आज ही के दिन 1949 में भारत ने अपने संविधान को अंगीकार किया था। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज इस विशेष समारोह का नेतृत्व किया।
Constitution Day: संविधान दिवस के खास मौके पर PM मोदी ने देशवासियों के नाम लेटर लिखा है, जिसमें उन्होंने हमारे मौलिक कर्तव्यों, अधिकारों और पहली बार वोटर बने युवाओं के बारे में बात की।
भारत का संविधान बनाने में कुल 2 वर्ष, 11 माह और 18 दिन का समय लगा था। 26 नवंबर 1949 को हमारा संविधान पूरा बनकर तैयार हुआ। साल 2015 से देश भर में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जा रहा है।
अपने मौलिक अधिकारों के बारे में अधिकतर लोगों को पता होता है, लेकिन कई ऐसे अधिकारी भी हैं, जो हमारे बहुत काम के हैं, लेकिन इनके बारे में कम ही लोग जानते हैं।
राष्ट्रपति और राज्यपाल के लिए विधेयकों पर मंजूरी के मामले पर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अदालत राज्यपाल की भूमिका को टेकओवर नहीं कर सकती।
पाकिस्तान में तीनों सेनाओं की कमान एक हाथ में देने के लिए चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (सीडीएफ) के गठन संबंधी 27वां संविधान संशोधन बुधवार को निचले सदन से पारित हो गया। इस दौरान विपक्ष ने भारी हंगामा किया।
नेपाल ने जेन-जेड आंदोलन के बाद शुक्रवार को अपना 10वां संविधान दिवस मनाया। इस दौरान कार्यवाहक प्रधानमंत्री सुशीला कार्की ने युवाओं से देश के पुनर्निर्माण में योगदान देने की अपील की।
गृह मंत्री अमित शाह ने 130वें संविधान संशोधन विधेयक पर कांग्रेस के विरोध पर कहा, "लालू यादव को बचाने के लिए मनमोहन सिंह द्वारा लाए गए अध्यादेश को फाड़ने का राहुल गांधी का क्या औचित्य था? अगर उस दिन नैतिकता थी, तो क्या आज नहीं है?"
विश्व हिंदू परिषद के महामंत्री मिलिंद परांडे ने बयान देते हुए कहा कि संविधान निर्माताओं ने संविधान में धर्म निरपेक्ष शब्द को शामिल नहीं किया। इसे आपातकाल के दौरान संविधान में जोड़ा गया।
Article 75 of Indian Constitution: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 75 मंत्रियों के संबंध में है। यह अनुच्छेद बताता है कि कैसे भारत की मंत्रिपरिषद का गठन होता है और यह कैसे संसद के प्रति जवाबदेह है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नामीबिया की संसद को संबोधित किया है। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत के संविधान का किया जिक्र करते हुए कहा कि जिसके पास कुछ भी नहीं है, उसके पास संविधान की गारंटी है।
चुनाव आयोग ने अनुच्छेद 326 पोस्ट कर यह संदेश दिया कि बिहार में चल रहा वोटर वेरिफिकेशन पूरी तरह संवैधानिक है। विपक्ष इसे गरीबों और अल्पसंख्यकों के खिलाफ बता रहा है, जबकि आयोग पारदर्शिता की बात कर रहा है।
दिल्ली विधानसभा में 'संविधान हत्या दिवस' मनाया गया, जहां आपातकाल के 50 वर्ष पूरे होने पर इंडिया टीवी के चेयरमैन एवं एडिटर-इन-चीफ रजत शर्मा ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने इमरजेंसी के दौरान पुलिस दमन और जेल यात्रा की घटनाओं को याद किया।
इंदिरा गांधी ने इमरजेंसी के दौरान 42वीं संविधान संशोधन किया और संविधान की प्रस्तावना में सोशलिस्ट और सेक्युलर शब्द जोड़ दिए। इसलिए दत्तात्रेय होसबोले ने जो कहा वो तथ्यात्मक रूप से बिल्कुल सही है।
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि बाबा साहेब आंबेडकर ने जो संविधान बनाया, उसकी प्रस्तावना में ये शब्द कभी नहीं थे। इमरजेंसी के दौरान जब मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए, संसद काम नहीं कर रही थी, न्यायपालिका पंगु हो गई थी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने राजस्थान की सरकार पर जमकर हमला बोला है। अन्य कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर संविधान के साथ छेड़छाड़ करने का भी आरोप लगाया है।
मंत्री हफीजुल हसन के बयान पर झारखंड की सियासत गर्मा गई। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कार्रवाई की मांग की है। केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि ये काफी निंदनीय बयान है।
कर्नाटक के डिप्टी सीएम डी. के. शिवकुमार ने कहा था कि समय के साथ सब कुछ बदलता है, एक वक़्त आएगा, जब संविधान भी बदलेगा। उनसे सवाल किया गया था कि कर्नाटक सरकार ने सरकारी ठेकों में मुसलमानों को चार परसेंट आरक्षण देने का जो फैसला किया है, क्या वो संविधान के ख़िलाफ़ नहीं है?
एक महिला को जादू-टोना करने के आरोप में उसको शारीरिक रूप से प्रताड़ित किए जाने पर शीर्ष अदालत ने हैरानी जताई। कोर्ट ने कहा कि पीड़िता के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट और दुर्व्यवहार किया गया, जो निस्संदेह उसकी गरिमा का अपमान था। इस घटना ने कोर्ट की अंतरात्मा को झकझोर दिया, क्योंकि ऐसे कृत्य 21वीं सदी में हो रहे हैं।
अमित शाह ने गिनाया कि कांग्रेस ने संविधान में जो संशोधन किए, वो अभिव्यक्ति की आजादी पर पाबंदी लगाने के लिए थे, आम नागरिकों के मौलिक अधिकार छीनने के लिए थे। अमित शाह की ये बात सही है और इमरजेंसी के काले दिन इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं।
संपादक की पसंद
लेटेस्ट न्यूज़