यदि यह सफल रहा, तो यह चंद्रमा की सतह पर भारत की पहली लैंडिंग होगी। केवल अमेरिका, पूर्व USSR और चीन ही चांद पर इंसानों या मशीनों को उतारने में सफल रहे हैं।
कुछ ही घंटों बाद भारत का लैंडर ‘विक्रम’ चंद्रमा की सतह पर कदम रखेगा। इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनने के लिए पूरा भारत उत्सुक है। खुद पीएम नरेंद्र मोदी लैंडर विक्रम की चांद पर लैंडिंग को देखने के लिए बेंगलुरु पहुंच गए हैं।
इस खास मौके पर अक्षय कुमार और अनुपम खेर समेत तमाम बॉलीवुड हस्तियां चंद्रयान-2 की चांद पर सफलतापूर्वक लैडिंग की कामना कर रहे हैं।
यदि यह सफल रहा, तो यह चंद्रमा की सतह पर भारत की पहली लैंडिंग होगी। केवल अमेरिका, पूर्व USSR और चीन ही चांद पर इंसानों या मशीनों को उतारने में सफल रहे हैं।
भारत का चंद्रयान-2 (#Chandrayaan2) चांद के दक्षिणी हिस्से की सतह पर लैंड करेगा।
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चंद्रमा की सतह के दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम लैंडर की ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ की देश भर में प्रतीक्षा किए जाने के बीच इसरो ने शुक्रवार को कहा कि इस बहुप्रतीक्षित लैंडिंग के लिए चीजें योजना के अनुसार आगे बढ़ रही हैं।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अपने गगनयान अभियान के तहत तीन भारतीय अंतरिक्षयात्रियों को अंतरिक्ष में भेजेगा। रूस और फ्रांस भी भारत के इस महत्वाकांक्षी अभियान में मदद करेगें।
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चंद्रयान मिशन को लेकर केंद्र सरकार पर हमला किया। ममता ने शुक्रवार को राज्य विधानसभा में कहा कि जैसे मानो चंद्रयान लॉन्च देश में पहली बार हुआ हो रहा है।
चांद को सुंदरता से जोड़कर देखा जाता है। कभी चांद को अपनी इसी खूबसूरती पर बड़ा घमंड था और इस देवता ने चांद के घमंड को चकनाचूर कर दिया।
भारत के लिए ये पल इतना महत्वपूर्ण है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चंद्रयान की लाइव लैडिंग देखने के लिए इसरो में मौजूद रहेंगे।
चांद पर चंद्रयान 2 भेजकर भारत इतिहास रचने जा रहा है और दुनियाभर में भारत ऐसा चौथा देश होगा जो यह उपलब्धि प्राप्त करेगा।
‘चंद्रयान-2’ के लैंडर ‘विक्रम’ से चांद की सतह से 2.1 किमी पहले संपर्क टूट गया। इसरो अध्यक्ष के. सीवन ने जानकारी देते हुए बताया कि लैंडर ‘विक्रम’ को चंद्रमा की सतह पर लाने की प्रक्रिया सामान्य देखी गई, लेकिन बाद में लैंडर का संपर्क जमीनी स्टेशन से टूट गया, डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है।
यदि यह सफल रहा, तो यह चंद्रमा की सतह पर भारत की पहली लैंडिंग होगी। केवल अमेरिका, पूर्व USSR और चीन ही चांद पर इंसानों या मशीनों को उतारने में सफल रहे हैं।
स्पेस एजेंसी के कंट्रोल रूम से ऐतिहासिक लैंडिंग देखने के लिए पीएम मोदी दोपहर 1 बजे इसरो पहुंचेंगे | इसके बाद सुबह 6 बजे वह देश को संबोधित करेंगे |
‘विक्रम’ शनिवार तड़के डेढ़ बजे से ढाई बजे के बीच चांद की सतह पर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ करेगा। ‘विक्रम’ के अंदर रोवर ‘प्रज्ञान’ होगा जो शनिवार सुबह साढ़े पांच से साढ़े छह बजे के बीच लैंडर के भीतर से बाहर निकलेगा।
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भारत के मून लैंडर-विक्रम की चांद पर सफल लैंडिंग सुनिश्चित करने के लिए तमिलनाडु के तंजावुर जिला स्थित चंद्रनार मंदिर में विशेष प्रार्थना की जाएगी। विक्रम को शुक्रवार देर रात चंद्रमा पर उतरना है।
चंद्रयान-2 की कई विशेषताएं हैं और यह कई रिकॉर्ड बनाने जा रहा है। इसकी सबसे बड़ी खास बात इसकी लागत है, जो अन्य किसी भी चंद्र मिशन की तुलना में काफी कम है।
चांद की सतह पर चीन का रोवर ‘युतु-2’ जनवरी 2019 से घूम रहा है। चीन की राष्ट्रीय अंतरिक्ष एजेंसी ‘चायना नेशनल स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन’ (CNSA) ने पिछले महीने ही अपने रोवर द्वारा की गई खोज की जानकारी सार्वजनिक की थी
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