इस साल यूपी का बजट आठ लाख करोड़ तक का हो सकता है। बजट पेश करने से पहले वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जाएगा। इस बजट से किसानों, महिलाओं और युवाओं को नई उम्मीद मिलेगी।
किसी प्रोजेक्ट के लिए, डेवलपर्स को एनएचएआई, एएआई, अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि जैसे विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्राधिकरणों से कई अनापत्ति प्रमाण पत्र/अनुमोदन/अनुमति लेने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की मांग है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को संसद में वित्त वर्ष 2025-26 का आम बजट पेश करेंगी। इस बार के बजट को लेकर हर किसी को काफी उम्मीदें हैं।
देश के कई राज्यों में स्टाम्प ड्यूटी की दरें अधिक हैं। भारत में घर खरीदने वालों के लिए यह एक बड़ा वित्तीय बोझ हैं। इसे तर्कसंगत बनाने पर जोर देना चाहिए।
पुल ने 14 जनवरी, 2024 को लोगों के उपयोग के लिए खोले जाने के ठीक बाद 61,807 वाहनों की एक दिन की उच्चतम संख्या देखी। पिछले एक साल में 77,28,149 कारें, 99,660 मिनी बसें और एलसीवी, 1,17,604 बसें गुजरीं।
प्राइस वॉटरहाउस एंड कंपनी एलएलपी के प्रबंध निदेशक अनुराग सहगल ने कहा कि उद्योग की मुख्य मांगें निश्चित रूप से सरकार के उद्देश्यों के अनुरूप होंगी और सरकार का एक उद्देश्य मुकदमेबाजी में कमी लाना है।
2024 में प्रीमियम प्रॉपर्टी की मांग जबरदस्त रही। वहीं, मिड और लोअर मिड सेगमेंट के लिए सप्लाई में कमी एक बड़ी चिंता बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि 2025 में इस असंतुलन को दूर करने के लिए ठोस नीतिगत सुधारों की आवश्यकता है।
ब्याज दरों को घटाने या उन्हें स्टेबल रखने की पॉलिसीज बोरोइंग (कर्ज लेने) को प्रोत्साहित कर सकती हैं, जिससे इकोनॉमिक ग्रोथ में तेजी आएगी। इस स्टेबिलिटी के लिए एक स्पष्ट और सरल रेगुलेटरी फ्रेमवर्क महत्वपूर्ण होगा।
बजट में स्वर्ण मौद्रीकरण योजना में भी सुधार की मांग की गई है। उद्योग जगत का कहना है कि इससे अर्थव्यवस्था में बेकार पड़े घरेलू सोने को बाहर निकालने में मदद मिलेगी। इस प्रकार हमें आत्मनिर्भर बनने और सोने का कम आयात करने में मदद मिलेगी।
भारत दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। भारत का लक्ष्य आने वाले कुछ सालों में दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनना है। इसके लिए युवाओं को प्रर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने होंगे। अभी भारत मात्र 29 साल की औसत उम्र के साथ, एक युवा देश भी है।
केंद्रीय बजट 2025 की उल्टी गिनती शुरू होने के साथ ही, अधिकांश उद्योग निकाय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से पर्याप्त राहत की मांग कर रहे हैं।
सड़क, रेल और हवाई नेटवर्क की मजबूती से देश में न केवल आर्थिक विकास की रफ्तार तेज हुई है, बल्कि स्थानीय स्तर पर भी बुनियादी सुविधाएं बेहतर हुई हैं और इसका सीधा लाभ आम लोगों को मिल रहा है।
भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में बड़े बंदरगाहों को महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। इसके पूरा होने पर, इससे देश में 12 लाख नौकरियां और लगभग 1 करोड़ अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
भारत में स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को 2014 से 2023 के बीच 8.5 लाख करोड़ रुपये (102.4 अरब डॉलर) का नया निवेश मिला, जबकि नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को अप्रैल, 2000 से मार्च, 2024 तक 17.88 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) मिला।
एमएसएमई कारोबारियों ने कहा कि आगामी बजट में मुद्रा योजना के तहत कर्ज सीमा बढ़ाकर 20 लाख रुपये करने के साथ कर प्रोत्साहन देने की जरूरत है।
Budget 2024 : 23 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार 3.0 का पहला बजट पेश करने वाली हैं। इस बजट में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर से जुड़ी भी बड़ी घोषणाएं हों सकती हैं।
लोकसभा चुनाव से पहले पेश किए गए अंतरिम बजट ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान करके एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया था, जो 2023-24 के लिए पहले से ही आवंटित 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
Privatisation of government companies : सरकार की योजना 200 सरकारी कंपनियों की स्थिति को सुधारने की है। इनके लिए लॉन्ग टर्म परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन टार्गेट्स तय किये जाएंगे।
Budget 2024 : बजट से पहले पीएम मोदी ने गुरुवार को दिग्गज अर्थशास्त्रियों के साथ चर्चा की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 23 जुलाई को बजट पेश करेंगी।
बजट में पूंजी प्राप्तियों में बदलाव हुआ और परिसंपत्ति मुद्रीकरण और विनिवेश को 'विविध' के सिंगल टाइटल के तहत लाया गया, जिससे ₹50,000 करोड़ का योगदान हुआ।
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