ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौते के तहत स्कॉच व्हिस्की पर भारत द्वारा सहमत शुल्क में कमी से घरेलू प्रीमियम कैटेगरी के व्हिस्की ब्रांड प्रभावित हो सकते हैं, क्योंकि कम कीमत वाली स्कॉच व्हिस्की की आमद की संभावना है।
टाटा समूह की जेएलआर (जगुआर-लैंड रोवर) जैसी कंपनियों को बड़ा लाभ मिलेगा।
उत्तर प्रदेश नई आबकारी नीति का उद्देश्य शराब की बिक्री के लिए 'समग्र दुकानें' खोलने के अलावा, किसानों की आय और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ाना और राज्य-आधारित वाइनरी को स्थानीय फलों से बने उत्पाद बेचने के लिए हर जिले में एक दुकान खोलने की अनुमति देना भी है।
सरकारी बयान में कहा गया है कि 1 अप्रैल से 19 स्थानों पर शराब की बिक्री बैन होने से शराब की कुल 47 दुकानें बंद हो जाएंगी। उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मंडलेश्वर, ओरछा, मैहर, चित्रकूट, दतिया, अमरकंटक और सलकनपुर समेत कुछ अन्य शहरों में शराब की बिक्री पर प्रतिबंध रहेगा।
भारत के लिए शराब की प्रमुख निर्यातक देशों में अमेरिका (75 मिलियन अमेरिकी डॉलर), यूएई (54 मिलियन अमेरिकी डॉलर), सिंगापुर (28 मिलियन अमेरिकी डॉलर) और इटली (23 मिलियन अमेरिकी डॉलर) शामिल हैं।
ग्लियन इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन के शोधकर्ता जोसफ ने कहा कि भारत का बढ़ता संपन्न वर्ग उच्च श्रेणी की शराब की बिक्री में वृद्धि को बढ़ावा दे रहा है।
देश का अल्कोहल युक्त पेय पदार्थों का निर्यात 2023-24 में 2,200 करोड़ रुपये से अधिक रहा। सबसे अधिक निर्यात संयुक्त अरब अमीरात, सिंगापुर, नीदरलैंड, तंजानिया, अंगोला, केन्या, रवांडा जैसे देशों को किया गया।
नयी आबकारी नीति में यह भी उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2024-25 के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के लिए किसी नयी ‘ऑन शॉप’ का ‘लाइसेंस’ नहीं दिया जाएगा।
खुदरा उद्योग के अधिकारियों के मुताबिक, ऑनलाइन डिलीवरी के चलते पश्चिम बंगाल और ओडिशा में बिक्री में 20-30% की वृद्धि हुई है।
सोमवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर से जारी बायान में कहा गया कि रिटेल और ड्यूटी फ्री आउटलेट्स चलाने का ठेका हिनेमैन एशिया प्रशांत और बीडब्यूसी फॉरवॉडर्स प्राइवेट लिमिटेड के कंसोर्टियम को दिया गया है।
वैश्विक बाजार में शराब की मांग बढ़ने से भारत से शराब से बने उत्पादों का निर्यात अगले कुछ वर्षों में एक अरब डॉलर से अधिक पर पहुंचने का अनुमान है। वाणिज्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव राजेश अग्रवाल कहा कि चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीनों में भारतीय शराब उत्पादों का निर्यात 23 करोड़ डॉलर तक पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की
ऑन-काउंटर बिक्री की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। स्टार होटलों में शराब सर्विस के लिए वैट में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
लंबे समय से, विदेशी कंपनियां वाइन और स्पिरिट पर आयात शुल्क में कटौती की मांग कर रही हैं, जो 150% तक है। कई राज्यों में ज्यादा टैक्स के कारण बहुत सारे ब्रांड बिक नहीं पा रहे हैं। इसके चलते कंपनियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
नई शराब नीति 2023-25 के तहत प्रत्येक आवेदन के लिए नॉन-रिफंडेबल शुल्क 2 लाख रुपये तय किया गया है।
उद्योग संगठन सीआईएबीसी के मुताबिक इस दौरान 1000 रुपये प्रति 750 मिली से अधिक कीमत वाली प्रीमियम खंड की शराब की बिक्री 48 प्रतिशत बढ़ी।
हाल के महीनों में राजस्थान, केरल, मध्य प्रदेश, यूपी समेत करीब एक दर्जन राज्यों ने शराब की कीमत में बढ़ोतरी की है। इससे राज्यों की कमाई बढ़ाने में मदद मिली है।
साल 2022-23 में राज्य सरकार ने शराब की बिक्री से सरकारी खजाने में 2310 करोड़ की रकम आने का अनुमान लगाया था, लेकिन अब तक सरकार को मात्र 1750 करोड़ रुपए की कमाई हुई है।
बियर शराब पीने वालों के लिए फिर बड़ी खबर है। शराब को लेकर नई नीति बुधवार से लागू हो रही है। इसमें क्या होगा इसकी जानकारी हम आपको इस खबर में देने जा रहे है।
बियर, शराब पीने वालों के लिए आज बड़ी खबर आई है। आबकारी आयुक्त ने अधिसूचना जारी की है। अगर आप भी शराब पीते है तो यह खबर जानना आपके लिए जरुरी है।
किस राज्य के लोग सबसे ज्यादा शराब को पीते है आज हम आपको इसकी जानकारी देंगे। शराब का सेवन करने को लेकर एक रिपोर्ट पेश की गई है। इस रिपोर्ट में कौनसा राज्य शराब पीने के मामले में नबंर 2 पर है यह भी बताया गया है।
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