भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने चुपके से ग्राहकों को बड़ा झटका दे दिया है। अब स्टेट बैंक से लोन लेना और भी महंगा हो गया है। इस बढ़ोत्तरी के चलते नए और पुराने ग्राहकों की ईएमआई भी बढ़ जाएगी। दरअसल एसबीआई ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेडिंग रेट (SBI MCLR Hike) बढ़ा दी हैं। नई दरें 15 जुलाई से लागू हो गई हैं। इससे पहले जून में भी एसबीआई ने एमसीएलआर में इजाफा किया था।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी करने के बाद से देश के सभी बैंकों ने होम लोन, पर्सनल लोन और ऑटो लोन की ब्याज दरें बढ़ा दी हैं। RBI ने इस साल मई में रेपो रेट 0.40 फीसदी और जून में 0.50 फीसदी का इजाफा कर दिया था। दो बार वृद्धि के बाद रेपो रेट 4.90 फीसदी पर पहुंच गया है।
ये होंगी नई दरें
एसबीआई ने MCLR में वृद्धि का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
- एक साल के लोन के लिए एमसीएलआर 7.40 से बढ़कर 7.50 फीसदी
- छह महीने के लोन के लिए एमसीएलआर 7.35 से बढ़कर 7.45 फीसदी
- दो साल और तीन साल के लिए एमसीएलआर 7.70 फीसदी से बढ़कर 7.80 प्रतिशत
दूसरे बैंकों ने भी बढ़ाया MCLR
एचडीएफसी बैंक और आईसीआईसीआई बैंक ने भी एमसीएलआर रेट्स बढ़ाए हैं। एचडीएफसी ने सभी अवधि के लोन के लिए एमसीएलआर में वृद्धि की है। आईसीआईसीआई बैंक ने सभी अवधि के लोन के लिए एमसीएलआर में 20 बेसिस प्वॉइंट्स का इजाफा किया है।
क्या होता है MCLR?
बैंकों के लोन के लिए MCLR बेंचमार्क होता है। इसमें वृद्धि होने पर लोन की ब्याज दर बढ़ जाती है। रिजर्व बैंक ने नियंत्रित करने के लिए मई और जून में रेपो रेट में बढ़ोतरी की थी। उसके बाद से सभी बैंकों ने भी अपना एमसीएलआर बढ़ा दिया है।