आजकल के जीवन में ज्यादातर लोग रिटायरमेंट के बारे में तब सोचते हैं, जब उम्र 40 या 45 पार कर जाती है। लेकिन फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर 60 की उम्र में करोड़पति बनना है और बिना पैसों की चिंता के जिंदगी जीनी है, तो इसकी तैयारी 30 की उम्र से पहले ही शुरू करनी होगी।
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हर सैलरी पाने वाले की सबसे बड़ी चिंता एक ही है कि बुढ़ापे में पैसा कहां से आएगा? महंगाई बढ़ रही है, नौकरी की सुरक्षा घट रही है और रिटायरमेंट के बाद हर महीने आने वाली स्थिर आय का इंतजाम करना अब पहले से ज्यादा जरूरी हो चुका है।
रिटायरमेंट की तैयारी हर किसी के जीवन का अहम पड़ाव होती है। कमाई के सालों में हम सभी चाहते हैं कि बुढ़ापे में पैसों की चिंता न हो और हर महीने घर का खर्च आराम से चल सके। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि अगर आपके पास रिटायरमेंट के समय ₹1 करोड़ का कॉर्पस है, तो क्या आप इससे उम्रभर ₹1 लाख महीना निकाल सकते हैं?
आपकी रिटायरमेंट निवेश योजना में रिटर्न, जोखिम, कर दक्षता और तरलता पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना उन लोगों के लिए एक आदर्श विकल्प है जो सेवानिवृत्ति के बाद स्थिर आय और वित्तीय सुरक्षा चाहते हैं। पांच वर्ष की परिपक्वता अवधि के बाद नवीनीकरण के विकल्प के साथ, यह आपके वित्तीय भविष्य की सुरक्षा के लिए एक विश्वसनीय साधन बना हुआ है।
टियर 1 और टियर 2 शहरों से 20 से 50 साल की उम्र के 800 लोगों पर किए गए सर्वे में सामने आया कि 64% को इस बात का पछतावा था कि उन्होंने टर्म इंश्योरेंस लेने में देरी कर दी।
अगर किसी व्यक्ति की उम्र 40 के आसपास हो गई है और वह इस उम्र में भी निवेश शुरू करे तो रिटायरमेंट से पहले ही करोड़पति बन सकता है। 40 की उम्र में निवेश शुरू कर रिटायरमेंट से पहले करोड़पति बनने के लिए 15x15x15 का फॉर्मूला आपकी मदद करेगा।
रिटायरमेंट यानी 60 की उम्र में 1 करोड़ रुपये के साथ हर महीने 1 लाख रुपये की पेंशन पाने के लिए आपको 30 की उम्र में NPS में निवेश शुरू करना होगा। अगर आप इस स्कीम में 30 साल की उम्र में हर महीने 10,000 रुपये निवेश करते हैं तो 60 साल की उम्र तक आपका कुल निवेश 36 लाख रुपये हो जाएगा।
यह रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए एक सरल लेकिन बेहतरीन रूल है। इस नियम का सार यह है कि रिटायर होने से पहले अपने वार्षिक खर्चों से 30 गुना अधिक राशि जमा करें।
4% नियम बताता है कि आप हर साल अपने पोर्टफोलियो से उतनी ही राशि निकालते हैं, जिसे महंगाई के लिए समायोजित किया जा सके।
फाइनेंशियल प्लानर का कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद अपने खर्च को वर्गीकृत करना चाहिए। फिर उसको लेकर प्लानिंग रनी चाहिए। रिटायरमेंट के बाद एक नियमित खर्च होता है, जिसमें खरीदारी, यात्रा दवा, आदि शामिल होता है।
लंबी अवधि के लिए आवश्यक सेवानिवृत्ति निधि की गणना करते समय, विभिन्न कारकों को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण है।
राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली या एनपीएस, शेयर बाजार से जुड़ा, निवेश उत्पाद है। 18 से 60 वर्ष की आयु के भारतीय नागरिक एनपीएस खाता खोलने के लिए पात्र हैं।
सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन प्रणाली की समीक्षा के लिए वित्त सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर मोहंती ने कहा कि अभी इस पर कुछ बोलना जल्दबाजी होगा। मोहंती इस समिति के सदस्य हैं।
मान लें कि अभी आपकी आयु 30 साल है और 50 साल की उम्र में रिटायर होना चाहते हैं। आपके पास एक फंड बनाने के लिए 20 साल हैं।
भारतीय जीवन बीमा निगम द्वारा अपनी सरल पेंशन स्कीम को लॉन्च करने के साथ ही इस बात पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए कि देश में एक प्रभावी रिटायरमेंट प्रोडक्ट की बहुत आवश्यकता है।
अगर आपने अभी तक रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए निवेश शुरू नहीं किया है तो अब देर मत कीजिए। जल्दी निवेश शुरू करने पर आप आसानी से रिटायरमेंट के लिए फंड जमा कर पाएंगे।
इंवेस्टमेंट प्रोफेशनल्स लोगों को आर्थिक लक्ष्य तय करने की सलाह देते हैं जिसे सिर्फ अपने पर्सनल फाइनेंस के प्रभावी प्रबंधन से ही प्राप्त किया जा सकता है।
रिटायरमेंट प्लान के बारे में कहा जाता है कि शुरुआत ‘जितना जल्दी हो, उतना ही बेहतर होता है’, लेकिन इसकी शुरूआत कभी भी की जा सकती है।
बचत और निवेश की शैली में भी शादी के बाद परिवर्तन होना स्वाभाविक है। अगर आप शुरु से ही बचत-प्रेमी हैं तो शादी के बाद भी नियमित बचत के अनुशासन को मत छोड़ें।
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