Tuesday, January 06, 2026
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Economic Survey 2025: क्या होता है इकोनॉमिक सर्वे, क्यों इसे कहा जाता है देश की आर्थिक स्थिति का लेखा-जोखा?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में देश का इकोनॉमिक सर्वे पेश करेंगी। यह वित्त वर्ष 2024-25 की आर्थिक समीक्षा होगी, जो देश की आर्थिक स्थिति का लेखा-जोखा पेश करेगी।

Written By: Pawan Jayaswal
Published : Jan 31, 2025 08:10 am IST, Updated : Jan 31, 2025 01:17 pm IST
निर्मला सीतारमण- India TV Paisa
Photo:FILE निर्मला सीतारमण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज शुक्रवार को वित्त वर्ष 2024-25 का इकोनॉमिक सर्वे (Economic Survey) पेश करेंगी। यह इकोनॉमिक सर्वे चालू वित्त वर्ष में इकोनॉमी की परफॉर्मेंस के आकलन के साथ देश के सामने आने वाली चुनौतियों को बयां करता है। केंद्रीय बजट से पहले संसद में पेश होने वाला इकोनॉमिक सर्वे सुधारों और विकास का खाका भी प्रदान करता है। मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन के नेतृत्व वाली टीम ने इस सर्वे को तैयार किया है। यह अगले वित्त वर्ष के लिए दिशा प्रदान करने के अलावा अर्थव्यवस्था और विभिन्न क्षेत्रों में विकास की रूपरेखा को बयां करता है।

इकोनॉमिक सर्वे में क्या होगा खास

इकोनॉमिक सर्वे में धीमी जीडीपी ग्रोथ, डॉलर के मुकाबले गिरते रुपये और कमजोर डिमांड जैसे प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से जानकारी व आकलन आने की उम्मीद है। गरीबी मिटाने, जलवायु परिवर्तन, एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास और वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी चुनौतियों को लेकर सर्वे में अक्सर नये और लीक से हटकर सुझाव दिये जाते हैं। वित्त मंत्री शनिवार को नरेन्द्र मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का दूसरा बजट पेश करेंगी। बजट सत्र आज शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करने के साथ शुरू हुआ है। इस बजट सत्र का पहला पार्ट 13 फरवरी को समाप्त होगा और दूसरा पार्ट 10 मार्च को शुरू होकर चार अप्रैल को समाप्त होगा।

क्या है इकोनॉमिक सर्वे का महत्व?

इकोनॉमिक सर्वे से देश की आर्थिक स्थिति का पता चलता है। यह एक तरह से पॉलिसी मेकर्स को गाइड भी करता है। इकोनॉमिक सर्वे में बीते वर्षों में देश की आर्थिक स्थिति का विश्लेषण किया जाता है। इस दस्तावेज में इकोनॉमी से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियों की भी समीक्षा होती है। इकोनॉमिक सर्वे में जीडीपी ग्रोथ, महंगाई दर, वित्तीय घाटे और रोजगार जैसे महत्वपूर्ण आंकड़ों के बारे में विस्तार से बताया जाता है।

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