रविवार को प्रदूषण के रिकॉर्ड तोड़ने के बाद सोमवार को भी दिल्ली में प्रदूषण का स्तर खतरनाक स्तर पर बना हुआ है। जहरीली हवाओं ने दिल्ली को बीमार कर दिया है, राजधानी का प्रदूषण जानलेवा बन चुका है।
सार्वजनिक क्षेत्र की एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इलेक्ट्रिक वाहनों (ई - वाहन) को सम-विषम योजना से छूट देने का आग्रह किया है। यह योजना सोमवार (4 नवंबर) से लागू हो रही है।
दिल्ली-NCR का इलाका इस समय किसी गैस चैंबर की शक्ल ले चुका है। यहां की हवा में प्रदूषण के बाद अब धुंध भी बढ़ती जा रही है।
दिल्ली-NCR में रविवार को प्रदूषण ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। दिल्ली में कई जगहों पर एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 900 के पार चला गया।
देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाके पिछले कुछ दिनों से ‘गैस चैम्बर’ में तब्दील हो चुके हैं।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने पराली जलाने की घटनाओं की जानकारी देने वालों को इनाम के रूप में नकदी देने की घोषणा की है।
दिल्ली के प्रदूषण में शुक्रवार को पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने से निकले धुएं की हिस्सेदारी 46 प्रतिशत तक पहुंच गयी। सरकारी एजेंसी सफर के अनुसार यह इस साल का सर्वाधिक स्तर है जब राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता का स्तर और गिर गया है।
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। दिवाली के बाद से ही दिन-ब-दिन प्रदूषण बढ़ता ही जा रहा है। राजधानी दिल्ली में सांस लेना मुश्किल हो चुका है। दिल्ली में आज भी प्रदूषण बेहद खतरनाक स्तर पर है।
केजरीवाल ने शुक्रवार को शहर के स्कूली बच्चों से कहा कि पंजाब और हरियाणा में जल रही पराली के कारण यहां वायु प्रदूषण फैल रहा है और इसके लिए वे दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिख कर इसे नियंत्रित करने की अपील करें।
दिल्ली की हवा आज और ज़हरीली हो गई है। दिल्ली एनसीआर में आज एयर क्वालिटी इंडेक्स 500 के पार पहुंच चुका है।
दिल्ली सहित पूरे उत्तर भारत का दम घोंट रहे पराली के धुंए को लेकर हरियाणा सरकार एक्शन में आ गई है। खेतों में पराली जलाने वाले किसानों के खिलाफ हरियाणा के सिरसा में बड़ा एक्शन हुआ है।
देश की राजधानी पर गुरुवार की सुबह भी जहरीली धुंध की चादर छायी रही तथा इसकी वायु गुणवत्ता लगातार तीसरे दिन बदतर रही। इससे दिल्लीवासियों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, सुबह 11 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 416 था। सीपीसीबी के अनुसार, मंगलवार को एक्यूआई 414 था, जो सोमवार के एक्यूआई 397 से खराब था।
0-50 के बीच एक्यूआई को ‘‘अच्छा’’ माना जाता है, जबकि 51-100 ‘‘संतोषजनक’’, 101-200 ‘‘मध्यम’’, 201-300 ‘‘खराब’’, 301-400 ‘‘बहुत खराब’’ और 401-500 ‘‘गंभीर’’ श्रेणी का माना जाता है। एक्यूआई अगर 500 से ऊपर पहुंच जाता है, तो उसे ‘‘गंभीर व आपातकालीन’’ श्रेणी का माना जाता है।
दीपावली से दो दिन पहले राष्ट्रीय राजधानी की वायु गुणवत्ता शुक्रवार को इस मौसम के सबसे खराब स्तर पर पहुंच गई। हवा की गति धीमी होने की वजह से प्रदूषकों का जमाव आसान हो गया है।
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के कई इलाकों में बुधवार सुबह वायु गुणवत्ता ‘‘बहुत खराब’’ श्रेणी में रही और 10 माइक्रोमीटर से कम व्यास के पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) प्रदूषण बढ़ने का मुख्य कारण रहे।
दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा कि दिल्ली के प्रदूषण में 25 फीसदी कमी आई है। दिल्ली की इकलौता ऐसा शहर है, जहां प्रदूषण बढ़ने के बजाय कम हो रहा है
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के नियंत्रण पर उठाए गए प्रभावी कदमों के बेहतर परिणाम दिखाई देने लगे हैं। एक ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली का प्रदूषण पिछले 5 साल में करीब 25% तक घट गया है।
सफर ने कहा कि पूरा उत्तर पश्चिम भारत धूल भरी आंधी की चपेट में है और गुरुवार तथा शुक्रवार को वाणु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर से बेहद खराब की श्रेणी में रह सकता है। 10 मई के बाद वायु गुणवत्ता में सुधार के आसार हैं।
वैज्ञानिकों ने एक ऐसी पूर्वानुमान प्रणाली विकसित करने का दावा किया है जो दिल्लीवसियों तथा उत्तर भारत के भारी प्रदूषण वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को हानिकारक वायु के संपर्क में आने से बचने की चेतावनी दे सकता है।
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