Shaniwar Ke Upay: शनिवार का दिन न्याय के देवता शनि देव को समर्पित है। शनि देव हर व्यक्ति के कर्मों का हिसाब रखते हैं और उसके हिसाब से ही सबको फल भी देते हैं। शनि देव विलक्षण शक्तियों वाले देवता हैं । शनि देव सूर्य पुत्र हैं, लेकिन सूर्य देव से इनकी ज्यादा पटनी नहीं खाती । शनि देव की अशुभ स्थिति में व्यक्ति को कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन जिन पर
शनिदेव की कृपा बनती है उन्हें हर क्षेत्र में सफलता मिलती है।
बता दें कि सूर्य पुत्र और न्याय के देवता कहे जाने वाले शनि देव मकर और कुंभ राशि के स्वामी हैं। इनकी दिशा पश्चिम है और ये कृष्णवर्ण के हैं। पंचतत्वों में से शनि देव का संबंध वायु तत्व से बताया गया है। इसके अलावा आयु, जीवन, शारीरिक बल, योग, प्रभुता, ऐश्वर्य, प्रसिद्धि, मोक्ष, ख्याति, नौकरी आदि से शनि का संबंध है। किसी व्यक्ति की जन्मपत्रिका में शनि की स्थिति में इन सब विषयों पर विचार किया जाता है। शनिदेव का वाहन गिद्ध द्वारा खींचा जाने वाला रथ है। ये धनुष, बाण और त्रिशूल धारण किए रहते हैं।
शनि देव की पूजा के लिए शनिवार का दिन सबसे प्रशस्त है। लिहाजा आज शनिवार के दिन कुछ खास उपाय करने से आपको शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या के प्रभाव से आराम मिलेगा । साथ ही कार्यों में सफलता मिलेगी, आपका यश और कीर्ति बढ़ेगी और व्यापार में बढ़ोतरी होगी, तो चलिए अब जानते हैं शनिवार के दिन दिए जाने वाले विशेष उपायों के बारे में।
1. अगर आप कोर्ट-कचहरी से जुड़े किसी मामले में बुरी तरह से फंसे हैं और उससे पीछा छुड़ाना चाहते हैं तो शनिवार शनिवार के दिन थोड़ी-सी उड़द की दाल लेकर पीपल के पेड़ के पास जमीन में दबा दें और पीपल के पेड़ के सामने दोनों हाथ जोड़कर अपनी परेशानी से छुटकारा पाने के लिए प्रार्थना करें।
2. अगर आप अपने जीवन में बार-बार आती परेशानियों को दूर करना चाहते हैं तो उसके लिए शनिवार के दिन स्नान आदि के बाद शनि देव के इस मंत्र का 108 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है-'ॐ शं शनैश्चराय नम:'।
3. अगर आप अपने शत्रुओं से परेशान हैं और उनसे छुटकारा पाना चाहते हैं तो शनिवार के दिन आप शनि देव के इस विशेष मंत्र का 21 बार जप करें। मंत्र इस प्रकार है- ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनैश्चराय नम:।
शनिवार के दिन इस मंत्र का 21 बार जप करें और जप करने के बाद पीपल के वृक्ष की जड़ में जल चढ़ाना न भूलें।
4. शनि की ढैय्या के प्रभाव से बचना चाहते हैं तो शनिवार के दिन एक कटोरी में सरसों का तेल लेकर, उसमें एक रुपये का सिक्का डालें। अब उस कटोरी में अपना चेहरा देखने की कोशिश करें और फिर उस तेल को सिक्के समेत शनि का दान लेने वाले यानि किसी डाकौत को दान में दे दें। ये प्रक्रिया आप शनिवार से शुरू करके अगले सात शनिवार तक जारी रखेंगे, तो और भी शुभ फलदायी होगा, बाकी आपकी इच्छा पर निर्भर करता है।
5. अगर आप लंबी आयु का वरदान पाना चाहते हैं और ताकतवर बनना चाहते हैं तो शनिवार के दिन आप शनि स्तोत्र का पाठ करें। अगर शनि स्तोत्र आपके पास उपलब्ध न हो या आप उसे पढ़ने में समर्थ न हो तो शनि स्तोत्र का ऑडियो सुन लें। ऑडियो आपको इंटरनेट पर आसानी से उपलब्ध हो जाएगा।
6. अगर आपका कोई जान-पहचान वाला आपको किसी क्षेत्र विशेष में प्रसिद्धि पाने से रोक रहा है, वह बार-बार आपके काम में अडंगा लगा रहा है, तो शनिवार के दिन थोड़ी-सी साबुत उड़द की दाल में दो-चार बूंद सरसों का तेल मिलाकर, शनि देव के मंदिर में रख आयें। अगर घर के आस-पास शनि देव का कोई मंदिर न हो तो पीपल के पेड़ के नीचे रख आएं।
7. अपने घर-परिवार को दूसरों की बुरी नजर से बचाने के लिए शनिवार के दिन स्नान आदि के बाद सबसे पहले शनि देव की आराधना करें। उसके बाद एक काले रंग का कपड़ा लेकर किसी लौहार, बढ़ई या किसी मोची को दान कर दें।
8. अगर आप अपने घर की सुख-समृद्धि बनाये रखना चाहते हैं, तो उसके लिए शनिवार के दिन एक लोटा जल में थोड़े-से चावल के दाने मिलाकर, पीपल की जड़ में डाल दें और प्रार्थना करते हुए पीपल के पेड़ की 5 बार परिक्रमा करें।
9. अगर आपका कोई मित्र ही आपका शत्रु बन गया है, तो शनिवार के दिन आप एक मुट्ठी काले तिल लेकर अपने ऊपर से छः बार क्लॉक वाइज और एक बार एंटी क्लॉक वाइज वारकर अपने घर से दूर किसी वीरान जगह पर फेंक दें।
10. अगर आप लोहा, मशीनरी या सीमेंट से जुड़ा व्यापार करते हैं और आपको उसमें फायदा नहीं मिल पा रहा है, तो शनिवार के दिन आपको शनि संबंधित शनि यंत्र की स्थापना करनी चाहिए और उसे व्यापार स्थल पर रखना चाहिए।
11. अगर आपको किसी काम को पूरा करने में समस्याएं आ रही हैं, तो शनिवार के दिन आपको किसी जरूरतमंद को काले रंग के चमड़े के जूते और मौजे दान करने चाहिए और उनका आशीर्वाद लेना चाहिए।
12. अगर आपके बिजनेस की गति कुछ धीमी हो गई है, आपको मन मुताबिक मुनाफा नहीं मिल पा रहा है तो अपने बिजनेस की गति को बढ़ाने के लिए, शनिवार के दिन उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के दौरान आपको सूर्यदेव के यंत्र को अपने घर के मंदिर में स्थापित करना चाहिए और उसकी विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। बाद में उसे अपने पास संभालकर रख लें। बता दूं कि सूर्य यंत्र आप चाहें तो तांबे की धातु पर बनवा सकते हैं या स्वयं भी सफेद कागज पर लाल पेन से बनाकर अपने पास रख सकते हैं।
(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7:30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)
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