यह फैसला न केवल मकान मालिकों के अधिकारों को मजबूती देता है, बल्कि भविष्य में ऐसे सभी मामलों के लिए एक कानूनी मिसाल भी स्थापित करता है, जहां किरायेदार मालिकाना हक को चुनौती देते हैं।
सास-ससुर की प्रॉपर्टी पर किसका अधिकार है, इस संबंध में भी कई तरह के कानून बनाए गए हैं। अब यहां एक बड़ा सवाल ये खड़ा होता है कि क्या सास-सुसर की संपत्ति पर बहू का भी अधिकार होता है? इसका सीधा-सा सवाल ये है कि सास-ससुर की स्व-अर्जित की गई प्रॉपर्टी पर बहू का कोई कानूनी अधिकार नहीं होता है।
प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में 2 गवाहों की जरूरत पड़ती है और ये अनिवार्य है। गवाह के बिना किसी भी प्रॉपर्टी की डील नहीं हो सकती है। इन गवाहों को पूरी डील के दौरान मौजूद रहना होता है। प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री में गवाहों को लेकर भी कई तरह के नियम-कानून है और यहां हम उन्हीं के बारे में जानेंगे।
आप जिस मकान में रह रहे हैं या आपने हाल ही में जो मकान खरीदा है, उसकी रजिस्ट्री हुई है या नहीं, इसका पता बहुत आसानी से लगाया जा सकता है। आप अपने घर-मकान आदि की रजिस्ट्री आसानी से ऑनलाइन चेक कर सकते हैं। यहां हम आपको प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री चेक करने का सबसे आसान तरीका बताने जा रहे हैं।
कानून के मुताबिक कोई अगर माता-पिता अपनी खुद की कमाई से अर्जित की गई पूरी प्रॉपर्टी अपनी शादीशुदा बेटी को दे सकते हैं और ऐसी स्थिति में उनका बेटा यानी लड़की का भाई कुछ नहीं कर सकता है। हालांकि, पैतृक संपत्ति के मामले में भाई और बहन अपने पिता की प्रॉपर्टी में बराबर के हिस्सेदार होते हैं।
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