भारतीय तेज गेंदबाजों ने पिछले कुछ सालों में भारत ही नहीं बल्कि विदेशी धरती पर भी अपना लोहा मनवाया है। इसका सबसे बड़ा सबूत है भारतीय टीम का ऑस्ट्रेलिया की धरती पर पहली बार 2-1 से टेस्ट सीरीज जीतना। इस दौरे पर भारत ने न केवल बल्लेबाजी बल्कि अपनी गेंदबाजी से भी पूरी दुनिया को चकित किया। भारतीय तेज गेंदबाजों की कमान की बात की जाए तो जसप्रीत बुमराह ने पिछले कुछ सालों से उसको अपने हाथों में ले रखा है। फिर चाहे बात हो भारत में इस्तेमाल होने वाली एसजी गेंद की या ऑस्ट्रेलिया में इ्स्तेमाल होने वाली कूकाबुरा गेंद की। दोनों ही गेंदों से गेंदबाजी करने में बुमराह माहिर हैं।
ऐसे में जब कोरोन वायरस महामारी के कारण क्रिकेट बंद हैं तो बुमराह ने दोनों गेंदों की तुलना करते हुए बड़ा खुलासा किया है। जसप्रीत बुमराह ने कहा कि वह भारत में टेस्ट में इस्तेमाल होने वाली एसजी या ऑस्ट्रेलिया में इस्तेमाल होने वाली कूकाबुरा गेंद की तुलना में इंग्लैंड में निर्मित ड्यूक्स गेंद के साथ गेंदबाजी करने को लेकर ज्यादा सहज महसूस करते हैं। बुमराह के मुताबिक ड्यूक्स गेंद खेल में प्रतिस्पर्धा प्रदान करता है जबकि बाकी गेंदें बल्लेबाजों के पक्ष में ज्यादा नजर आती है।
बुमराह ने वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज इयान बिशप और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान शॉन पोलक के साथ आईसीसी पॉडकास्ट के लिए बातचीत के दौरान ये बात कही। उन्होंने आउटस्विंगर और रन अप के रहस्य के बारे में भी बताया जिससे वह गति हासिल करते हैं। बुमराह ने कहा, ‘‘मुझे ड्यूक्स गेंद से गेंदबाजी करना पसंद है। यह तेज निकलती है और स्विंग भी होती है। आपको इससे थोड़ी मदद मिलती है। अगर यह मदद ना हो तो गेंदबाजों का काम मुश्किल होगा क्योंकि मैदान छोटे होते जा रहे हैं और पिचें सपाट हो रही हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे में अगर गेंद से मदद मिलती है तो मुकाबला बराबरी का होता है। आपको लगता है कि आप मैच में बने हुए हैं।’’ बिशप ने बुमराह से उनके आउटस्विंगर के विकास के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं हमेशा नई चीजें करने की कोशिश करता हूं। मेरे गेंदबाजी के अलग तरीके से कोई एक या दो बार आश्चर्यचकित हो सकता है लेकिन बल्लेबाज इसका तोड़ निकाल लेंगे। इसलिए आपको लगातार सुधार करने और खुद को विकसित करने की जरूरत है।"
(with PTI inputs)