वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में घोषित की गई ये योजना साल 2023 में ही शुरू कर दी गई थी। इस योजना के तहत देश की सभी वर्गों की महिलाएं खाता खुलवा सकती हैं। इस योजना में सिर्फ महिलाओं के ही खाते खोले जाते हैं। महिलाओं के लिए शुरू की गई इस सेविंग्स स्कीम पर 7.5 प्रतिशत का बंपर ब्याज मिल रहा है।
शुक्रवार को बीएसई सेंसेक्स 740.76 अंकों (0.97%) की बढ़त के साथ 77,500.57 अंकों पर बंद हुआ। जबकि, एनएसई का निफ्टी 50 भी 258.90 अंकों (1.11%) की तेजी के साथ 23,508.40 अंकों पर बंद हुआ। बताते चलें कि शेयर बाजार ने कल गुरुवार को भी हरे निशान में कारोबार बंद किया था।
Economic Survey 2025: वित्त वर्ष 2024-25 का इकोनॉमिक सर्वे संसद में पेश हो गया है। इकोनॉमिक सर्वे के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की जीडीपी ग्रोथ रेट 6.3 फीसदी से 6.8 फीसदी के बीच रह सकती है।
आर्थिक सर्वेक्षण वित्त मंत्रालय में आर्थिक मामलों के विभाग के आर्थिक प्रभाग द्वारा मुख्य आर्थिक सलाहकार की देखरेख में तैयार किया जाता है। वित्त मंत्री 1 फरवरी को आम बजट भी पेश करने वाली हैं।
अगर आप घर पर हैं और टीवी पर बजट भाषण देखना चाहते हैं तो आप हमारे टीवी चैनल इंडिया टीवी पर बजट की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं। इसके अलावा, आप संसद टीवी चैनल पर भी बजट भाषण की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।
भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) की एक गाइडलाइन के मुताबिक, 1 फरवरी से UPI ट्रांजैक्शन आईडी में विशेष वर्णों वाले सभी लेनदेन को अस्वीकृत कर देगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में देश का इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी। यह वित्त वर्ष 2024-25 की आर्थिक समीक्षा होगी, जो देश की आर्थिक स्थिति का लेखा-जोखा पेश करेगी।
बजट सत्र, साल का पहला सत्र होता है। बजट सत्र के बाद संसद में मॉनसून सत्र और अंत में शीतकालीन सत्र चलता है। इस बजट सत्र में सरकार कई बिल लाने की तैयारी में है। संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि बजट सत्र के लिए कुल 16 बिल और 19 बिजनेस पहले से ही संसद में लिस्ट हैं।
वित्त वर्ष 2025 में सरकार का सकल उधार बजट 14.01 लाख करोड़ रुपये था। सरकार अपने राजकोषीय घाटे को पूरा करने के लिए बाजार से उधार लेती है।
सबसे लंबा बजट भाषण सीतारमण ने एक फरवरी, 2020 को दो घंटे 40 मिनट का दिया। वर्ष 1977 में हीरूभाई मुलजीभाई पटेल का अंतरिम बजट भाषण अब तक का सबसे छोटा भाषण है, जिसमें केवल 800 शब्द हैं।
निवेशकों के लिए बजट के दिन शेयर बाजार का खासा महत्व होता है। बजट में की गई घोषणाओं का एनएसई और बीएसई पर असर देखने को मिलता है।
बालाजी ने कंपनी के तिमाही नतीजों पर चर्चा में कहा कि अच्छे त्योहारी मौसम के बाद कई कारकों की वजह से मांग कमजोर रही है। इसमें नकदी की तंग स्थिति और बाजार की स्थिति का ‘बहुत अच्छा नहीं होना जैसे कारक शामिल हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार अपना आठवां बजट इस बार पेश करेंगी। इसके साथ ही कई पुराने रिकॉर्ड टूट जाएंगे।
नई कर व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य कर ढांचे को सरल बनाना और जटिलताओं को कम करना है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि कटौती का दावा करने वाले व्यक्ति पुरानी व्यवस्था के तहत भी लाभ प्राप्त कर सकें।
किसी प्रोजेक्ट के लिए, डेवलपर्स को एनएचएआई, एएआई, अग्निशमन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड आदि जैसे विभिन्न केंद्रीय और राज्य स्तरीय प्राधिकरणों से कई अनापत्ति प्रमाण पत्र/अनुमोदन/अनुमति लेने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम की मांग है।
धर्मेंद्र मलिक ने सरकार से मांग की है कि एमएसपी का दायरा मौजूदा 23 उपज से आगे बढ़ाया जाना चाहिए। मलिक ने इस मांग को समझाते हुए कहा कि अगर सरकार ऐसा करती है तो किसानों को फसलों की कीमत में होने वाले उतार-चढ़ाव से सुरक्षित रखा जा सकता है।
संदीप नेलवाल ने कहा, ‘‘मजबूत बजट स्वस्थ कार्यबल की जरूरतों को पूरा करेगी भारत को आत्मनिर्भर बनाएगा, जो ऑन्त्रेप्रेन्यॉरियल वेंचर्स को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण है। इससे हेल्थकेयर इक्विपमेंट और मेडिसिन सेगमेंट में लोकल लेवल पर इनोवेशन और मैन्यूफैक्चरिंग भी बढ़ेगी, जिससे इंपोर्ट कॉस्ट कम होगा।’’
रेलवे शेयरों में ओरिएंटल, इरकॉन जुपिटर वैगन्स और टीटागढ़ अपने 52-सप्ताह के उच्च स्तरों से लगभग 50% गिर गए, जबकि राइट्स, बीईएमएल, रामकृष्ण फोर्जिंग्स, टेक्समैको रेल, आईआरएफसी अपने उच्च स्तरों से 30% से अधिक लुढ़क गए।
भारतीय सेना के प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अभी हाल ही में कहा था कि केंद्र द्वारा पेश किए जाने वाले बजट में सेना की मांग और इच्छाएं पूरी होती रही हैं। जनरल द्विवेदी ने कहा था कि सेना ऑपरेशन्स को ध्यान में रखते हुए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और नया हेडक्वार्टर बनाने पर विचार कर रही है।
पुरानी टैक्स व्यवस्था को पूरी तरह से हटाने की डेडलाइन को लेकर भी अटकलें हैं, क्योंकि टैक्सपेयर्स ने दो समानांतर टैक्स सिस्टम से पैदा होने वाली जटिलताओं के बारे में चिंता व्यक्त की है।
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