Wednesday, January 14, 2026
Advertisement
  1. Hindi News
  2. विषय

freedom fighters News in Hindi

'राम मोहम्मद सिंह आजाद' था क्रांतिकारी का नाम, लिया था भारत में कत्लेआम का बदला, आज ही के दिन हुई थी फांसी

'राम मोहम्मद सिंह आजाद' था क्रांतिकारी का नाम, लिया था भारत में कत्लेआम का बदला, आज ही के दिन हुई थी फांसी

देश | Jul 31, 2025, 08:27 AM IST

जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने वाले महान क्रांतिकारी उधम सिंह ने अपना नाम 'राम मोहम्मद सिंह आजाद' रखा था। हिंदू, मुस्लिम, सिख एकता के प्रतीक बने इस क्रांतिकारी को 31 जुलाई 1940 को फांसी दी गई।

बंगाल में स्वतंत्रता सेनानियों को आतंकवादी बताने पर विवाद, BJP ने ममता सरकार पर साधा निशाना

बंगाल में स्वतंत्रता सेनानियों को आतंकवादी बताने पर विवाद, BJP ने ममता सरकार पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल | Jul 11, 2025, 12:24 PM IST

विद्यासागर यूनिवर्सिटी के इतिहास परीक्षा में स्वतंत्रता सेनानियों को 'आतंकवादी' कहे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। बवाल शुरू होने के बाद कुलपति ने इसे प्रिंटिंग की गलती बताया और मॉडरेशन टीम के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।

7 अप्रैल की तारीख थी फिक्स, फिर 8 अप्रैल को मंगल पांडेय को क्यों दी गई फांसी?

7 अप्रैल की तारीख थी फिक्स, फिर 8 अप्रैल को मंगल पांडेय को क्यों दी गई फांसी?

राष्ट्रीय | Apr 08, 2025, 01:00 PM IST

इतिहास में 8 अप्रैल का दिन आजादी के लिए कुर्बानी देने वाले लोगों के नाम दर्ज है। इस दिन ही मंगल पांडे को फांसी दी गई थी। वहीं, भारत में धधकती आजादी की आंच पूरी दुनिया तक पहुंचे इसलिए भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल को ही दिल्ली के सेंट्रल एसेंबली हॉल में बम फेंका था।

'गांधी' से लेकर 'मंगल पांडे' तक, स्वतंत्रता सेनानियों की अमर गाथा दिखाती हैं ये बॉलीवुड फिल्में

'गांधी' से लेकर 'मंगल पांडे' तक, स्वतंत्रता सेनानियों की अमर गाथा दिखाती हैं ये बॉलीवुड फिल्में

बॉलीवुड | Aug 13, 2024, 04:35 PM IST

स्वतंत्रता दिवस अब करीब आ गया है और भारतवासी इस खास मौके पर देश के लिए कुर्बानी देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को याद करेंगे। इन स्वतंत्रता सेनानियों पर बॉलीवुड में कई फिल्में बनी हैं। 'गांधी' से लेकर 'मंगल पांडे' तक ऐसी फिल्मों की लिस्ट हम आपके लिए लाए हैं।

Mangal Pandey Birth Anniversary: कहानी मंगल पांडे की, बलिया के इस छोटे से गांव में हुआ था जन्म

Mangal Pandey Birth Anniversary: कहानी मंगल पांडे की, बलिया के इस छोटे से गांव में हुआ था जन्म

राष्ट्रीय | Jul 19, 2024, 10:08 AM IST

बलिया के छोटे से गांव में जन्में मंगल पांडे को कौन नहीं जानता है। आजादी के लिए ल़ी जाने वाली पहली लड़ाई 1857 की क्रांति ही थी, जिसमें मंगल पांडे ने अहम भूमिका निभाई और मंगल पांडे से नाराज अंग्रेजों ने उन्हें फांसी दे दी।

आजादी के नायक भगत सिंह को फांसी था गलत फैसला, पाकिस्तान में दोबारा मुकदमा शुरू कर न्याय दिलाने की उठी मांग

आजादी के नायक भगत सिंह को फांसी था गलत फैसला, पाकिस्तान में दोबारा मुकदमा शुरू कर न्याय दिलाने की उठी मांग

एशिया | Mar 23, 2024, 11:50 PM IST

अविभाजित भारत के स्वंतंत्रता संग्राम के दौरान आजादी के नायक रहे सरदार भगत सिंह की फांसी को गलत बताते हुए पाकिस्तान में कुछ संगठनों ने इस मामले की फिर से सुनवाई करने की मांग की है। पाकिस्तान कोर्ट से मामले की उसी तरह दोबारा सुनवाई कर न्याय देने की मांग की है, जैसा पूर्व पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो के केस में हुआ।

स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के मामले को पाकिस्तान में दोबारा खोले जाने की क्यों हुई मांग, जानें कोर्ट ने क्या कहा

स्वतंत्रता सेनानी भगत सिंह के मामले को पाकिस्तान में दोबारा खोले जाने की क्यों हुई मांग, जानें कोर्ट ने क्या कहा

एशिया | Sep 17, 2023, 11:11 AM IST

पाकिस्तान की अदालत में एक याचिका दायर कर शहीद भगत सिंह को सजा से बरी करने की मांग की गई है। साथ ही मरणोपरांत उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग की गई है। ब्रिटिश पुलिस अधिकारी सांडर्स की हत्या में दोषी मानकर भगत सिंह को फांसी दी गई थी। मगर याचिका के अनुसार बिना गवाहों को सुने भगत सिंह को सजा दी गई।

कहानी वीर सावरकर की, कोई मानता है विलेन तो कोई मानता है हीरो, आपके लिए क्या हैं विनायक

कहानी वीर सावरकर की, कोई मानता है विलेन तो कोई मानता है हीरो, आपके लिए क्या हैं विनायक

राष्ट्रीय | May 28, 2023, 08:53 AM IST

वीर सावरकर जयंती: वीर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को नासिक गांव में हुआ था। आज उनकी जयंती के अवसर पर पढ़ें उनके जीवन के बारे में कुछ बातें।

उत्तराखंड की पहली महिला आंदोलनकारी, जो आजादी की लड़ाई के दौरान गई जेल

उत्तराखंड की पहली महिला आंदोलनकारी, जो आजादी की लड़ाई के दौरान गई जेल

राष्ट्रीय | Dec 16, 2022, 05:22 PM IST

उत्तराखंड के अल्मोड़ा की बिशनी देवी साह उत्तराखंड की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी थीं। आजादी की लड़ाई में जेल जाने वालीं वो पहली महिला भी रही।

देश के इस राज्य में सरकार ने लिया बड़ा फैसला, स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन हुई दोगुनी

देश के इस राज्य में सरकार ने लिया बड़ा फैसला, स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन हुई दोगुनी

राष्ट्रीय | Nov 17, 2022, 10:58 PM IST

राज्य सरकार ने स्वतंत्रता सेनानियों की पेंशन को दोगुना कर दिया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की साप्ताहिक बैठक में इस मामले में फैसला लिया गया।

स्वतंत्रता सेनानियों के घर पहुंचे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित

स्वतंत्रता सेनानियों के घर पहुंचे राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित

राजस्थान | Aug 15, 2022, 08:10 AM IST

Independence Day 2022: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर देश की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों के घर पहुंचे और उन्हें कच्चे सूत की माला पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।

 आजाद भारत की ये 5 बड़ी उपलब्धियों ने दुनिया में बजाया डंका

आजाद भारत की ये 5 बड़ी उपलब्धियों ने दुनिया में बजाया डंका

राष्ट्रीय | Aug 14, 2022, 06:01 PM IST

75 years of independence: आजादी के 75 साल जल्द ही पूरे होने वाले हैं। इसी मौके पर देश 75वां अमृत महोत्सव मना रहा है। जब हमारा देश आजाद हुआ था, तब हर मामले में हमारा देश पिछड़ा था। अंग्रेजों ने जितना भारत को आधुनिक बनाया था, उससे कई गुना भारत को लूट लिया था।

"इंकलाब जिंदाबाद" से लेकर "करो या मरो" इन 6 नारों से कांप जाते थे अंग्रेज

"इंकलाब जिंदाबाद" से लेकर "करो या मरो" इन 6 नारों से कांप जाते थे अंग्रेज

राष्ट्रीय | Aug 13, 2022, 06:41 PM IST

75 years of independence: 'जय हिंद!' हो या 'वंदे मातरम!', आज बोले जाने वाले अधिकांश लोकप्रिय देशभक्ति के नारों की उत्पत्ति भारतीय स्वतंत्रता के आंदोलन से हुई है। वर्तमान समय में भी इन नारों को खुब बोला जाता है।

जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस मौत के मुंह से बाहर निकल आए थे, जानें कैसा था सफर

जब नेताजी सुभाष चंद्र बोस मौत के मुंह से बाहर निकल आए थे, जानें कैसा था सफर

राष्ट्रीय | Aug 09, 2023, 03:15 PM IST

Subhash Chandra Bose: पूरी दुनिया दूसरे विश्वयुद्ध की आग में जल रही थी। उस समय भारत में भी स्वतंत्रता के लिए अहिंसक और सशस्त्र आंदोलन गति पकड़ रहा था। महात्मा गांधी अहिंसक आंदोलन का नेतृत्व कर रहे थे, जबकि सशस्त्र आंदोलन की बागडोर नेताजी सुभाष चंद्र बोस के हाथों में थी।

आजादी के बाद कितना बदला हमारे भारत का नक्शा? आतंरिक सीमाओं में आए कई बदलाव, यहां देखिए 75 साल का सफर

आजादी के बाद कितना बदला हमारे भारत का नक्शा? आतंरिक सीमाओं में आए कई बदलाव, यहां देखिए 75 साल का सफर

राष्ट्रीय | Aug 04, 2022, 05:56 PM IST

भारत में जरूरत और मांग के हिसाब से वक्त-वक्त पर नए राज्यों का गठन होता रहा है। 2019 में ही जम्मू कश्मीर और लद्दाख को अलग करते हुए दो केंद्र शासित प्रदेश के तौर पर मान्यता दी गई थी।

देश की एकता व अखंडता से खिलवाड़ स्वतंत्रता सेनानियों के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात: नरेंद्र मोदी

देश की एकता व अखंडता से खिलवाड़ स्वतंत्रता सेनानियों के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात: नरेंद्र मोदी

पश्चिम बंगाल | Mar 23, 2022, 11:05 PM IST

शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के बलिदान को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी गाथाएं देश के लिए दिन रात मेहनत करने के लिए देशवासियों को प्रेरित करती हैं।

स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की जयंती आज, पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि

स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय की जयंती आज, पीएम मोदी ने ट्वीट कर दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रीय | Jan 28, 2022, 11:04 AM IST

मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को उनकी जयंती पर सादर नमन। स्वतंत्रता आंदोलन में उनके साहस, संघर्ष और समर्पण की कहानी देशवासियों के लिए सदैव स्मरणीय रहेगी।’

बोस ने ही दी थी गांधीजी को राष्ट्रपिता की उपाधि

बोस ने ही दी थी गांधीजी को राष्ट्रपिता की उपाधि

राष्ट्रीय | Jan 24, 2022, 02:22 PM IST

नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन पर महात्मा गांधी के विचारों का भी प्रभाव था, भले ही आजादी की जंग में गांधीजी से उनके मतभेद रहे हों, लेकिन बोस ने ही गांधीजी सबसे पहले राष्ट्रपिता की उपाधि दी थी। 1938 और 1939 में नेताजी सुभाषचंद्र बोस कांग्रेस अध्यक्ष भी बने। हालांकि, 1939 में महात्मा गांधी और कांग्रेस आलाकमान के साथ मतभेदों के बाद उन्होंने कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया औऱ पार्टी से अलग हो गए।

अंग्रेजों को धूल चटाने के लिए बना डाली आजाद हिंद फौज, किया रेडियो प्रसारण, जर्मनी से जापान तक किया सफर

अंग्रेजों को धूल चटाने के लिए बना डाली आजाद हिंद फौज, किया रेडियो प्रसारण, जर्मनी से जापान तक किया सफर

राष्ट्रीय | Jan 23, 2022, 08:30 AM IST

देश की आजादी के लिए नेताजी सुभाषचंद्र बोस ने अथक प्रयास किए। उन्होंने ब्रिटेन के विरोधी देशों को जो विश्वयुद्ध में ब्रिटेन के विरोध में लड़ रहे थे, उन्हें साधने की कोशिश की, ताकि वे अपनी ऐसी फौज बना सकें, जिससे वे अंग्रेजों से लड़ सकें। इसके लिए वे जर्मनी गए और हिटलर से मिले, जापान भी गए। उन्हें यहां से सहयोग भी मिला।

जलियावाला बाग कांड ने सुभाषचंद्र बोस को कर दिया था विचलित, जानिए कैसे वे स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े

जलियावाला बाग कांड ने सुभाषचंद्र बोस को कर दिया था विचलित, जानिए कैसे वे स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े

राष्ट्रीय | Jan 23, 2022, 08:29 AM IST

देश भारतमाता के वीर सपूत नेताजी सुभाषचंद्र बोस की 125वीं जयंती मना रहा है। उनके जन्मदिन को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पराक्रम दिवस के रूप में मना रही है। अब गणतंत्र दिवस समारोह की शुरुआत उनके जन्मदिन से प्रारंभ होगी। जानिए नेताजी कैसे राजनीति में आए, क्यों आईसीएस की परीक्षा से त्यागपत्र दे डाला और भी बहुत कुछ।

Advertisement
Advertisement
Advertisement