भारतीय कारोबार अगले एक साल तक भूटान (Bhutan) से बिना लाइसेंस के आलू का आयात कर सकेंगे। केंद्र सरकार (Central Government) ने इस संबंध में एक बड़ा फैसला लिया है। इसके तहत सरकार ने सोमवार को जून, 2024 तक एक और साल के लिए भूटान से बिना लाइसेंस के आलू के आयात की अनुमति दे दी है। यह सीमा इस साल 30 जून को समाप्त हो गई थी। इस प्रकार इस अवाि को अब अगले एक साल तक बढ़ा दिया गया है।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने एक अधिसूचना में कहा, ‘‘30 जून, 2024 तक बिना किसी आयात लाइसेंस के भूटान से आलू के आयात की अनुमति है।’’ वर्ष 2022-23 में ताजा या ठंडे आलू का आयात 10.2 लाख डॉलर का हुआ था।
चामुर्ची से होगा सुपाड़ी का आयात
एक अलग अधिसूचना में, डीजीएफटी ने कहा कि भूटान से न्यूनतम आयात मूल्य (एमआईपी) शर्त के बिना 17,000 टन ताजा (हरी) सुपारी के आयात को भी एलसीएस (भूमि सीमा शुल्क स्टेशन) चामुर्ची (आईएनसीएचएमबी) के माध्यम से अनुमति दी जाएगी। चामुर्ची, जलपाईगुड़ी जिले का एक छोटा सा गांव है। यह भूटान सीमा के करीब है। आईएनसीएचएमबी एक स्थान कोड है।
टूटे चावल के लिए कोटा तय
एक व्यापार सूचना के अनुसार, इसके अलावा, निदेशालय ने अन्य देशों की सरकारों से प्राप्त अनुरोधों के आधार पर मानवीय और खाद्य सुरक्षा के आधार पर टूटे हुए चावल के निर्यात के लिए कोटा आवंटन की एक प्रक्रिया निर्धारित की है। इसने सेनेगल, गाम्बिया और इंडोनेशिया को टूटे हुए चावल के निर्यात के लिए लाइसेंस प्राप्त करने के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि छह जुलाई तक बढ़ा दी है। इसमें कहा गया है, ‘‘किसी भी आवेदक द्वारा गलत घोषणा के मामले में या निर्दिष्ट समय अवधि के भीतर संबंधित देश (देशों) को आवंटित कोटा निर्यात करने में विफल रहने वाले किसी भी आवेदक को अगले दो वित्त वर्षों के लिए ‘ब्लैकलिस्ट’ (काली सूची) किया जाएगा तथा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।’’