EVM पर उठ रहे सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए लक्ष्मण सिंह ने कहा कि हमारी ही पार्टी ईवीएम लेकर आई थी। जब ईवीएम को लाया गया था तब सोनिया गांधी यूपीए की चेयरपर्सन थी।
लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हार का खामियाजा कई लोगों को भुगतना पड़ रहा है। मध्य प्रदेश की चर्चित सीटों में शुमार राजगढ़ लोकसभा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिगविजय सिंह को हार का मुंह देखना पड़ा है लेकिन इसका खामियाजा एक पूर्व सरपंच को भुगतना पड़ा।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के पुराने दिग्गज नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह लोकसभा चुनावों के कैंपेन में बहुत ही सीमित भूमिका में नजर आए जिसके बाद सियासी गलियारों में उनके घटते प्रभाव पर चर्चा शुरू हो गई है।
मध्य प्रदेश की राजगढ़ लोकसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार और पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने भाजपा पर जमकर तंज कसा और गृह मंत्री अमित शाह के बयान का जवाब देते हुए कहा कि मेरे जनाजे की चिंता आप ना करें।
Lok Sabha Elections 2024: इंदौर से कांग्रेस के उम्मीदवार बनाए गए अक्षय कांति बम नामांकन वापस लेकर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। इसे लेकर कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह की प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इसे बहुत बड़ी गद्दारी बताया है।
Hot seats in Lok Sabha Elections 2024: मध्य प्रदेश की राजगढ़ लोकसभा सीट पर जहां भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर रोडमल नागर को मौका दिया है वहीं कांग्रेस ने अपने कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह को मैदान में उतारा है।
दिग्विजय सिंह ने राजगढ़ में प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है। उनकी एक वीडियो भी वायरल हो रही है, जिसमें वह अपने कार्यकर्ताओं को कहते हुए सुने जा सकते हैं कि यह चुनाव उनके बस का नहीं है। अत: यह चुनाव उनके युवा कार्यकर्ताओं को लड़ना होगा।
कांग्रेस के अंदर दिग्गजों को चुनाव लड़ाने को लेकर चल रहे मंथन और दिग्गजों द्वारा चुनाव लड़ने में की जा रही आनाकानी के चलते ही उम्मीदवारों की सूची को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है। इतना ही नहीं पार्टी कई विधायकों को भी मैदान में उतारने का मन बना रही है।
कमलनाथ हाल में उस समय चर्चा में आए जब कयास लगने लगे कि वह अपने बेटे और छिंदवाड़ा से मौजूदा सांसद नकुल नाथ के साथ सत्तारूढ़ भाजपा में शामिल होने की योजना बना रहे हैं।
भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने एक्स पर एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में उनके सुरक्षाकर्मी और सहयोगी एक महिला को उन तक जाने से रोक रहे हैं।
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने EVM पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि बैलट पेपर के माध्यम से चुनाव कराना संभव नहीं है तो VVPAT पर्चियां मतदाताओं को सौंपी जानी चाहिए।
कांग्रेस चुनाव प्रचार के दौरान ज्योतिरादित्य सिंधिया पर निशाना साधती रही है, क्योंकि 2020 में उन्होंने पार्टी छोड़ दी थी और भाजपा में शामिल हो गए थे। उनके समर्थक विधायकों ने भी पाला बदल लिया था, जिस कारण एमपी में कमलनाथ के नेतृत्व वाली कांग्रेस की सरकार गिर गई थी।
17 नवंबर को कांग्रेस कार्यकर्ता सलमान खान की मौत के बाद दिग्विजय सिंह और अन्य नेताओं द्वारा धरना दिए जाने के मामले में पुलिस ने आदर्श आचार संहिता के कथित उल्लंघन के लिए मामला दर्ज किया है।
बीजेपी नेता कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जो सूबे में सियासी तूफान ला सकता है।
दिग्विजय सिंह ने कहा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अब मध्य प्रदेश में कितनी भी रैली कर लें कांग्रेस को हरा नहीं पाएंगे। सिंह ने सवाल किया कि क्या पीएम मोदी को विश्वास है कि वह पिछले 18 वर्षों से मध्य प्रदेश में सत्ता में रही भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों के "पाप धो सकते हैं?’’
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने नीमच में बीजेपी की जनआशीर्वाद यात्रा के दौरान पथराव के आरोपों पर कहा कि कौन सा मेरे पास पत्थर मिसाइल है कि मैं भोपाल में बैठकर उनकी कार के शीशे तोड़ूं।
कांग्रेस नेता द्वारा दमोह जिले के प्रसिद्ध जैन तीर्थ कुंडलपुर को लेकर किए गए ट्वीट के बाद प्रदेश स्तर पर दमोह के अधिकारियों में चर्चा रही। जैसे ही घटना का खंडन हुआ दिग्विजय सिंह ने अपना ट्वीट हटा लिया।
दिग्विजय सिंह ने कहा था कि संविधान की शपथ लेकर काम करने वाला कोई भी व्यक्ति हिन्दू राष्ट्र की बात करता है तो उन्हें पहले अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। उसके बाद ही कुछ कहना चाहिए।
कांग्रेस लगातार जनता के मुद्दों को उठाकर भाजपा को घेरने की कोशिश कर रही है। मगर, बीच-बीच में आने वाले पार्टी नेताओं के बयान सवाल खड़े कर देने वाले हैं।
दिग्विजय सिंह के इस बयान के बाद बीजेपी ने उनपर चौतरफा हमला बोल दिया है। सरकार के तमाम मंत्री विधायक दिग्विजय सिंह के इस बयान को लेकर उन पर लगातार निशाना साध रहे हैं।
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