
Falgun Month Upay: हिंदू धर्म में फाल्गुन माह का विशेष महत्व बताया गया है। इसी माह में जहां भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह संपन्न हुआ था, वहीं फाल्गुन में ही रंगों का त्यौहार आता है। हिंदू पंचांग में फाल्गुन आखिरी महीना होता है। इसके बाद चैत्र में हिंदू नववर्ष आता है। शास्त्रों में बताया गया है कि फाल्गुन मास में इन देवी-देवताओं की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। इन देवी-देवताओं की उपासना करने से व्यक्ति के हर कष्ट दूर हो जाते हैं और उसके हर सुख की प्राप्ति होती है।
1. भगवान शिव-माता पार्वती
फाल्गुन माह में महाशिवरात्रि का पर्व आता है। इस दिन महादेव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। भगवान शिव और मां गौरी की उपासना करने से व्यक्ति का जीवन खुशियों से भर जाता है। इसके साथ ही ग्रह दोषों से भी मुक्ति मिल जाती है। फाल्गुन माह में भगवान शिव के चमत्कारी मंत्र 'ॐ नमः शिवाय'मंत्र का जाप जरूर करें। इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
2. भगवान विष्णु
फाल्गुन माह में भगवान विष्णु की पूजा करने से सुख-समृद्धि, शांति और संपन्नता की प्राप्ति होती है। इसे साथ ही श्री हरि नारायण की उपासना करने से व्यक्ति के सभी पाप मिट जाते हैं। फाल्गुन माह में पूजा के दौरान विष्णु जी को चंदन, अक्षत, पीला वस्त्र, धूप-दीप और फूल अर्पित करें। साथ ही विष्णु जी की आरती और मंत्रों का जाप भी करें। फाल्गुन महीने में ऐसा करने से आपके घर-परिवार पर नारायण की कृपा अवश्य बरसेगी।
3. चंद्रमा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, फाल्गुन माह में चंद्रमा का जन्म हुआ था। ऐसे में इस महीने में चंद्रमा की पूजा करने से कुंडली में चंद्र की स्थिति मजबूत होती है। साथ ही चंद्र दोष भी दूर होता है। चंद्रमा की उपासना करने से जीवन में मानसिक शांति मिलती है।
4. भगवान कृष्ण-राधा रानी
फाल्गुन माह में भगवान कृष्ण और राधा रानी की आराधना करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। बता दें कि फाल्गुन माह में होली का त्यौहार मनाया जाता है और इस मौके पर बृज में होली उत्सव धूमधाम के साथ मनाया जाता है। मथुरा-वृंदावन की होली देखने के लिए देश-दुनिया से लोग आते हैं। वहीं फाल्गुन में मथुरा, वृंदावन और बरसाना के मंदिरों में खास पूजा-अर्चना की जाती है। राधा रानी और कान्हा जी की उपासना करने से जीवन में प्रेम और खुशहाली बनी रहती है।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। इंडिया टीवी एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)
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