भारत को विकसित देश बनने के लिए विनिर्माण को तेज करना होगा और जीडीपी में इसका योगदान बढ़ाकर 25 प्रतिशत करने की जरूरत है। वोल्वो ग्रुप इंडिया के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष कमल बाली ने मंगलवार को यह बात कही। पीटीआई की खबर के मुताबिक, वोल्वो ने कहा कि भारत को गुणवत्ता पर ध्यान केंद्रित करके अपने पड़ोसी से दूसरे भौगोलिक क्षेत्रों में तीन लाख करोड़ डॉलर के विनिर्माण अवसर को भुनाने की जरूरत है।
विनिर्माण को पूरी क्षमता से काम करना होगा
खबर के मुताबिक, बाली ने कहा कि अगर हमें विकसित भारत बनना है तो स्पष्ट तौर पर विनिर्माण को पूरी क्षमता से काम करना होगा। फिलहाल विनिर्माण क्षेत्र हमारी कमजोर कड़ी है। उन्होंने कहा कि पिछले 20-25 सालों से विनिर्माण क्षेत्र भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 15-16 प्रतिशत स्तर पर बना हुआ है। बाली ने कहा कि एक के बाद एक सरकारों और विभिन्न नेताओं ने कोशिश की है लेकिन इसकी सुई बहुत आगे नहीं बढ़ी है। इसलिए, इसमें बदलाव होना चाहिए।
यह एक बड़ा कदम होगा
कमल बाली ने जर्मनी, दक्षिण कोरिया और चीन जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि इनमें से अधिकांश देश 40 से 50 सालों से विनिर्माण के माध्यम से आगे बढ़ रहे हैं। भारत भी इससे अलग नहीं होगा। इसलिए विनिर्माण क्षेत्र को जीडीपी के 25 प्रतिशत तक बढ़ाना होगा। हालांकि बाली ने स्वीकार किया कि यह एक बड़ा कदम होगा और यह एक तरह से चुनौती भी है। उन्होंने कहा कि इसके लिए, ब्रांड इंडिया की धारणा को बदलना होगा और यह धारणा सिर्फ क्वालिटी पर मानसिकता बदलने के साथ ही बदल सकती है।
वोल्वो कार इंडिया ने इस साल की शुरुआत में पारंपरिक इंजन वाले वाहनों की कीमतों में दो प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। हालांकि, कंपनी ने इलेक्ट्रिक वाहनों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया था। वोल्वो कार इंडिया एक्ससी60, एस90, एक्ससी 90 कारों की बिक्री करती है।। इसके अलावा, इलेक्ट्रिक कार एक्ससी40 रिचार्ज और सी40 रिचार्ज की भी बिक्री करती है।