मयूरभंज जिले में ओलावृष्टि की चपेट में आने से 67 लोग घायल हो गए। वहीं, गंजम और पुरी जिलों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गई।
झारखंड में बढ़ते तापमान के चलते लोगों को उमस और गर्मी से दो चार होना पड़ रहा था लेकिन आज तेज बारिश और कुछ जगहों पर हुई ओलावृष्टि के बाद लोगों ने राहत की सांस ली।
गुजरात, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में जहां भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया गया है तो वहीं कई राज्यों में आंधी तूफान के साथ बारिश और ओले गिरने की संभावना है। जानिए कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
दिल्ली और नोएडा में होली की शाम हल्की बारिश से मौसम सुहावना हो गया। हालांकि, राजस्थान में ओले गिरने से फसलों को खासा नुकसान हुआ है।
राजस्थान के कुछ हिस्से में हुई भारी ओलावृष्टि ने किसानों को तोड़ दिया है। किसानों का कहना है कि सरसों, चना और गेहूं की फसलें पूरी तरह से तबाह हो गई हैं।
राजस्थान के चुरू और झुंझुनूं जिलों में ओले पड़ रहे हैं। वहीं ओले पड़ने की वजह से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ है, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छाई हुई है।
बारिश के बाद ओलावृष्टि की चेतावनी किसानों को डराने वाली है। इस मौसम में फसल पककर तैयार होती है। ऐसे में ओले गिरने पर किसानों को भारी नुकसान हो सकता है।
राजस्थान के अधिकतर इलाके भीषण ठंड की चपेट में हैं। पिछले 4-5 दिन से पूरे प्रदेश में कोहरे का असर है। आलम यह है कि राज्य में सूर्य देवता के दर्शन तक नसीब नहीं हो रहे। अब कोहरे के साथ बारिश की वजह से सर्दी का प्रकोप और बढ़ने वाला है।
राजस्थान में शीतलहर और कड़ाके की ठंड का दौर लगातार जारी है। ठिठुरन भरी सर्दी के बीच पारा लगातार जमाव बिंदु पर है। इस बीच मौसम विभाग ने गुरुवार से राज्य में कई जगह बारिश एवं ओलावृष्टि का अनुमान जताया है।
मिजोरम में 2 मई से 500 से ज्यादा घरों को नुकसान हुआ है। सोमवार के दिन पेड़ गिरने से राजधानी अइजवाल में एक घर को नुकसान हुआ। एक अप्रैल से यहां खराब मौसम के चलते लगभघ 1400 घरों को नुकसान हुआ है।
पूर्वोत्तर के राज्य मिजोरम में बारिश और ओलावृष्टि की वजह से भारी तबाही देखने को मिली। राज्य के 450 से अधिक घरों को नुकसान पहुंचा है। वहीं हजारों लोग इस बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित हुए हैं।
मौसम विभाग ने बताया है कि पहाड़ी राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना है, जबकि तटीय राज्यों में गर्म लू से परेशानी बढ़ सकती है। 16 अप्रैल को नंदयाल सबसे गर्म दिन था, जहां का अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा।
ओलावृष्टि इतना ज्यादा हुई है कि चारों ओर बर्फ ही बर्फ नजर आ रही थी। इस प्राकृतिक आपदा से ग्रामीणों को काफी नुकसान पहुंचा है छत्तीसगढ़ के गौरेला पेंड्रा मरवाही की सड़कें बर्फ से पूरी तरह ढक गई थी, राह चलते हुए लोगों ने इसका वीडियो भी बनाया।
मध्य प्रदेश के छतरपुर में ओलावृष्टि की वजह से एक दर्जन से ज्यादा मोरों की मौत हो गई। किसानों के खेतों में जगह-जगह राष्ट्रीय पक्षी मोरों के शव पड़े मिले।
योगी सरकार इस परिस्थिति में अन्नदाता किसानों के साथ खड़ी है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण सरसों, मटर, मसूर, गेहूं, चना आदि की फसलों को काफी नुकसान हुआ है। सरकार बारिश के बाद भी होने वाले नुकसान का आकलन करा रही है।
राजस्थान में ठंड और शीतलहर का प्रकोप जारी है। मौसम विभाग ने कहा है कि प्रदेश के कई जिलों में कल यानी 9 जनवरी को बारिश और ओलावृष्टिट की संभावना है। जानिए कैसा रहेगा मौसम-
गुजरात के राजकोट में आज मौसम ने करवट ली और बारिश के साथ ओले गिरे हैं। अहमदाबाद रोड पर कुवाडवा के पास बर्फ गिरी है और लोगों को शिमला या कश्मीर जैसा अहसास हुआ है। मौसम विभाग ने पहले ही गुजरात में तीन दिनों तक बारिश की भविष्यवाणी की थी।
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी और अप्रैल 2022 के बीच प्रतिकूल मौसम की घटनाओं के कारण 86 लोगों की मौत हुई जबकि इस साल इसी अवधि में 233 लोगों की जान गई है।
दिल्ली में शुक्रवार से शनिवार की सुबह तक मार्च के महीने में तीन साल के बाद इतनी बारिश हुई है, वहीं हिमाचल प्रदेश में बारिश और बर्फबारी जारी है जिससे ठंड वापस लौट आई है। जानिए मौसम विभाग ने क्या कहा है-
बेमौसम हुई आसमानी आफत ने सबसे बड़ी चोट देश के अन्नदाता को दी है। उत्तर से लेकर दक्षिण तक भारी बारिश हो रही है। कई राज्यों में हुई बारिश और ओलावृष्टि से हजारों हेक्टेयर तैयार खड़ी फसल बर्बाद हो गई है।
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