Exports Increased in India Despite Global Recession: वैश्विक मंदी से भारत के पड़ोसी श्रीलंका और पाकिस्तान कंगाल हो चुके हैं। चीन की आर्थिक हालत भी पतली चल रही है। इस वक्त चीन 40 वर्ष की सबसे बड़ी मंदी की आग में झुलस रहा है। वहीं यूरोप के धनाढ्य देश ब्रिटेन, जर्मनी इत्यादि की हालत भी बदतर है।
चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-दिसंबर के दौरान देश का कुल निर्यात नौ प्रतिशत बढ़कर 332.76 अरब डॉलर रहा। आयात भी 24.96 प्रतिशत बढ़कर 551.7 अरब डॉलर पर पहुंच गया।
घरेलू इस्पात उद्योग और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने इस्पात उत्पादों और लौह अयस्क पर निर्यात शुल्क में कटौती की है।
रुपये का गिरना निर्यातकों के लिए सुनहरा अवसर माना जाता है। लेकिन मंदी और महंगाई के इस दौर में निर्यातक इस स्वर्णिम मौके को भी नहीं भुना सके और आंकड़ों में गिरावट दर्ज की गई है।
पैकेजिग सेक्टर का देश की अर्थव्यवस्था में हिस्सेदारी की दृष्टि से पांचवां स्थान है। पैकेजिंग इंडस्ट्री कई उद्योगों के लिए वैल्यू एडेड सेवाएं (वैल्यू एडेड सर्विसेज) देती है। इसमें मैन्यूफैक्चरिंग, फार्मा, रिटेल, एफएमसीजी जैसे कई नाम शामिल हैं।
मारुति सुजुकी इंडिया 1.31 लाख से अधिक वाहनों के निर्यात के साथ इस खंड में सबसे आगे रही।
ब्रिटेन द्वारा भारत की स्टील पर प्रतिबंध लगाने से भारत को जो नुकसान होगा उसकी भरपाई ब्रिटेन से आने वाले उत्पादों पर सीमा शुल्क बढाकर पूरी की जाएगी।
Trade Deficit: चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अगस्त अवधि में भारत का व्यापारिक घाटा 124.7 अरब डॉलर था। यह किसी भी साल के इस अवधि में अब तक का सर्वाधिक घाटा है।
वाणिज्य मंत्रालय ने बुधवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है कि अगस्त, 2021 में व्यापार घाटा 11.71 अरब डॉलर था।
Rice Export Ban: गैर-बासमती चावल के निर्यात पर 20 प्रतिशत सीमा शुल्क लगाने के बाद सरकार ने घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के उद्देश्य से टुकड़ा चावल (Rice) के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है।
Report: विश्व व्यापार संगठन ने अप्रैल में अनुमान जारी करके कहा था कि विश्व व्यापार 4.7 फीसदी की दर से बढ़ेगा लेकिन अब 2022 में इसके तीन फीसदी की दर से बढ़ने का अनुमान है।
चालू वित्त वर्ष में देश का कुल निर्यात 450 अरब डॉलर के पार जाने की उम्मीद है।
Sugar Export: केंद्र सरकार चालू चीनी सत्र में उत्पादन अनुमान से अधिक रहने की संभावना के मद्देनजर अतिरिक्त 12 लाख टन चीनी निर्यात की अनुमति दे सकती है। यह अतिरिक्त निर्यात कोटा चालू 2021-22 सत्र के लिए पहले दी गई एक करोड़ टन चीनी निर्यात की अनुमति से ऊपर होगा।
Russia-Ukraine War: रूस ने हालिया हफ्तों में यूक्रेन के ओडेसा और दक्षिण यूक्रेन के कई हिस्सों को निशाना बनाया है जहां उसके सैनिकों ने युद्ध के शुरुआती दिनों में कंट्रोल बनाया था।
वाहन विनिर्माताओं के संगठन सियाम के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में यात्री वाहनों का निर्यात बढ़कर 1,60,263 इकाई पर पहुंच गया।
Nepal News: नेपाल के नवलपरासी जिले में पल्पा सीमेंट इंडस्ट्रीज ने शुक्रवार को इतिहास में पहली बार सुनौली सीमा से सीमेंट की पहली खेप भारत भेजी है।
UAE Banned Indian Wheat Export: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गेहूं के संकट के बीच भारत ने 13 मई को अपना गेहूं निर्यात करने पर रोक लगा दी थी। हालांकि बाद में कुछ शर्तों के साथ इन निर्णय को शिथिल किया था। यूएई ने संकट के बीच भारत से गेहूं मांगा था, तो भारत ने उसे यह खेप भेजी थी।
चालू वित्त वर्ष (2022-23) के अप्रैल-मई माह के दौरान संचयी निर्यात लगभग 25 प्रतिशत बढ़कर 78.72 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया।
Cow Dung: भारत को पहली बार विदेश से मिला गाय के गोबर का ऑर्डर। इसके बाद कुवैत को 192 मीट्रिक टन देशी गाय का गोबर 15 जून को जयपुर से भेजा जाएगा।
वित्त वर्ष 2020-21 में भारत ने 32.21 करोड़ डॉलर यानी लगभग 2507 करोड़ रुपए की 47 लाख टन शराब और बीयर समेत अन्य पेय पदार्थों का निर्यात किया है।
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