IMF ने भारत के GDP विकास अनुमान को 6.4% से बढ़ाकर 6.6% कर दिया है। यह संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था ने अमेरिकी टैरिफ का असर झेलते हुए मजबूत रफ्तार बनाए रखी है। विश्व बैंक ने भी भारत की वृद्धि दर को 6.3% से बढ़ाकर 6.5% किया है।
वित्त मंत्री ने कहा कि भारत का एक स्थिर शक्ति के रूप में उभरना न तो संयोग है, न ही अस्थायी, बल्कि यह कई ताकतवर कारकों का परिणाम है। पिछले दशक में सरकार ने वित्तीय समेकन, पूंजी खर्च की गुणवत्ता सुधारने, और महंगाई दबावों को नियंत्रित करने पर ध्यान केंद्रित किया है।
फिच रेटिंग्स ने ग्लोबल इकोनॉमिक आउटलुक में शामिल 10 उभरती बाजार अर्थव्यवस्थाओं के लिए अगले पांच वर्षों में अपने मध्यम अवधि के संभावित जीडीपी अनुमानों को थोड़ा कम कर दिया है।
भारत मजबूत निजी खपत और सार्वजनिक निवेश के बल पर सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना हुआ है, भले ही 2025 में वृद्धि अनुमानों को घटाकर 6.3 प्रतिशत कर दिया गया है।
मूडीज को उम्मीद है कि भारतीय रिजर्व बैंक विकास को समर्थन देने के लिए बेंचमार्क नीति दरों को और कम करेगा। रेटिंग एजेंसी का कहना है कि निवेशकों और कारोबार की लागत बढ़ने की संभावना है।
संयुक्त राष्ट्र की एक रिपोर्ट में कई कम आय वाले देशों को बिगड़ती बाहरी वित्तीय स्थितियों, अस्थिर ऋण और कमजोर घरेलू विकास के सही तूफान का सामना करना पड़ रहा है।
दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत इस दशक के भीतर पांच हजार अरब डॉलर तक विस्तारित होकर तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा।
एसएंडपी ग्लोबल की रिपोर्ट में कहा गया है कि मजबूत वृद्धि संभावनाओं और बेहतर रेगुलेशन के कारण शेयर बाजारों के गतिशील और प्रतिस्पर्धी बने रहने का अनुमान है। भारत के प्रमुख उभरते मार्केट इंडेक्स में शामिल होने के बाद से भारत सरकार के बॉन्ड में विदेशी निवेश में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
सुब्रमण्यन ने कहा कि अगर भारत 8 प्रतिशत की दर से बढ़ता है, तो साल 2047 तक भारत 55 अरब अमेरिकी डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। ऐतिहासिक रूप से 1991 के बाद से, भारत की औसत वृद्धि 7 प्रतिशत से थोड़ी अधिक रही है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हमें लगता है कि कैपिटल एक्सपेंडिचर साइकिल के लिए पर्याप्त गुंजाइश है और इसलिए वर्तमान तेजी 2003-07 के समान है।
उन्होंने कहा कि शेयर बाजार या वित्तीय संस्थानों के वित्तीय संसाधनों पर निर्भर हुए बिना भी कॉर्पोरेट क्षेत्र के पास इन निवेशों को करने और पुनर्संतुलन करने में सक्षम होने के लिए पर्याप्त संसाधन हैं। वैश्विक मंदी और मध्य पूर्व और यूक्रेन में युद्ध छिड़ने के कारण उत्पन्न आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच निवेश में मंदी आई है।
देश के प्रमुख उद्योगपति अडाणी ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'बधाई हो भारत'। भारत के 4,400 अरब डॉलर वाले जापान और 4,300 अरब डॉलर वाले जर्मनी को पीछे छोड़कर जीडीपी के लिहाज से तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनने में सिर्फ दो साल बाकी हैं। तिरंगे की उड़ान जारी है!
इक्रा ने वित्त वर्ष 2023-24 के लिए अपने वृद्धि अऩुमान को छह प्रतिशत पर बरकरार रखा है। यह आरबीआई के 6.5 प्रतिशत के अनुमान से कम है।
Global Ratings: आने वाला समय भारत का है। दुनिया इंडिया को सलाम करेगी। अगर वह 2031 तक यह उपलब्धि हासिल कर लेता है।
India Economy Growth Rate: आज के समय में भारत दुनिया भर में तेजी से विकास कर रहा है। महंगाई भी कंट्रोल में है। ADB के हाल में जारी हुए रिपोर्ट में बड़ा खुलासा हुआ है।
RBI Governor India: भारत की तरक्की आने वाले समय में और तेजी से बढ़ने जा रही है। इसके पीछे का कारण भी अब पता चल गया है। आरबीआई गवर्नर ने इसको लेकर जानकारी दी है।
रेल मंत्रालय की भी जिम्मेदारी संभाल रहे वैष्णव ने कहा कि भारत को विश्व स्तर पर एक आकर्षक स्थान के रूप में देखा जा रहा है और दुनिया भारत में अपना भरोसा जता रही है।
एसएंडपी ग्लोबल मार्केट इंटेलिजेंस में अर्थशास्त्र की सहायक निदेशक पॉलियाना डी लीमा ने कहा, ''मार्च में भारतीय सामानों की अंतर्निहित मांग मजबूत रही।
Indian Economy Updates: शुद्ध रूप से सेवा निर्यात में पिछले साल के मुकाबले उछाल महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत ने सूचना प्रौद्योगिकी और दूसरे सेवा क्षेत्रों में बाजार हिस्सेदारी बढ़ायी है। आने वाले समय में भारत हर क्षेत्र में चहुमुखी विकास करेगा।
आरबीआई ने तो चालू वित्त वर्ष की अंतिम तिमाही में और भी कम 4.2 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान जताया है।
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