नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास अपने आशियाने का सपना देखने वालों के लिए नया साल बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) नए साल पर हजारों लोगों के सपनों को पंख देने की तैयारी में है।
घर बनाने में इस्तेमाल होने वाली सबसे बेसिक मैटेरियल्स में ईंट, बालू, गिट्टी, सीमेंट, स्टील जैसी चीजें शामिल हैं। इसके अलावा, घर बनाने में लेबर का खर्च भी काफी अहम होता है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल के तहत गौतमबुद्ध नगर जिले के जेवर में बनाया जा रहा है।
सभी परिवहन निगमों ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। जैसे ही नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का परिचालन शुरू होगा, ये बस सेवाएं भी तुरंत शुरू कर दी जाएंगी। यह पश्चिमी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र के लाखों लोगों को बेहतर, सीधी और भरोसेमंद कनेक्टिविटी का लाभ देगी।
मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक, अबतक ट्रांसफर फीस से छूट माता-पिता, भाई-बहन, पत्नी के लिए जरिये संपत्ति लेने पर दी जाती रही है। इस नए फैसले से काफी लोगों को फायदा मिलेगा।
कॉमर्शियल गाड़ियों को रिफ्लेक्टर लगाने के भी निर्देश दिए हैं। बिना रिफ्लेक्टर एक्सप्रेसवे में प्रवेश नहीं कर पाएंगे। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहन भी जब्त कर ली जाएगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को लेकर इंतजार अब खत्म होने की कगार पर है। जेवर में बन रहा यह एयरपोर्ट न सिर्फ उत्तर भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने जा रहा है, बल्कि इसके शुभारंभ को पीएम नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक जनसभा से जोड़कर देखा जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में पर्यटन और कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने वाला बड़ा कदम उठाया गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अब ताजमहल, मथुरा-वृंदावन और प्रदेश के कुल 10 प्रमुख जिलों के लिए सीधी बस सेवाएं शुरू की जाएंगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब उड़ान भरने के एकदम करीब है। देश के सबसे आधुनिक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस इस एयरपोर्ट पर दूसरा यात्री टर्मिनल ट्रायल भी सफल रहा है। एयरपोर्ट प्रबंधन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर वीडियो साझा कर इस बात की जानकारी दी।
दिल्ली-NCR के लोगों का इंतजार अब लगभग खत्म होने वाला है। उत्तर प्रदेश के जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) जल्द उड़ान भरने के लिए तैयार है। यह दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट (IGI) के बाद एनसीआर का दूसरा बड़ा एविएशन हब बनने जा रहा है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट 3300 एकड़ में फैला है। यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट भारत के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है। इस एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली एयरपोर्ट पर एयर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।
उत्तर भारत का बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) अब अपने उद्घाटन की अंतिम तैयारी में है। यह न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर की हवाई सुविधा को दोगुना करेगा बल्कि पूरे उत्तर भारत के यात्रियों के लिए एक नया हब साबित होगा।
यह परियोजना नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है, जो इस क्षेत्र को देश के हाई-स्पीड रेल मानचित्र पर एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में स्थापित करेगी।
अथॉरिटी ने कहा है कि जो लोग अपने आवंटित प्लॉट पर निर्माण कार्य कर रहे हैं, उन्हें 6 महीने का समय दिया जाएगा, ताकि उनका काम पूरा हो सके।
रेसिडेंशियल प्लॉट का अलॉटमेंट ई-नीलामी के जरिये किया जाएगा। इस योजना के तहत बोली लगाने वालों को रिजर्व प्राइज से अधिक की बोली लगानी होगी।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण 1334 हेक्टेयर जमीन में फैला होगा और इसे 4 अलग-अलग चरणों में शुरू किया जाएगा।
लंबे समय से यात्रियों की इस मांग को ध्यान में रखते हुए नोएडा मेट्रो और दिल्ली मेट्रो ने मिलकर यह फैसला किया है। साथ ही नोएडा सेक्टर 51 मेट्रो पर स्काई वॉक का काम भी पूरा हो चुका है और इसे जल्द शुरू किया जाएगा।
अगर एयरपोर्ट से 20 किमी के दायरे में आपकी जमीन है और आप वहां घर-मकान बनाने जा रहे हैं तो आपको एएआई से एनओसी (अनापत्ति प्रमाणपत्र) लेना अनिवार्य होगा।
ये क्षेत्र बरौला में स्थित हनुमान जी की मूर्ति के नजदीक है। नोएडा अथॉरिटी ने अपील की है कि कोई भी व्यक्ति, किसी भी व्यक्ति के झांसे में आकर इन इलाकों में बिना जांच-पड़ताल और पूरी जानकारी प्राप्त किए बगैर प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त न करें।
कई ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी में अथॉरिटी से पास नक्शे से अलग हटकर टावरों का निर्माण किया गया है। कहीं टावरों की ऊंचाई बढ़ाई गई है तो कहीं जो जगह ग्रीन बेल्ट दिखाई गई थी, वहीं टावर खड़े कर दिए गए हैं।
लेटेस्ट न्यूज़