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30 जनवरी से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। हिंदू धर्म में नवरात्रि की काफी अधिक मान्यता है। माना जाता है कि गुप्त नवरात्रि में तंत्र साधना के जरिए सिद्धि आदि प्राप्त की जाती है। ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक, गुप्त नवरात्रि के दौरान 10 महाविद्याओं की पूजा करने से जातक को प्रचुर मात्रा में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसी महा विद्याओं में से एक हैं मां तारा की साधना। मां तारा की साधना से जातक को खूब धन-संपदा की प्राप्ति हो सकती है ऐसे में आइए जानते हैं पूजा विधि व मंत्र...
माना जाता है कि मां तारा की साधना अगर पूरे निष्ठा से की जाए तो जातक को धन संबंधित परेशानी नहीं रहता। साथ ही सभी दिव्य शक्तियां हासिल हो जाती हैं। ग्रंथों के मुताबिक, मां तारा की साधना भगवान बुद्ध ने भी की थी। इनके अलावा, भगवान राम के गुरु वशिष्ठ ने भी मां तारा की उपासना की थी।
क्या है साधना विधि?
मां तारा के मंत्रों को जातक शुक्रवार के दिन से आरंभ कर सकता है। बस शर्त यह है कि इस दौरान जातक को गुलाबी आसान और वस्त्र पहने होना चाहिए। साथ ही मां तारा की साधना से पहले गौरी-गणेश और अंत में महादेव की पूजा अवश्य करनी चाहिए। यह पूजन जातक रात 10.00 बजे शुरू कर सकता है। याद रहे कि यह पूजा लगातार 21 दिनों तक होनी चाहिए। मां का बीज मंत्र "हीं स्त्रीं हुं फट" है।
मां तारा से जुड़ी जरूरी बातें
मां तारा की पूजा हमेशा रात के समय होनी चाहिए। साथ ही पूजा एकांत में होनी चाहिए। इसके अलावा, जातक को पूजा के दौरान मां तारा को नीले रंग के वस्त्र और पुष्प अर्पित करने चाहिए। साथ ही फल का प्रसाद मां तारा को अति प्रिय है इसलिए यही चढ़ाएं।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)