GST Rate Cut List: जीएसटी काउंसिल के ऐलान से आम आदमी के जीवन में इस्तेमाल होने वाली रोजमर्रा की चीजें सस्ती होने जा रही हैं। पनीर, छेना, कोई भी पराठे या भारतीय रोटियों पर अब कोई जीएसटी नहीं देना होगा।
GoM की यह सिफारिशें अब जीएसटी काउंसिल को भेजी जाएंगी। परिषद की मंजूरी के बाद ही यह बदलाव लागू होंगे। अगर ऐसा होता है तो यह जीएसटी के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा सुधार कहलाएगा।
दिवाली से पहले जीएसटी काउंसिल की बैठक में इस पर फैसला संभव है। मौजूदा समय में GST के चार मुख्य स्लैब हैं-5%, 12%, 18% और 28% हैं जिसे कम कर दो स्लैब में लाने का प्रस्ताव है। टैक्स ढांचा सरल होने से कॉम्प्लायंस कॉस्ट घटेगा, जिससे कंपनियां कीमतें घटा सकती हैं।
1 जुलाई, 2017 से लागू किए गए जीएसटी ने 17 टैक्स और 13 सरचार्ज को एकीकृत किया है। यह भारत की आर्थिक प्रगति के चालक के रूप में अपनी भूमिका को मजबूत कर रहा है।
दिसंबर 2024 के दौरान, घरेलू लेनदेन से जीएसटी 8.4 प्रतिशत बढ़कर 1.32 लाख करोड़ रुपये हो गया, जबकि आयात पर टैक्स से राजस्व लगभग 4 प्रतिशत बढ़कर 44,268 करोड़ रुपये हो गया।
निर्यातकों के लिए जीएसटी प्रक्रिया सरल बनाने और उसमें तेजी लाने के लिए वित्त मंत्रालय कदम उठाने की तैयारी में है। इसके तहत जीएसटी रिफंड की मंजूरी और प्रसंस्करण दोनों काम एक ही व्यवस्था या प्राधिकरण करेगा।
माह दर माह आधार पर GSTR-3B रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या में लगातार सुधार देखा जा रहा है। 20 नवंबर, 2017 तक अक्तूबर के लिए 43.67 लाख इकाइयों ने रिटर्न दाखिल किया था
जापानी कार निर्माता कंपनी Nissan ने अपने डैटसन ब्रांड समेत अन्य वाहनों की कीमत में कटौती की घोषणा की है। ऐसा उसने जीएसटी की वजह से किया है।
वित्त मंत्री ने शनिवार को IndiaTV के GST पर हुए स्पेशल शो के दौरान उन्होंने कहा कि GST के तहत 4 स्लैब इसलिए रखें है ताकि, आम आदमी पर महंगाई का बोझ नहीं बढ़े
आज रात 12 बजे से देश में गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स (GST) लागू हो जाएगा। बहुत सी वस्तुओं और सेवाओं के दाम बदलने से हर भारतीय पर इसका असर पड़ेगा।
30 जून की आधी रात को ससंद का स्पेशल सेशन बुलाकर ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल में इसको मंजूरी दी जाएगी। GST की लॉन्चिंग के कार्यक्रम में कई मशहूर हस्ती मौजूद रहेंगी।
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