रजिस्ट्रेशन एक्ट 1908 की धारा 17 के मुताबिक, किसी भी अचल संपत्ति की बिक्री का रजिस्ट्रेशन जरूरी है, अगर उसकी कीमत 100 रुपये से ज्यादा है।
प्रॉपर्टी कंसल्टेंट कंपनी एनारॉक की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में बेचे जाने वाले 4.60 लाख घरों में से 42% से अधिक नए लॉन्च किए गए प्रोजेक्ट में थे।
हैदराबाद में बिक्री में 47% की गिरावट आ सकती है। हैदराबाद में बिक्री घटकर 11,114 इकाई रहने का अनुमान है। इसी तरह कोलकाता में भी घरों की बिक्री 5,882 इकाई की तुलना में 28% घटकर 4,219 इकाई रहने का अनुमान है।
सीबीआरई की रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024 में सीमेंट, इस्पात और एल्युमीनियम की लागत में वार्षिक आधार पर क्रमशः 6-8 प्रतिशत, 3-5 प्रतिशत और 0-2 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि पेंट की लागत स्थिर रही।
प्रॉपर्टी बाजार में मांग बनी हुई है। इस मांग को तेज करने का काम स्टॉक मार्केट की सुस्त रफ्तार ने भी किया है। वक्त की नजाकत को समझते हुए रियल एस्टेट डेवलपर्स एक के बाद एक प्रोजेक्ट लॉन्च कर रहे हैं।
पिछले साल 1,52,552 करोड़ रुपये की 1,78,771 यूनिट्स की बिक्री हुई है। जबकि, साल 2023 में यहां 1,27,505 करोड़ रुपये में 1,71,903 यूनिट्स की बिक्री हुई थी। साल 2023 के मुकाबले 2024 में 4 प्रतिशत ज्यादा घर बिके हैं। इसी तरह, 2023 के मुकाबले 2024 में कुल सेल्स प्राइस 20 प्रतिशत बढ़ा है।
अगर आप लोन पर घर लेने जा रहे हैं और आपका क्रेडिट स्कोर अच्छा है तो बैंक आपको प्रॉपर्टी की कीमत का 90 प्रतिशत लोन दे सकते हैं। लेकिन यहां आपको समझदारी से फैसला लेते हुए ज्यादा से ज्यादा डाउन पेमेंट करनी चाहिए। ताकि, आपकी जेब पर ऊंची और लंबे समय तक चलने वाली ईएमआई का ज्यादा बोझ न पड़े।
रियल एस्टेट में निवेश डूबने का खतरा नहीं होता है। पैसा हमेशा सुरक्षित रहता है। अगर आप ने सही प्रॉपर्टी की खरीदारी कि है तो लंबी अवधि में एक शानदार रिटर्न मिलना तय होता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रॉपर्टी बाजार को बढ़ावा देने के लिए बजट में कई ऐलान की है। इसका असर रियल्टी मार्केट पर दिखाई देगा।
रियल एस्टेट सेक्टर में पिछले 4 सालों में जबरदस्त तेजी रही है। इसके चलते प्रॉपर्टी की कीमत में बड़ा उछाल आय है। हालांकि, 2025 में इसमें थोड़ी सुस्ती दिखेगी। प्रॉपर्टी की मांग बनी रहेगी लेकिन कीमत में बड़ी तेजी की संभावना नहीं है।
शहरी क्षेत्रों में घर लेने वाली की संख्या वर्ष 2025 में बढ़कर 72 प्रतिशत तक होने की आशा है जो 2020 में केवल 65 प्रतिशत थी। यह डाटा रियल एस्टेट सेक्टर के लिए अगले 5 वर्ष तक शहरीकरण के बढ़ते ग्राफ और इसके कारण घर लेने वालों की संख्या बढ़ने की ओर इशारा कर रहा है।
2024 में प्रीमियम प्रॉपर्टी की मांग जबरदस्त रही। वहीं, मिड और लोअर मिड सेगमेंट के लिए सप्लाई में कमी एक बड़ी चिंता बनी रही। विशेषज्ञों का कहना है कि 2025 में इस असंतुलन को दूर करने के लिए ठोस नीतिगत सुधारों की आवश्यकता है।
मुंबई मेट्रो रीजन 2024 में लगभग 1,55,335 इकाइयों की बिक्री के साथ सबसे अधिक बिक्री देखी गई। बेंगलुरू में भी आवास बिक्री में 2% की मामूली वार्षिक वृद्धि देखी गई। वहीं, NCR 2024 में में घरों की बिक्री घटकर 61,900 रहने का अनुमान है।
प्रॉपइक्विटी के अनुसार, दिल्ली और एनसीआर में मकान की कीमतों में 2019 से 137 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2019 और सितंबर, 2024 के बीच नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा में घरों की कीमतें दोगुनी से अधिक हो गईं हैं।
अगर आपने कोई प्रॉपर्टी इन्वेस्टमेंट के लिए खरीदी है और अब उसे बेचकर शानदार रिटर्न प्राप्त करना चाहते हैं तो ये टिप्स आपके काम आ सकते हैं।
दिल्ली-राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में सबसे अधिक 32 प्रतिशत की सालाना वृद्धि हुई। इसके बाद बेंगलुरू में 24 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि हुई।
क्रेडाई के अध्यक्ष बोमन ईरानी ने 25वें स्थापना दिवस के मौके पर ये भी सुझाव दिया कि सरकार को किफायती और मध्यम आय वर्ग के लिए आवास की मांग को बढ़ावा देने के लिए 75-80 लाख रुपये तक की लागत वाले निर्माणाधीन मकानों पर 1 प्रतिशत जीएसटी लगाना चाहिए।
रियल एस्टेट के जानकारों का कहना है कि बुकिंग के समय ही लीगल डक्यूमेंट्स होने से बिल्डर की मनमर्जी नहीं चलेगी। वह अपनी मर्जी से किसी बायर्स का फ्लैट कैंसल नहीं कर पाएंगे।
मार्च में, प्रेस्टीज एस्टेट्स प्रोजेक्ट्स ने टाउनशिप विकसित करने के लिए सिद्धार्थ विहार, इंदिरापुरम एक्सटेंशन, गाजियाबाद में 62.5 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया था।
45-90 लाख रुपये का बजट रेंज 35 प्रतिशत से अधिक संभावित घर खरीदारों के लिए सबसे पसंदीदा विकल्प बना हुआ है। वर्तमान में, सर्वेक्षण के 28% से अधिक उत्तरदाताओं ने 90 लाख रुपये से 1.5 करोड़ रुपये के बीच की कीमत वाले घरों को अपनी प्राथमिकता बताई है।
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