लाहौर एक ऐसा शहर है जो कभी अपनी खूबसूरती, संस्कृति और सौहार्द के लिए जाना जाता था। यह शहर आज भी अपने ऐतिहासिक वैभव की कहानियां बयां करता है।
जलियांवाला बाग हत्याकांड का बदला लेने वाले महान क्रांतिकारी उधम सिंह ने अपना नाम 'राम मोहम्मद सिंह आजाद' रखा था। हिंदू, मुस्लिम, सिख एकता के प्रतीक बने इस क्रांतिकारी को 31 जुलाई 1940 को फांसी दी गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को मालदीव के स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल हुए। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मालदीव को एक्स पर उसकी हीरक जयंती पर बधाई दी है।
विद्यासागर यूनिवर्सिटी के इतिहास परीक्षा में स्वतंत्रता सेनानियों को 'आतंकवादी' कहे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। बवाल शुरू होने के बाद कुलपति ने इसे प्रिंटिंग की गलती बताया और मॉडरेशन टीम के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है।
मोहन भागवत ने कहा कि देश की आजादी के लिए 1857 से प्रयास शुरू हो गए थे। हर जगह आग भड़क उठी थी। इसके बाद आंदोलन की आग कभी शांत नहीं हुई। प्रयास जारी रहे। इन सब के योग से ही हमें आजादी मिल सकी।
बलूचिस्तान में 5 लोगों की मौत के बाद स्थानीय प्रशासन ने सभी घटनाओं की जांच के आदेश दिए हैं और सुरक्षा बलों को सतर्क कर दिया गया है। हालांकि, अभी तक किसी समूह ने इन हमलों की ज़िम्मेदारी नहीं ली है।
इतिहास में 8 अप्रैल का दिन आजादी के लिए कुर्बानी देने वाले लोगों के नाम दर्ज है। इस दिन ही मंगल पांडे को फांसी दी गई थी। वहीं, भारत में धधकती आजादी की आंच पूरी दुनिया तक पहुंचे इसलिए भगत सिंह और बटुकेश्वर दत्त ने 8 अप्रैल को ही दिल्ली के सेंट्रल एसेंबली हॉल में बम फेंका था।
ट्रंप का अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का आदेश उनके अपने ही लोगों के लिए काल बनने लगा है। दुनिया की जानी-मानी एसोशिएटेड प्रेस समाचार एजेंसी ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बाधित करने के आरोप में ट्रंप के ही 3 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया है।
पीएम मोदी ने नासाऊ में 10 वर्षों में बदलते भारत से प्रवासी भारतीयों को परिचित कराया। साथ ही दुनिया को इस अवसर का मूल्य भी बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-अमेरिका संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रवासी भारतीयों का धन्यवाद किया।
स्वतंत्रता दिवस अब करीब आ गया है और भारतवासी इस खास मौके पर देश के लिए कुर्बानी देने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को याद करेंगे। इन स्वतंत्रता सेनानियों पर बॉलीवुड में कई फिल्में बनी हैं। 'गांधी' से लेकर 'मंगल पांडे' तक ऐसी फिल्मों की लिस्ट हम आपके लिए लाए हैं।
अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले कहा है कि देश के लोगों को स्वतंत्रता और अराजकता के बीच में से किसी एक को चुनना होगा। उन्होंने कहा कि चुनाव इन्हीं दोनों के बीच है।
बलिया के छोटे से गांव में जन्में मंगल पांडे को कौन नहीं जानता है। आजादी के लिए ल़ी जाने वाली पहली लड़ाई 1857 की क्रांति ही थी, जिसमें मंगल पांडे ने अहम भूमिका निभाई और मंगल पांडे से नाराज अंग्रेजों ने उन्हें फांसी दे दी।
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उस वक्त भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का संदेश गूंज उठा, जब बात दुनिया भर में पत्रकारों में मंडराने वाले खतरे और प्रेस की आजादी की चर्चा हुई। तब यूएनजीए के अध्यक्ष डेनिस फ्रांसिस ने पूरी दुनिया को प्रेस की आजादी के लिए महात्मा गांधी का संदेश सुनाया।
अविभाजित भारत के स्वंतंत्रता संग्राम के दौरान आजादी के नायक रहे सरदार भगत सिंह की फांसी को गलत बताते हुए पाकिस्तान में कुछ संगठनों ने इस मामले की फिर से सुनवाई करने की मांग की है। पाकिस्तान कोर्ट से मामले की उसी तरह दोबारा सुनवाई कर न्याय देने की मांग की है, जैसा पूर्व पीएम जुल्फिकार अली भुट्टो के केस में हुआ।
पाकिस्तान की अदालत में एक याचिका दायर कर शहीद भगत सिंह को सजा से बरी करने की मांग की गई है। साथ ही मरणोपरांत उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग की गई है। ब्रिटिश पुलिस अधिकारी सांडर्स की हत्या में दोषी मानकर भगत सिंह को फांसी दी गई थी। मगर याचिका के अनुसार बिना गवाहों को सुने भगत सिंह को सजा दी गई।
अंग्रेजों ने भारत को 14-15 अगस्त की आधी रात को आजादी दी थी। लेकिन क्या आपको पता है कि इस दौरान देश में कैसे आजादी का जश्न मनाया जा रहा था। लोगों में उत्साह का ऐसा स्तर कभी देश में नहीं देखा गया था।
वीर सावरकर जयंती: वीर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को नासिक गांव में हुआ था। आज उनकी जयंती के अवसर पर पढ़ें उनके जीवन के बारे में कुछ बातें।
विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के मौके पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने मीडिया की आजादी पर हमला करने वाले देशों को कड़ी नसीहत दी है। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर चेतावनी दी कि “दुनिया के हर कोने में मीडिया पर हमले हो रहे हैं”।
भारत में प्रेस की स्वतंत्रता को लेकर देश में विभिन्न पार्टियों और लोगों की ओर से भिन्न-भिन्न बयान आते रहे हैं। मगर भारत में प्रेस को कितनी आजादी है और कितनी बंदिश...इसे लेकर अमेरिका ने बड़ा बयान दिया है। भारतीय प्रेस को स्वतंत्रता को लेकर अमेरिका के इस बयान से बहुत से लोग सहमत या असहमत हो सकते हैं।
उत्तराखंड के अल्मोड़ा की बिशनी देवी साह उत्तराखंड की पहली महिला स्वतंत्रता सेनानी थीं। आजादी की लड़ाई में जेल जाने वालीं वो पहली महिला भी रही।
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