्रों के विरुद्ध परमाणु हथियारों का इस्तेमाल नहीं करेंगे या इस्तेमाल करने की धमकी नहीं देंगे। हम अपनी परमाणु क्षमताओं को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए आवश्यक स्तर पर बनाए रखेंगे।’’
रूस की सेना तीसरी बार परमाणु हथियारों के साथ अभ्यास कर रही है। ये सभी रणनीतिक परमाणु हथियार हैं। यूक्रेन युद्ध के बीच रूसी सेना की इस तरह की तैयारियों को देखकर यूक्रेन से लेकर यूरोप तक हड़कंप मच गया है कि आखिर पुतिन क्या करने वाले हैं?
क्या आपने कभी टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन का नाम सुना है, आखिर ये क्या होते हैं। रूस-यूक्रेन युद्ध में इनके इस्तेमाल की आशंका अचानक क्यों तेज हो गई है। अगर युद्ध में इनका इस्तेमाल हुआ तो कितनी बड़ी तबाही हो सकती है। परमाणु बमों से टैक्टिकल न्यूक्लियर वेपन किस तरह अलग हैं।
ट्रम्प के रनिंग मेट बने जेडी वेंस ने अपने एक बयान से ब्रिटेन से लेकर अमेरिका तक बवाल मचा दिया है। उन्होंने ब्रिटेन को "परमाणु हथियारों वाला वास्तविक इस्लामिक राष्ट्र" की संज्ञा दे डाली है। हालांकि ब्रिटेन ने उनकी इस टिप्पणी को सिरे से खारिज कर दिया है।
रूस-यूक्रेन युद्ध में परमाणु हथियारों का इस्तेमाल राष्ट्रपति पुतिन कब और किन परिस्थितियों में करेंगे, यह उन्होंने अब पूरी दुनिया को खुलकर बता दिया है। पुतिन ने कहा कि फिलहाल यूक्रेन युद्ध जीतने के लिए उन्हें परमाणु हथियार चलाने की जरूरत नहीं है, मगर पश्चिमी देश और नाटो यूक्रेन को अपने सैनिक देते हैं तो यह संभव है।
परमाणु हथियारों के मामले में भारत पाकिस्तान से ज्यादा ताकतवर है। एक रिपोर्ट में ये बात कही गई है। वहीं रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि पहली बार चीन के पास कुछ हथियार हाई ऑपरेशनल अलर्ट पर हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर परमाणु हथियारों के उपयोग की चेतावनी दी है। पुतिन ने कहा कि रूस पर जरा भी खतरा हुआ, तो परमाणु हथियार का इस्तेमाल करने से पीछे नहीं हटेंगे।
जब दुनिया रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-हमास की जंग का दंश झेल रही है, तब ऐसे वक्त में चालबाज चीन परमाणु परीक्षण की गुप्त तैयारी में जुटा है। चीन अपनी बैलिस्टिक मिसाइलों और परमाणु संचालित हथियारों की क्षमता के परीक्षण व ताकत बढ़ाने को यह तैयारी कर रहा है। न्यूयॉर्क टाइम्स ने सैटेलाइट तस्वीरों के माध्यम से ये दावा किया।
उत्तर कोरिया ने एक बार फिर न्यूक्लियर हथियारों से हमले की धमकी दी है। किम जोंग के देश ने कहा है कि यदि उसे कोई परमाणु हथियार से डराएगा, तो वह परमाणु हमला करने में नहीं हिचकिचाएगा। जानिए उत्तर कोरिया ने और क्या कहा?
अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, यूके, भारत-पाकिस्तान और उत्तर कोरिया व इजरायल समेत दुनिया के कई ताकतवर देश परमाणु संपन्न देशों में हैं। अमेरिका और रूस में परमाणु हथियरों को बनाने की दौड़ में सबसे आगे निकलने की बड़ी होड़ लगी है। दुनिया के अन्य देश भी इस दौड़ में पीछे नहीं रहना चाहते।
रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के बीच कुछ न कुछ खिचड़ी तो जरूर पक रही होगी। क्या पुतिन अब यूक्रेन पर परमाणु हमला करना चाहते हैं, जिसके बाद यूरोप और अमेरिका के रिएक्शन का अंदाजा लगाकर उन्होंने अपने मित्र चीन और उत्तर कोरिया के साथ कोई गुप्त डील की है।
उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन आखिर क्या करने वाले हैं, क्या वह किसी देश पर हमला करने जा रहे हैं...अगर नहीं तो फिर उन्होंने अपने सैनिकों को युद्ध में तैयार रहने को क्यों कहा। सैनिकों को युद्ध की तैयारी का निर्देश क्यों दिया। किम जोंग ने अचानक बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्री और परमाणु बम के जखीरों का निरीक्षण क्यों किया।
रूस ने हाल ही में फैसला किया है कि वह बेलारूस में टैक्टिकल परमाणु हथियारों को तैनात करेगा। अब लुकाशेंको ने यह भी कहा है कि जरूरत पड़ने पर पुतिन अंतरमहाद्वीपीय परमाणु मिसाइल को भी बेलारूस में तैनात कर सकते हैं। इस बयान के बाद से ही नाटो यानी पश्चिमी देश ही नहीं, अमेरिका को भी टेंशन हो गई है।
पुतिन ने कहा कि यह योजना यूक्रेन को ‘डिप्लेटेड यूरेनियम’ वाला गोला-बारूद देने की ब्रिटेन की योजना की जवाबी प्रतिक्रिया है। पुतिन ने पहले दावा किया था कि ये गोला-बारूद परमाणु घटक से लैस हैं।
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