केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया ने बताया कि भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी आंकड़ों के बीच एक सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की डिमांड में तेजी जारी रहेगी।
वायदा बाजार में सोने के भाव में हाल के दिनों में लगातार तेजी का रुझान देखा गया है। चांदी तो और भी तेजी से लगातार नए रिकॉर्ड बनाती देखी जा रही है। जानकारों का मानना है कि इस साल भी दोनों धातुओं में तेजी का रुख देखने को मिल सकता है।
जानकारों का मानना है कि डॉलर में कमजोरी और US ट्रेजरी यील्ड में नरमी के कारण स्पॉट गोल्ड में पॉजिटिव रुझान के साथ ट्रेड होने और $4500 के लेवल तक बढ़ने की संभावना है।
मंगलवार को चांदी की कीमत 7000 रुपये की बंपर तेजी के साथ 2,51,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी और सोमवार को इसका भाव 2,44,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।
ग्लोबल मार्केट में भी सोना लगभग $4,480 प्रति औंस पर आ गया, जिससे पिछले दो दिनों की तेजी रुक गई। निवेशक जियोपॉलिटिकल जोखिमों को नज़रअंदाज करते हुए अमेरिकी आर्थिक डेटा, खासकर दिसंबर जॉब्स रिपोर्ट पर ध्यान दे रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में आज हाजिर सोना 11.45 डॉलर या 0.26 प्रतिशत बढ़कर 4460.49 डॉलर प्रति औंस हो गया।
वायदा बाजार में चांदी ने आज 2.50 लाख रुपये का आंकड़ा भी पार कर लिया। उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें बढ़कर 4,460 डॉलर प्रति औंस से ऊपर पहुंच गईं।
सर्राफा एसोसिएशन ने कहा कि भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ने के कारण सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने और चांदी दोनों की मांग में आज इजाफा देखने को मिला।
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, चांदी के निर्यात पर चीन के नए प्रतिबंधों से ग्लोबल सप्लाई प्रभावित होने और निकट भविष्य में बुलियन की कीमतों को प्रभावित करने की भी उम्मीद है।
साल के आखिरी दिन चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई और इसमें पिछले 6 दिनों से जारी रिकॉर्ड तोड़ रैली थम गई।
कीमती धातुओं के बाजार में बुधवार को निवेशकों को बड़ा झटका लगा। बीते कुछ दिनों की तेजी के बाद सोने और चांदी में अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली, जिससे दोनों धातुओं के दाम लुढ़क गए।
चांदी की तरह, आज सोना भी बढ़त के साथ ऊंचे भाव पर खुला, लेकिन प्रॉफिट बुकिंग के कारण इसकी बढ़त भी नुकसान में बदल गई।
सोने की कीमतों में इस साल अभी तक 63,350 रुपये यानी 80.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी ने भी इतिहास रच दिया। हाजिर चांदी पहली बार 75 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई। इस साल अब तक सोने की कीमतों में 63,350 रुपये यानी 80.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो चुकी है।
साल के आखिरी दिनों में सोना-चांदी निवेशकों को चौंकाने वाले स्तर पर पहुंच गए हैं। 26 दिसंबर की सुबह देशभर के सर्राफा बाजारों में सोने ने नया रिकॉर्ड बना लिया, वहीं चांदी की कीमत में एक झटके में 8000 रुपये से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई।
जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियां स्थिर नहीं होतीं और डॉलर में मजबूती नहीं आती, तब तक बुलियन मार्केट में तेजी का यह रुख जारी रह सकता है।
सोमवार को, चांदी की कीमतें 10,400 रुपये की बंपर तेजी के साथ 2,14,500 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।
जानकार कहते हैं कि लंबे समय के अनुमान मोटे तौर पर पॉजिटिव बने हुए हैं। आने वाले सालों में सोने की कीमतें बढ़ेंगी, जिसके लिए वे सेंट्रल बैंक की लगातार डिमांड, जियोपॉलिटिकल जोखिम और बड़ी इकॉनमी में धीरे-धीरे आसान मॉनेटरी पॉलिसी को सपोर्टिंग फैक्टर बता रहे हैं।
पिछले हफ्ते शुक्रवार को चांदी की कीमत 3500 रुपये की गिरावट के साथ 2,04,100 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।
बीते एक हफ्ते में चांदी की कीमत में रिकॉर्ड 16,000 रुपये प्रति किलो की उछाल देखने को मिली है, जबकि सोने में भी हल्की लेकिन लगातार मजबूती बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय संकेतों और घरेलू मांग के बीच कीमती धातुओं की चाल निवेशकों के लिए अहम बन गई है।
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