वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के पहले संस्करण का अंत न्यूजीलैंड की जीत के साथ हुआ। केन विलियमसन की अगुवाई में कीवी टीम ने भारत को चित करते हुए पहला आईसीसी का खिताब अपने नाम किया। न्यूजीलैंड की जीत के बाद कप्तान केन विलियमसन को लेकर सोशल मीडिया पर इमोशनल पोस्ट होने लगे। कुछ पोस्ट ऐसे रहे जिसमें मायूस चहरे के साथ केन विलियमसन खड़े हुए थे। यह तस्वीरें वर्ल्ड कप 2015 और 2019 की थी। इन दोनों ही वर्ल्ड कप में विलियमसन न्यूजीलैंड की टीम का हिस्सा थे और दोनों ही बार कीवी टीम को फाइनल में हार का सामना करना पड़ा था। इस पोस्ट में एक तस्वीर वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप 2021 जीतने के बाद की भी थी जिसमें एक खूबसूरत मुस्कान के साथ विलियमसन नजर आ रहे हैं। इन सभी पोस्ट को देखने के बाद केन विलियमसन के लिए हर किसी का सम्मान काफी बढ़ गया है।
मगर दूसरी तरफ भारतीय कप्तान विराट कोहली को लेकर नकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही है। कई फैन्स उन्हें चोकर (choker) कह कर पुकार रहे हैं तो वहीं कई उन्हें कप्तानी से हटानी की भी बात कर रहे हैं।
यह बात समझ के परे है जब दूसरी टीम का कप्तान लगातार हारता है तो भारतीय फैन्स के दिलों में उसके लिए दया और सहानुभूति देखने को मिलती है, वहीं जब अपना कप्तान हारता है तो उसके प्रति आक्रोश देखने को मिलता है।
2007/08 अंडर 19 से विराट कोहली और केन विलियमसन के करियर ने उड़ान भारना शुरू की थी। इस टूर्नामेंट में विराट कोहली ने जहां भारत को चैंपियन बनाया था, वहीं केन विलियमसन की अगुवाई वाली कीवी टीम को सेमीफाइनल में भारत के हाथों ही हार का सामना करना पड़ा था। इस टूर्नामेंट में यह दोनों ही खिलाड़ी अपनी छाप छोड़ने में कामयाब रहे थे जिस वजह से जल्द ही इन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी प्रतिभा का जौहर दिखाने को मिला।
2011 वर्ल्ड कप में ये दोनों खिलाड़ी अपनी अपनी टीम का हिस्सा थे। न्यूजीलैंड इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में श्रीलंका के हाथों हार झेलने के बाद बाहर हो गया था, वहीं भारत ने फाइनल जीतकर 28 साल का सूखा खत्म किया था। विराट कोहली यहां भी जीते थे और केन विलियमसन आईसीसी का खिताब जीतने से वंचित रहे।
इसके बाद इन दोनों ही बल्लेबाजों ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में रनों का अंबार लगाते हुए अपनी पहचान बनाई। यह दोनों ही बल्लेबाज जो रूट और स्टीव स्मिथ के साथ मौजूदा फैब 4 का हिस्सा है, लेकिन जब बात आईसीसी टूर्नामट की आती है तो इन खिलाड़ियों के हाथ निराशा ही लगती है।
आइए देखते हैं 2011 के बाद से कोहली और विलियमसन ने कौन-कौन से आईसीसी टूर्नामेंट खेलें है और कितनों में उन्हें जीत और कितनों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। यहां हम बात बतौर कप्तान और बतौर खिलाड़ी दोनों की ही कर रहे हैं।
आईसीसी टूर्नामेंट | भारत | न्यूजीलैंड |
2013 चैंपियंस ट्रॉफी | फाइनल में इंग्लैंड से जीते | ग्रुप स्टेज में बाहर हुए |
2014 टी20 वर्ल्ड कप | श्रीलंका से फाइनल में हारे | ग्रुप स्टेज में बाहर हुए |
2015 वर्ल्ड कप | ऑस्ट्रेलिया से सेमीफाइनल में हारे | ऑस्ट्रेलिया से फाइनल में हारे |
2016 टी20 वर्ल्ड कप | सेमीफाइनल में इंग्लैंड से हारे | सेमीफाइनल में वेस्टइंडीज से हारे |
2017 चैंपियंस ट्रॉफी | फाइनल में पाकिस्तान से हारे | ग्रुप स्टेज में बाहर हुए |
2019 वर्ल्ड कप | न्यूजीलैंड से सेमीफाइनल में हारे | इंग्लैंड से फाइनल में हारे |
ऊपर दी हुई टेबल में देखने को मिल रहा है कि भारत 2014 और 2017 में फाइनल में हारा है, वहीं 2015, 2016 और 2019 के सेमीफाइनल में उन्हें बाहर का रास्ता देखने को मिला है। बात न्यूजीलैंड की करें तो वह 2015 और 2019 में फाइनल में हारे हैं और 2016 के सेमीफाइनल में उन्हें हार का सामना करना पड़ा है। विराट कोहली और केन विलियमसन दोनों ने ही बराबर हार का मुंह देखा है, लेकिन फिर भी विलियमसन के साथ ही सहानुभूति ज्यादा क्यों है।
विराट कोहली ने अपने बल्ले से रिकॉर्ड्स का अंबार लाने के अलावा एक ऐसी टीम तैयार कराने में अपना योगदान दिया है जो देश-विदेश में कहीं भी खेलकर किसी भी टीम को टक्कर देने का माद्दा रखी है। ऐसे में बस इतना ही कहना चाहेंगे कि जितने सम्मान और सहानुभूति में केन विलियमसन के साथ रखते हैं उतना ही हमें विराट कोहली के साथ भी रखना चाहिए। इस बार नहीं हुआ तो क्या हुआ, आगे आने वाले टूर्नामेंट में कोहली जरूर आईसीसी ट्रॉफी जीतने का सूखा खत्म करेंगे।