गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर बाइक, ऑटो और ट्रैक्टर को एक समान कर देना होगा। अगर फास्टैग नहीं होगा तो कैश में रुपये लिए जाएंगे।
मौजूदा नियमों के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्गों पर प्रत्येक किलोमीटर स्ट्रक्चर के लिए यात्रियों को नियमित टोल का दस गुना भुगतान करते हैं।
मौजूदा समय में फास्टैग के जरिये टोल कलेक्शन किया जाता है, जिसमें कैश का झंझट करीब-करीब खत्म हो चुका है। हालांकि, सरकार ने सेटेलाइट आधारित टोल सिस्टम पर चर्चा पहले की है।
अगर कोई यात्री कम दूरी तय करेगा तो जीपीएस बेस्ड टोल सिस्टम उससे उसी हिसाब से कम चार्ज करेगा। मौजूदा समय में ऐसी व्यवस्था नहीं है।
अब सड़क का सफर का भी आपके लिए महंगा होने वाला है, क्योंकि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने टोल टैक्स की दरों को बढ़ा दिया है, वहीं यह वृद्धि 1 अप्रैल, 2023 से लागू होगी।
वैकल्पिक मार्गों की तलाश करने वालों के लिए, गूगल मैप्स टोल और विकल्पों के साथ, जहां उपलब्ध हो, एक टोल-फ्री मार्ग का विकल्प प्रदान करना जारी रखेगा।
सरकार एक ऐसी नीति लाने जा रही है, जिसमें यात्रियों को सिर्फ उतना टोल टैक्स ही देना होगा, जितने राजमार्ग का उन्होंने इस्तेमाल किया।
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